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संरक्षित क्षेत्र: राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य,  जैव मंडल आरक्षित केंद्र

भारत के संरक्षित क्षेत्र

संरक्षित क्षेत्र यूपीएससी पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय है। उम्मीदवारों को इस विषय पर एक बेहतर वैचारिक समझ होनी चाहिए क्योंकि इस खंड से यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा दोनों में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह एक 2-लेख श्रृंखला होगी, जहां इस लेख में हम राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव  अभ्यारण्यों, आरक्षित केंद्रों एवं सामुदायिक आरक्षित केंद्रों पर चर्चा करेंगे। आगामी लेख में, हम भारत में जैव मंडल आरक्षित केंद्रों पर चर्चा करेंगे।

 

भारत की जैव विविधता

  • भारत के पास विश्व के भूमि क्षेत्र का मात्र 4%, विश्व की 16.7% मानव जनसंख्या एवं 18% पशुधन है, यद्यपि, यह ज्ञात वैश्विक जैव विविधता का लगभग 8% योगदान देता है।
  • भारत भी विश्व के 17 विशाल विविधता वाले देशों में से एक है।

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भारत में संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क

  • राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य संरक्षित प्राकृतिक आवास हैं, जिन्हें सरकार द्वारा वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत घोषित किया गया है।
  • संरक्षित क्षेत्रों की विभिन्न श्रेणियां हैं, जिन्हें संरक्षण के व्यापक उद्देश्य के लिए विभिन्न उद्देश्यों के साथ प्रबंधित किया जाता है।
  • भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक नीतिगत ढांचा प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना (2002-2016) को 2002 में अपनाया गया था, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के लिए लोगों की सहभागिता एवं उनके समर्थन पर बल दिया गया था।

 

राष्ट्रीय उद्यान क्या हैं?

  • राष्ट्रीय उद्यान पर्याप्त पारिस्थितिकी, प्राणिजात, वनस्पतिजात, भू-आकृति विज्ञान, प्राकृतिक या प्राणीशास्त्रीय महत्व वाला क्षेत्र है।
  • राष्ट्रीय उद्यान को अभ्यारण्य की भांति वन्य जीवन या उसके पर्यावरण की रक्षा, प्रचार या विकास के उद्देश्य से घोषित किया गया है।
  • यहां भारत में राष्ट्रीय उद्यानों की सूची दी गई है।

 

वन्यजीव अभ्यारण्य क्या हैं?

  • अभ्यारण्य एक ऐसा क्षेत्र है जो पर्याप्त पारिस्थितिकी, प्राणिजात, वनस्पतिजात, भू-आकृति विज्ञान, प्राकृतिक या प्राणीशास्त्रीय महत्व का है।
  • अभ्यारण्य को वन्य जीवन या उसके पर्यावरण की रक्षा, प्रचार या विकास के उद्देश्य से घोषित किया गया है।
  • अभ्यारण्य के अंदर निवास करने वाले लोगों के कुछ अधिकारों की अनुमति प्रदान की जा सकती है।
  • इसके अतिरिक्त, दावों के निपटारे के दौरान, अभ्यारण्य को अंतिम रूप से अधिसूचित करने से पूर्व,  जिलाधिकारी/समाहर्ता अभ्यारण्य की सीमा के भीतर किसी भी भूमि में या उस पर किसी भी व्यक्ति के किसी भी अधिकार को जारी रखने की अनुमति प्रदान कर सकता है।

भारत में जैव मंडल आरक्षित केंद्रों/बायोस्फीयर रिजर्व की सूची

राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य के मध्य अंतर

अभ्यारण्य  एवं राष्ट्रीय उद्यान के मध्य का अंतर मुख्य रूप से अंदर निवास करने वाले लोगों के अधिकारों में निहित है।

 

राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव अभ्यारण्य
किसी भी अधिकार की अनुमति नहीं है कुछ अधिकारों की अनुमति दी जा सकती है।
किसी भी पशु को चराने की अनुमति भी नहीं होगी। मुख्य वन्यजीव संरक्षक इसे विनियमित, नियंत्रित अथवा प्रतिबंधित कर सकते हैं।
राष्ट्रीय उद्यान से हटाने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की संस्तुति की आवश्यकता होती है अभ्यारण्य से किसी भी वन्यजीव या वन  उत्पाद को हटाने अथवा दोहन के लिए राज्य वन्यजीव बोर्ड की संस्तुति की आवश्यकता होती है।

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संरक्षण रिजर्व एवं सामुदायिक रिजर्व

संरक्षण रिजर्व

  • राज्य सरकारों द्वारा सरकार के स्वामित्व वाले किसी भी क्षेत्र में, विशेष रूप से राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभ्यारण्यों के आस-पास के क्षेत्रों एवं उन क्षेत्रों में जो एक संरक्षित क्षेत्र को दूसरे के साथ जोड़ते हैं, संरक्षण आरक्षित केंद्र घोषित किया जा सकता है।
  • ऐसी कोई घोषणा स्थानीय समुदायों के साथ विचार-विमर्श करने के पश्चात की जानी चाहिए।
  • संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों की घोषणा भू-दृश्यों, समुद्री दृश्यों, वनस्पतियों एवं जीवों तथा उनके पर्यावास की सुरक्षा के उद्देश्य से की जाती है।
  • एक संरक्षण आरक्षित क्षेत्र के अंदर निवास करने वाले लोगों के अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।

 

सामुदायिक रिजर्व

  • सामुदायिक रिजर्व की घोषणा राज्य सरकार द्वारा किसी भी निजी या सामुदायिक भूमि में की जा सकती है, न कि राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य या संरक्षण रिजर्व के भीतर, जहां किसी व्यक्ति या समुदाय ने स्वेच्छा से वन्यजीव एवं उसके पर्यावास के संरक्षण के लिए स्वेच्छा से अपनी सेवा समर्पित की है।
  • प्राणिजात, वनस्पतिजात एवं पारंपरिक या सांस्कृतिक संरक्षण मूल्यों तथा प्रथाओं की रक्षा के उद्देश्य से सामुदायिक  रिजल्ट घोषित किए गए हैं।
  • जैसा कि एक संरक्षण आरक्षित क्षेत्र के मामले में होता है, सामुदायिक रिजर्व के अंदर निवास करने वाले लोगों के अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
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