UPSC Exam   »   National Gallery of Modern Art (NGMA)...

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) ‘कला कुंभ’ कलाकार कार्यशाला का आयोजन

नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) – यूपीएससी परीक्षा हेतु प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 1: भारतीय इतिहास- भारतीय संस्कृति प्राचीन से आधुनिक काल तक कला रूपों, साहित्य एवं वास्तुकला के मुख्य पहलुओं को सम्मिलित करेगी।

नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) – संदर्भ

  • राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट), नई दिल्ली भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायकों के वीरतापूर्ण जीवन एवं संघर्षों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्क्रॉल पेंटिंग के लिए कला कुंभ कलाकार कार्यशालाओं के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।
  • नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट इसे रक्षा मंत्रालय के सहयोग से गणतंत्र दिवस समारोह 2022 के एक अभिन्न अंग के रूप में मना रही है।

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) 'कला कुंभ' कलाकार कार्यशाला का आयोजन_40.1

 

कला कुंभकलाकार कार्यशाला- प्रमुख बिंदु

  • कला कुंभकलाकार कार्यशाला के बारे में: कला कुंभ की कलाकार कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट) द्वारा 10 से 17 दिसंबर, 2021 तक भुवनेश्वर में किया जा रहा है।
    • इसी तरह की कार्यशालाएं देश के अन्य भागों में भी आयोजित की जाएंगी।
  • उद्देश्य:
    • कला कुंभ की कलाकार कार्यशाला का उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत एवं पचहत्तर मीटर के पांच कुंडलित अलंकार (स्क्रॉल) पर हमारे राष्ट्रीय गौरव को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित करना है।
    • कला कुंभ कार्यशाला का उद्देश्य भारत के विविध भौगोलिक स्थानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वदेशी एवं समकालीन दृश्य कला प्रथाओं की हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना है।
  • सम्मिलित संगठन: नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट ने कला कुंभ कलाकारों की कार्यशाला के लिए भुवनेश्वर में कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी एवं सिलिकॉन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ हाथ मिलाया है।

नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए)- प्रमुख बिंदु

  • पृष्ठभूमि: नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जिसकी स्थापना 1954 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में की थी।
  • नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) के बारे में: नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) देश के सांस्कृतिक लोकाचार का भंडार है एवं 1857 से लेकर दृश्य एवं प्लास्टिक कला के क्षेत्र में विगत सौ एवं पचास वर्षों के दौरान परिवर्तित होते कला रूपों को प्रदर्शित करता है।
    • मुख्यालय: नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
    • शाखा: नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, मुंबई एवं नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, बेंगलुरु नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) की दो शाखाएं हैं।
  • मूल मंत्रालय: नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट भारत सरकार के संस्कृति विभाग के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में संचालित एवं प्रशासित है।

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) 'कला कुंभ' कलाकार कार्यशाला का आयोजन_50.1

 

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए)- प्रमुख लक्ष्य एवं उद्देश्य

  • 1850 के दशक से आधुनिक कला के कार्यों का उपार्जन एवं संरक्षण करना
  • स्थायी प्रदर्शन के लिए दीर्घाओं को व्यवस्थित, अनुरक्षित रखना एवं विकसित करना
  • न केवल अपने परिसर में बल्कि देश एवं विदेश के अन्य भागों में विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन करना।
  • आधुनिक कला के कार्यों से संबंधित दस्तावेजों को प्राप्त करने, अनुरक्षित रखने एवं संरक्षित करने के लिए एक शिक्षा एवं प्रलेखन केंद्र विकसित करना
  • पुस्तकों, पत्रिकाओं, तस्वीरों एवं अन्य दृश्य-श्रव्य सामग्री का एक विशेष पुस्तकालय विकसित करना
  • व्याख्यान, सेमिनार एवं गोष्ठी आयोजित करना तथा कला इतिहास, कला आलोचना, कला समालोचना, संग्रहालय विज्ञान तथा दृश्य एवं अभिनय कलाओं पर अंतर-संबंधों के क्षेत्र में उच्च अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना।
गगनयान मिशन ‘एक वस्तु एक एक्सचेंज’ नीति भारत की भौतिक विशेषताएं: द्वीप समूह समुद्र में असाधारण वीरता के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) पुरस्कार
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर: अंतर्राष्ट्रीय अम्बेडकर सभा  अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) को संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त हुआ एकुवेरिन अभ्यास संपादकीय विश्लेषण: एलपीजी की ऊंची कीमतें वायु प्रदूषण की लड़ाई को झुलसा रही हैं
संपादकीय विश्लेषण- आंगनबाड़ियों को पुनः खोलने की आवश्यकता भारत की भौतिक विशेषताएं: भारतीय मरुस्थल लोकतंत्र शिखर सम्मेलन: भारत ने लोकतंत्र शिखर सम्मेलन 2021 में भाग लिया पीआरआई रिपोर्ट के माध्यम से एसडीजी का स्थानीयकरण

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *