UPSC Exam   »   National Water Development Agency (NWDA)

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए)

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) – यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: भारतीय संविधान- वैधानिक, नियामक एवं विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय।

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए)_40.1

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) – संदर्भ

  • हाल ही में, राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) के शासी निकाय की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी।

 

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए)- प्रमुख बिंदु

  • राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) के बारे में: राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) जल संसाधन विकास के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के अंतर्गत प्रायद्वीपीय घटकों के संबंध में विस्तृत अध्ययन, सर्वेक्षण एवं जांच को क्रियान्वित करने हेतु स्थापित की गई थी।
  • स्थापना: राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) की स्थापना 1982 में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत एक स्वायत्त सोसायटी के रूप में की गई थी।
  • मूल मंत्रालय: राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एवं जीआर)], जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत एक पंजीकृत सोसायटी है।
  • शासी निकाय: राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के पास एक शासी निकाय है जो नियमित रूप से बैठक आयोजित करता है एवं क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करता है।
    • राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) के शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता सचिव, डीओडब्ल्यूआर, आरडी एवं जीआर, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा की जाती है।

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए)_50.1

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए)- प्रमुख कार्य

  • राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) का लक्ष्य संभावित जलाशय स्थलों एवं अंतर्संबंधित सम्पर्कों का विस्तृत सर्वेक्षण एवं जांच करना है।
    • यह जल संसाधन विकास एवं केंद्रीय जल आयोग के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का हिस्सा बनने वाले प्रायद्वीपीय नदियों के विकास तथा हिमालयी नदियों के विकास घटकों के प्रस्ताव की व्यवहार्यता स्थापित करने के लिए किया जाता है।
  • राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) विभिन्न प्रायद्वीपीय नदी प्रणालियों एवं हिमालयी नदी प्रणालियों में जल के परिमाण (मात्रा) के बारे में विस्तृत अध्ययन करने की दिशा में कार्य करती है।
    • निकट भविष्य में नदी द्रोणी/राज्यों की उचित आवश्यकताओं को पूर्ण करने के पश्चात अतिरिक्त जल को अन्य नदी द्रोणियों/राज्यों में स्थानांतरित किया जा सकता है।
  • एनडब्ल्यूडीए सर्वेक्षण एवं जांच कार्य भी करता है तथा जल संसाधन विकास के लिए एनपीपी के तहत नदियों के जोड़ने संबंधी प्रस्तावों की डीपीआर तैयार करता है।
  • एनडब्ल्यूडीए राज्यों द्वारा प्रस्तावित अंतरराज्यीय संपर्क (इंट्रा-स्टेट लिंक) की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर)/व्यवहार्यता रिपोर्ट (एफआर)/डीपीआर तैयार करता है।
  • एनडब्ल्यूडीए या तो स्वयं या किसी नियुक्त अभिकरण/संगठन/पीएसयू या कंपनी एवं परियोजनाओं के माध्यम से परियोजनाओं का कार्य/निर्माण/मरम्मत/नवीनीकरण/पुनर्वास/कार्यान्वयन करता है।
  • एनडब्ल्यूडीए ऐसे अन्य सभी कार्य संपादित करता है जिन्हें सोसाइटी उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक, आकस्मिक, पूरक या अनुकूल समझती है।

 

जलीय कृषि में एएमआर वृद्धि  डिजिटल भुगतान सूचकांक सुभाष चंद्र बोस- इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित होगी महासागरीय धाराएं: गर्म एवं ठंडी धाराओं की सूची-2
विश्व रोजगार एवं सामाजिक दृष्टिकोण 2022 संपादकीय विश्लेषण- आईएएस संवर्ग नियम संशोधन वापस लेना आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय ज्वालामुखी के प्रकार: ज्वालामुखियों का वर्गीकरण उदाहरण सहित
ब्रह्मोस मिसाइल- विस्तारित परिसर ब्रह्मोस उड़ान-परीक्षण राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ओबीसी कोटा: सर्वोच्च न्यायालय ने नीट में ओबीसी कोटा बरकरार रखा आईयूसीएन एवं आईयूसीएन रेड डेटा बुक

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *