Home   »   Election Commission of India (ECI)   »   Association of Asian Election Authorities (AAEA)

एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) – भारत एएईए के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित

एशियाई  निर्वाचन प्राधिकरणों का संघ (एएईए) – यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।

एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) – भारत एएईए के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित_40.1

चर्चा में एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) 

  • हाल ही में, भारत को 2022-2024 के लिए सर्वसम्मति से एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) के नए अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया है।
  • फिलीपींस के मनीला में कार्यकारी बोर्ड तथा महासभा की हाल ही में आयोजित बैठक में भारत को AAEA के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया था।
    • निर्वाचन आयोग, मनीला AAEA के वर्तमान अध्यक्ष थे।
    • एएईए के कार्यकारी बोर्ड में नए सदस्य में अब रूस, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, ताइवान तथा फिलीपींस सम्मिलित हैं।

एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) – भारत एएईए के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित_50.1

एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) के

  • एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) के बारे में: AAEA की स्थापना 1998 में मनीला, फिलीपींस में 1997 में आयोजित इक्कीसवीं सदी में एशियाई चुनावों पर संगोष्ठी के प्रतिभागियों द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसरण में की गई थी।
  • एएईए के सदस्य: वर्तमान में 20 एशियाई ईएमबी, एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) के सदस्य हैं।
  • एएईए  का मिशन: एएईए का मिशन है-
    • निर्वाचन अधिकारियों के मध्य अनुभव तथा सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करने के लिए एशियाई क्षेत्र में एक गैर-पक्षपातपूर्ण मंच प्रदान करना  एवं
    • सुशासन  तथा लोकतंत्र का समर्थन करने के उद्देश्य से खुले एवं पारदर्शी चुनावों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा एवं कार्रवाई करना।
  • एएईए में भारत:  भारत का निर्वाचन आयोग एएईए के ईएमबी का एक संस्थापक सदस्य है तथा 2011-13 के दौरान उपाध्यक्ष  एवं 2014-16 के दौरान अध्यक्ष के रूप में एएईए के कार्यकारी बोर्ड में भी कार्य किया।
  • अन्य संस्थानों में एएईए: 
    • AAEA के प्रतिनिधि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम में भी नियमित रूप से भाग लेते रहे हैं।
    • 2022 में विधानसभा चुनावों के दौरान भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित तीसरे अंतर्राष्ट्रीय आभासी चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) में 12 AAEA सदस्यों के 62 अधिकारियों ने भाग लिया।
    • AAEA विश्व निर्वाचन निकायों के 118 सदस्यों के संघ (A-WEB) का एक सहयोगी सदस्य भी है।

एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) – भारत एएईए के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित_60.1

भारत के चुनाव आयोग (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया/ईसीआई) के बारे में 

  • भारत के निर्वाचन आयोग के बारे में:  भारत का निर्वाचन आयोग भारत में संघ एवं राज्य के चुनाव प्रक्रियाओं के प्रशासन के लिए उत्तरदायी एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है।
  • यह निकाय भारत में लोकसभा, राज्यसभा तथा राज्य विधानसभाओं  एवं देश में राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के पदों/कार्यालयों के चुनावों का संचालन करता है।

 

भारत के निर्वाचन आयोग से संबंधित संवैधानिक प्रावधान 

  • भारतीय संविधान का भाग XV: चुनावों से संबंधित है एवं इन मामलों के लिए एक आयोग की स्थापना करता है।
  • संविधान का अनुच्छेद 324 से 329: आयोग एवं सदस्यों की शक्तियों, कार्य, कार्यकाल, पात्रता इत्यादि से संबंधित है।
                                             निर्वाचन से संबंधित अनुच्छेद 
324 चुनाव का अधीक्षण, निर्देशन तथा नियंत्रण चुनाव आयोग में निहित होना।
325 किसी भी व्यक्ति को धर्म, नस्ल, जाति या लिंग के आधार पर किसी विशेष मतदाता सूची में शामिल होने या शामिल होने का दावा करने के लिए अपात्र नहीं होना चाहिए।
326 लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे।
327 विधानमंडलों के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति।
328 ऐसे विधानमंडल के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने के लिए राज्य के विधानमंडल की शक्ति।
329 संबंधित चुनावी मामलों में न्यायालयों  के हस्तक्षेप पर रोक।

.

 

 

संपादकीय विश्लेषण- रोड टू सेफ्टी प्रथम अतुल्य भारत अंतर्राष्ट्रीय क्रूज सम्मेलन 2022 यूएनसीसीडी के कॉप 15 में भारत इंटरसोलर यूरोप 2022
राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष सीमित एवं गहन पारिस्थितिकीवाद/पर्यावरणवाद- परिभाषा, चिंताएं तथा महत्व स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स बर्ड्स रिपोर्ट 2022 संपादकीय विश्लेषण: फ्रोजन सेडिशन
‘भारत टैप’ पहल संपादकीय विश्लेषण- सहमति का महत्व दूसरा वैश्विक कोविड आभासी सम्मेलन 2022 मिशन अमृत सरोवर

 

 

Sharing is caring!