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आईयूसीएन एवं आईयूसीएन रेड डेटा बुक

आईयूसीएन के बारे में

  • प्रकृति के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय संघ/ इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) एक बहुदलीय संगठन है, जिसमें नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) तथा सरकारों दोनों के सदस्य होते हैं।
  • 1400 से अधिक सदस्य संगठनों के साथ, आईयूसीएन प्राकृतिकविश्व की स्थिति एवं इसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों से संबंधित वैश्विक प्राधिकरण है।
  • आईयूसीएन विश्व का सबसे पुराना एवं सबसे बड़ा वैश्विक पर्यावरण संगठन है।
  • आईयूसीएन की स्थापना 1948 में फ्रांस के फॉनटेनब्लियू शहर में हुई थी।
  • इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना एवं संरक्षण कार्रवाई को निर्देशित करने हेतु वैज्ञानिक ज्ञान एवं उपकरण प्रदान करना था।
  • अपनी स्थापना के पहले दशक के दौरान, आईयूसीएन का प्राथमिक ध्यान प्रकृति पर मानवीय गतिविधियों के प्रभाव की जांच करना था।
  • इस अवधि में, आईयूसीएन ने जैव विविधता पर कीटनाशकों के हानिकारक प्रभावों को चिह्नित किया एवं पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन के उपयोग को बढ़ावा दिया, जो तब से सभी क्षेत्रों एवं उद्योगों में मानक बन गए हैं।
  • 1964 में, आईयूसीएन ने संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन लाल सूची (रेड लिस्ट) की स्थापना की, जो प्रजातियों के वैश्विक विलुप्ति के जोखिम पर विश्व का सर्वाधिक व्यापक डेटा स्रोत है।
  • 1980 में, आईयूसीएन – संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम/यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) एवं विश्व वन्यजीव कोष/वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के साथ साझेदारी में – विश्व संरक्षण रणनीति प्रकाशित की, जिसने ‘ सतत विकास’ की अवधारणा को परिभाषित करने में सहायता की एवं वैश्विक संरक्षण तथा सतत विकास एजेंडा को आकार दिया।
  • बाद में 2000 के दशक में, आईयूसीएन ने ‘प्रकृति-आधारित समाधान’ का मार्गदर्शन किया – प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्रवाई जो खाद्य एवं जल सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा निर्धनता में कमी जैसी वैश्विक चुनौतियों का भी समाधान करती है।

आईयूसीएन एवं आईयूसीएन रेड डेटा बुक_40.1

रेड डाटा बुक: आईयूसीएन रेड लिस्ट

  • संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन रेड लिस्ट विश्व की जैव विविधता के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
  • यह जैव विविधता संरक्षण एवं नीति परिवर्तन हेतु कार्रवाई को सूचित करने एवं उत्प्रेरित करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, जो हमारे जीवित रहने के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह क्षेत्र, आबादी के आकार, पर्यावास एवं पारिस्थितिकी, खतरों एवं संरक्षण कार्यों के बारे में जानकारी प्रदान करता है जो आवश्यक संरक्षण निर्णयों को सूचित करने में सहायता करेगा।
  • आईयूसीएन रेड लिस्ट भविष्य के संरक्षण एवं वित्तीयन प्राथमिकताओं को मार्गदर्शन एवं सूचित करने में सहायता करती है।
  • रेड डाटा बुक के गुलाबी पन्नों में गंभीर रूप से संकटापन्न प्रजातियां (क्रिटिकली एंडेंजर्ड) हैं।
  • दूसरी ओर, हरे रंग के पन्नों का उपयोग उन प्रजातियों के लिए किया जाता है जो पहले लुप्तप्राय (एंडेंजर्ड) थीं किंतु अब एक ऐसे बिंदु तक पुनर्प्राप्ति कर चुकी हैं जहां अब वे किसी संकट में नहीं है।

 

आईयूसीएन  रेट लिस्ट की श्रेणियाँ एवं मानदंड

  • वैश्विक विलुप्ति के उच्च जोखिम वाली प्रजातियों को वर्गीकृत करने हेतु एक व्यापक रूप से समझी जाने वाली प्रणाली है।
  • यह प्रजातियों को नौ श्रेणियों में विभाजित करता है: अनाकलित (नॉट इवेलुएटेड), डेटा अपूर्ण (डाटा डिफिशिएंट), संकट मुक्त (लीस्ट कंसर्न),  संकटापन्न (नियर थ्रीटेंडेड), असुरक्षित (वल्नरेबल), संकटग्रस्त (एंडेंजर्ड), गंभीर रूप से संकटग्रस्त (क्रिटिकली एंडेंजर्ड), वन विलुप्त (एक्सटिंक्ट इन द वाइल्ड) एवं विलुप्त (एक्सटिंक्ट)।

 

आईयूसीएन श्रेणियां:विलुप्त

  • एक वर्गक (टैक्सोन) तब विलुप्त कहा जाता है जब कोई पर्याप्त संदेह नहीं है कि अंतिम वर्गक की मृत्यु हो गई है।

ओलिव रिडले टर्टल: ओलिव रिडले टर्टल का जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जेडएसआई) द्वारा टैगिंग 

आईयूसीएन वर्गीकरण:वन विलुप्त

  • एक टैक्सोन वन विलुप्त है जब यह मात्र खेती में, कैद में या पिछली सीमा के बाहर एक प्राकृतिक आबादी (या आबादियों) के रूप में जीवित रहने के लिए जाना जाता है।

 

