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डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश 2021

डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश- यूपीएससी परीक्षा हेतु प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 3: पर्यावरण- संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं अवक्रमण।

 

डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश- संदर्भ

  • हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2005 के पश्चात से अपने प्रथम अद्यतन में वैश्विक वायु प्रदूषण मानकों को अधिक सख्त किया है।
  • डब्ल्यूएचओ ने पिछले दशक में उभरते हुए विज्ञान की मान्यता में इन मानकों को अद्यतन किया है जो बताता है कि स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर है।

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डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश- प्रमुख बिंदु

  • डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश वायु प्रदूषण, यहां तक ​​कि पूर्व में समझे गए सांद्रता की तुलना में कम सांद्रता से मानव स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान के स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। प्रमुख निष्कर्ष हैं-
    • 2019 में, विश्व की 99% जनसंख्या उन स्थानों पर निवास कर रह रही थी जहां डब्ल्यूएचओ के वायु गुणवत्ता दिशा निर्देशों के स्तर भी अपर्याप्त है।
    • शहरों एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवेश (बाह्य वायु प्रदूषण) के कारण 2016 में संपूर्ण विश्व में 2 मिलियन व्यक्तियों की असमय मृत्यु होने का अनुमान लगाया गया था।
    • इनमें से लगभग 911% असमय मृत्यु निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में हुई, तथा सर्वाधिक संख्या दक्षिण-पूर्व एशिया एवं पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में हुई।
    • लगभग 3 अरब लोगों के लिए घरेलू धुआं एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम है जो अपने घरों को बायोमास, मिट्टी के तेल एवं कोयले से भोजन पकाते तथा गर्म करते हैं।
  • डब्ल्यूएचओ आबादी के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु नवीन वायु गुणवत्ता स्तरों की सिफारिश करता है: यह पर्यावरण से प्रमुख वायु प्रदूषकों के स्तर को कम करके किया जाना है, उनमें से अनेक वैश्विक जलवायु परिवर्तन हेतु भी जिम्मेदार हैं।
  • मुख्य परिवर्तन: डब्ल्यूएचओ ने छह प्रदूषक श्रेणियों- पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 5  एवं 10, ओजोन (O3), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) तथा कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के लिए सीमा की घोषणा की।

आईएमडी एवं भारत में मौसम का पूर्वानुमान

 

 

प्रदूषक माध्य अवधि  2005 (एजीक्यूएस) 2021 (एजीक्यूएस)
PM 2.5 वार्षिक एवं 24 घंटे का माध्य 10 एवं 25 क्रमशः 5 एवं 15 क्रमशः
पीएम 10 वार्षिक एवं 24 घंटे का माध्य 20 एवं 50 क्रमशः 15 एवं 45 क्रमशः
ओजोन (O3) पीक सीजन एवं 8 घंटे पीक सीजन के लिए अपरिभाषित और 8 घंटे के लिए 100 60 एवं 100 क्रमशः
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) वार्षिक एवं 24 घंटे का माध्य 40 एवं अपरिभाषित क्रमशः 10 एवं 25 क्रमशः
सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) 24 घंटे 20 40
कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) 24 घंटे अपरिभाषित 4

 

एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में रेत तथा धूल के तूफान के जोखिम का आकलन

डब्ल्यूएचओ वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशा निर्देश- भारत पर प्रभाव

  • भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) डब्ल्यूएचओ के वर्तमान मानकों को पूरा नहीं करते हैं, इसलिए, अद्यतन वैश्विक वायु प्रदूषण मानक भारत को शीघ्र रूप में प्रभावित नहीं करेंगे।
    • विशेषज्ञों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ का कदम सरकार में नीति में अंतिम परिवर्तन हेतु नवीन सख्त मानकों को विकसित करने हेतु  मंच तैयार करता है।
  • राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम: इसका लक्ष्य 2017 को सांद्रता की तुलना हेतु आधार वर्ष के रूप में रखते हुए, 122 शहरों में 2024 तक कणिका द्रव्यों (पार्टिकुलेट मैटर्स) की सांद्रता में 20% से 30% की कमी करना है।
    • ये ऐसे शहर हैं जो 2011-2015 की गणना के अनुसार एनएएक्यूएस को पूरा नहीं करते हैं।

‘शून्य’ अभियान

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