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2030 तक एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत

2030 तक एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत: प्रासंगिकता

  • जीएस 3: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं नियोजन, संसाधन, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित मुद्दे।

 

2030 तक एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत: प्रसंग

  • आईएचएस मार्किट द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 2030 तक जापान से एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे निकल जाने की संभावना है

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2030 तक एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत: मुख्य बिंदु

  • वर्तमान में, भारत अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी एवं यूनाइटेड किंगडम के बाद विश्व की छठी सर्वाधिक वृहद अर्थव्यवस्था है।
  • रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि भारत 2030 तक विश्व के तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में रैंक करने हेतु जर्मनी एवं यूके तथा जापान से आगे निकल जाएगा।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सांकेतिक जीडीपी (नॉमिनल जीडीपी) को अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में मापा गया है, जो 2021 में 7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 8.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।
  • आर्थिक विस्तार की इस तीव्र गति के परिणामस्वरूप भारतीय सकल घरेलू उत्पाद का आकार 2030 तक जापान के सकल घरेलू उत्पाद से अधिक हो जाएगा, जिससे भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
  • कुल मिलाकर, भारत के अगले दशक में विश्व की सर्वाधिक तीव्र गति से वृद्धि करती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बने रहने की संभावना है।

 

2030 तक एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत: कारण

  • मध्यम वर्ग: भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक इसका व्यापक एवं तीव्र गति से वृद्धि करता मध्यम वर्ग है, जो उपभोक्ता व्यय में वृद्धि करने में सहायता कर रहा है।
  • विकास प्रतिक्षेप/ग्रोथ रिबाउंड: भारत की वास्तविक जीडीपी विकास दर 2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2020-21 में साल-दर-साल 7.3 प्रतिशत के गंभीर संकुचन से प्रतिक्षेपित है
  • निवेश गंतव्य: तेजी से बढ़ते घरेलू उपभोक्ता बाजार के साथ-साथ इसके व्यापक औद्योगिक क्षेत्र ने भारत को अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों हेतु एक महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बना दिया है, जिसमें विनिर्माण, आधारिक अवसंरचना एवं सेवा क्षेत्र शामिल हैं।
  • डिजिटल इंडिया: भारत का डिजिटल परिवर्तन जिससे ई-कॉमर्स के विकास में तेजी आने की संभावना है, इस प्रकार अगले दशक में खुदरा उपभोक्ता बाजार परिदृश्य को परिवर्तित कर रहा है। ई-कॉमर्स का तेजी से विकास एवं 4 जी तथा 5 जी स्मार्टफोन तकनीक में बदलाव से ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे घरेलू यूनिकॉर्न को बढ़ावा मिलेगा।

 

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