आईयूसीएन खतरे की श्रेणियां: गंभीर रूप से संकटग्रस्त

  • एक वर्गक गंभीर रूप से संकटग्रस्त होता है जब सर्वोत्तम उपलब्ध साक्ष्य इंगित करता है कि यह आईयूसीएन द्वारा दिए गए किसी भी मानदंड को पूरा करता है एवं इसलिए इसे वन विलुप्त होने के अत्यधिक उच्च जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

मानदंड

  • विगत 10 वर्षों जनसंख्या आकार में ≥90% की कमी या तीन पीढ़ियां, जो भी अधिक समय के लिए हो।
  • घटना की सीमा 100  वर्ग किमी से कम होने का अनुमान हो, अथवा अधिभोग का क्षेत्र 10 वर्ग किमी से कम होने का अनुमान हो।
  • जनसंख्या का आकार 250 से कम वयस्क जीवों की संख्या होने का अनुमान है एवं तीन वर्षों के भीतर कम से कम 25% की निरंतर गिरावट अनुमानित है।
  • जनसंख्या का आकार 50 से कम वयस्क जीवों की संख्या होने का अनुमान है।
  • मात्रात्मक विश्लेषण से ज्ञात होता है कि 10 वर्षों अथवा तीन पीढ़ियों के भीतर वन विलुप्ति के कगार पर होने की संभावना कम से कम 50% है।

रेड सैंडलवुड ‘ संकटग्रस्त’ श्रेणी में पुनः वापस

संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन श्रेणियां: संकटापन्न

  • एक वर्गक को संकट में कहा जाता है जब सर्वोत्तम उपलब्ध साक्ष्य इंगित करते हैं कि यह निम्नलिखित में से किसी भी मानदंड को पूरा करता है एवं इसलिए इसे वन विलुप्त होने के एक अत्यंत उच्च जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

मानदंड

  • विगत 10 वर्षों या तीन पीढ़ियों में जनसंख्या के आकार में ≥70% की कमी, जो भी अधिक समय के लिए हो।
  • घटना की सीमा 5,000 वर्ग किमी से कम होने का अनुमान है या अधिभोग का क्षेत्र 500 वर्ग किमी से कम होने का अनुमान है।
  • अनुमानित जनसंख्या का आकार 2,500 से कम वयस्क जीवों की संख्या एवं पांच वर्षों के भीतर कम से कम 20% की निरंतर गिरावट का अनुमान है।
  • अनुमानित जनसंख्या का आकार 250 से कम वयस्क जीवों की संख्या हो।
  • वनों में विलुप्त होने की संभावना को प्रदर्शित करने वाला मात्रात्मक विश्लेषण 20 वर्षों या पांच पीढ़ियों के भीतर कम से कम 20% है।

 

आईयूसीएन लाल सूची में श्रेणियाँ:असुरक्षित (वल्नरेबल)

  • एक वर्गक तब असुरक्षित होता है जब सर्वोत्तम उपलब्ध साक्ष्य इंगित करते हैंकि यह निम्नलिखित में से किसी भी मानदंड को पूरा करता है एवं इसलिए इसे वनों में विलुप्त होने के उच्च जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

मानदंड

  • विगत 10 वर्षों या तीन पीढ़ियों में जनसंख्या के आकार में ≥50% की कमी।
  • उपस्थिति की अनुमानित सीमा 20,000 वर्ग किमी से कम या अधिभोग का क्षेत्र 2,000 वर्ग किमी से कम होने का अनुमान है।
  • जनसंख्या का अनुमानित आकार 10,000 से कम वयस्क जीवों की संख्या एवं 10 वर्षों के भीतर कम से कम 10% की निरंतर गिरावट का अनुमान है।
  • जनसंख्या का आकार 1,000 से कम वयस्क जीवों की संख्या का अनुमान है।
  • वनों में विलुप्त होने की संभावना को प्रदर्शित करने वाला मात्रात्मक विश्लेषण 100 वर्षों के भीतर कम से कम 10% है।

आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस

आईयूसीएन की विभिन्न श्रेणियां: संकटापन्न (नियर थ्रीटेंडेड)

  • एक टैक्सोन संकटापन्न है जब इसका मूल्यांकन मानदंडों के प्रति किया गया है किंतु गंभीर रूप से  संकटग्रस्त,  संकटग्रस्त अथवा असुरक्षित के लिए अर्ह नहीं है, किंतु निकट भविष्य में एक ‘खतरे में’ श्रेणी के लिए अर्हता प्राप्त करने की संभावना है।

 

आईयूसीएन की श्रेणियां: संकट मुक्त (लीस्ट कंसर्न)

  • एक वर्गक संकट मुक्त है जब इसका मूल्यांकन मानदंडों के प्रति किया गया है एवं गंभीर रूप से संकटग्रस्त,  संकटग्रस्त, असुरक्षित अथवा संकटापन्न के लिए अर्हता प्राप्त नहीं करता है। इस श्रेणी में व्यापक और प्रचुर मात्रा में वर्गक सम्मिलित हैं

आईयूसीएन एवं आईयूसीएन रेड डेटा बुक_50.1

आईयूसीएन की श्रेणियां: डेटा अपूर्ण

  • एक वर्गक डेटा अपूर्ण है जब उसके वितरण एवं / या आबादी की स्थिति के आधार पर उसके विलुप्त होने के जोखिम का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से आकलन करने हेतु अपर्याप्त जानकारी उपलब्ध होती है।

 

आईयूसीएन की श्रेणियां: अनाकलित

  • एक वर्गक अनाकलित है जब इसका अभी तक मानदंडों के अनुसार/प्रति मूल्यांकन नहीं किया गया है।

 

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