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संरक्षित क्षेत्र: बायोस्फीयर रिजर्व व्याख्यायित

अपने विगत लेखों में, हमने भारत में  जैव मंडल आरक्षित केंद्रों की सूची की चर्चा की है। हमने अपने लेखों में निम्नलिखित टॉपिक्स की व्याख्या पहले ही कर दी है:

राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य के मध्य अंतर

संरक्षण आरक्षित केंद्र एवं सामुदायिक आरक्षित  केंद्र के मध्य अंतर

इस लेख में, हम जैव मंडल आरक्षित केंद्र (बायोस्फीयर रिजर्व) के टॉपिक पर विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे। बायोस्फीयर रिजर्व  उन महत्वपूर्ण टॉपिक्स  में से एक है जिसे यूपीएससी  सिविल सेवा के उम्मीदवारों द्वारा विस्तृत रूप से कवर किया जाना चाहिए। आईएएस परीक्षा के दोनों चरणों- आईएएस प्रारंभिक परीक्षा तथा आईएएस मुख्य परीक्षा में बायोस्फीयर रिजर्व पूछे जा सकते हैं।

संरक्षित क्षेत्र: बायोस्फीयर रिजर्व व्याख्यायित_40.1

बायोस्फीयर रिजर्व क्या हैं?

  • बायोस्फीयर रिजर्व सतत विकास के लिए शिक्षण स्थल हैं।
  • वे संघर्ष की रोकथाम एवं जैव विविधता के प्रबंधन सहित सामाजिक एवं पारिस्थितिक प्रणालियों के मध्य परिवर्तनों एवं अंतःक्रियाओं को समझने तथा प्रबंधित करने के लिए अंतःविषय दृष्टिकोण के परीक्षण हेतु स्थल हैं।
  • वे ऐसे स्थान हैं जो वैश्विक चुनौतियों का स्थानीय समाधान उपलब्ध कराते हैं।
  • बायोस्फीयर रिजर्व में स्थलीय, समुद्री एवं तटीय पारिस्थितिक तंत्र सम्मिलित होता है।
  • प्रत्येक स्थल अपने सतत उपयोग के साथ जैव विविधता के संरक्षण के समाधान को बढ़ावा देती है।

 

बायोस्फीयर रिजर्व क्यों बनाए गए थे?

  • जैव मंडल आरक्षित केंद्र को जैव विविधता के संरक्षण, आर्थिक एवं सामाजिक विकास की खोज तथा संबद्ध सांस्कृतिक मूल्यों के रखरखाव के सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक से निपटने के लिए अभिहित किया गया है।
  • इस प्रकार जैव मंडल आरक्षित केंद्र लोगों एवं प्रकृति दोनों के लिए विशेष वातावरण हैं तथा इस बात के जीवंत उदाहरण हैं कि किस प्रकार मनुष्य एवं प्रकृति एक दूसरे की आवश्यकताओं का सम्मान करते हुए सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।

 

बायोस्फीयर रिजर्व कार्यक्रम कब  प्रारंभ किया गया था?

  • बायोस्फीयर रिजर्व का कार्यक्रम यूनेस्को द्वारा 1971 में आरंभ किया गया था।
  • विश्व का प्रथम जैव मंडल आरक्षित केंद्र/बायोस्फीयर रिजर्व 1979 में स्थापित किया गया था।

 

विश्व में कितने बायोस्फीयर रिजर्व हैं?

  • वर्तमान में 131 देशों में 727 बायोस्फीयर रिजर्व हैं, जिनमें 22 सीमापारीय स्थल (ट्रांसबाउंड्री साइट) शामिल हैं, जो कि वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व्स से संबंधित हैं।

 

बायोस्फीयर रिजर्व  किस प्रकार अभिहित किए जाते हैं?

  • बायोस्फीयर रिजर्व राष्ट्रीय सरकारों द्वारा अभिहित किए जाते हैं एवं उन राज्यों के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में रहते हैं जहां वे स्थित हैं।
  • एमएबी इंटरनेशनल कोऑर्डिनेटिंग काउंसिल (एमएबी आईसीसी) के निर्णयों के पश्चात यूनेस्को के महानिदेशक द्वारा बायोस्फीयर रिजर्व को अंतर सरकारी एमएबी (मैन एंड बायोस्फीयर) कार्यक्रम के तहत अभिहित किया जाता है।
  • उनकी स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। सदस्य राज्य पदनाम प्रक्रिया के माध्यम से स्थल प्रस्तुत कर सकते हैं।

 

जैव मंडल आरक्षित केंद्रों की संरचना एवं कार्य

  • बायोस्फीयर रिजर्व को निम्नलिखित 3 परस्पर संबंधित क्षेत्रों में सीमांकित किया गया है:

कोर जोन/केंद्रीय क्षेत्र

  • कोर ज़ोन में उच्चतर कोटि के परभक्षियों सहित अनेक पौधों एवं पशुओं की प्रजातियों के लिए उपयुक्त पर्यावास होना चाहिए तथा इसमें स्थानिकता के केंद्र हो सकते हैं।
  • मुख्य क्षेत्र प्रायः आर्थिक प्रजातियों के वन्य सापेक्षों का संरक्षण करते हैं एवं असाधारण वैज्ञानिक रुचि वाले महत्वपूर्ण आनुवंशिक स्रोतों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • केंद्रीय क्षेत्र अधिकांशतः वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत एक क्षेत्र है।
  • केंद्रीय क्षेत्र को तंत्र के बाह्य मानवीय दबावों से मुक्त रखा जाना है।

 

बफर जोन

  • इस क्षेत्र में बफर ज़ोन, जो केंद्रीय क्षेत्र से जुड़ा अथवा उसे आवृत्त करता है, उपयोग एवं गतिविधियों को इस तरह से प्रबंधित किया जाता है जो केंद्रीय क्षेत्र की प्राकृतिक स्थिति में सुरक्षा में सहायता करते हैं।
  • इन उपयोगों तथा गतिविधियों में संसाधनों के मूल्यवर्धन को बढ़ाने हेतु पुनर्स्थापना, प्रदर्शन स्थल, सीमित मनोरंजन, पर्यटन, मत्स्यन, चराई इत्यादि सम्मिलित हैं; जिन्हें केंद्रीय क्षेत्र पर इसके प्रभाव को कम करने की अनुमति है।
  • शोध एवं शैक्षिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना है।
  • मानवीय गतिविधियां, यदि जैव मंडल आरक्षित केंद्र के भीतर स्वाभाविक हैं, तो जारी रहने की संभावना है यदि ये पारिस्थितिक विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती हैं।

 

संक्रमण क्षेत्र

  • संक्रमण क्षेत्र बायोस्फीयर रिजर्व का बाह्यतम भाग है।
  • यह आमतौर पर एक सीमांकित भाग नहीं है एवं सहयोग का एक क्षेत्र है जहां संरक्षण ज्ञान एवं प्रबंधन कौशल को उपयोजित किया जाता है एवं बायोस्फीयर रिजर्व के उद्देश्य के अनुरूप उपयोग किया जाता है।
  • इसमें बस्तियां, फसल भूमि, प्रबंधित वन एवं क्षेत्र के गहन विश्राम (मनोविनोद) तथा अन्य आर्थिक उपयोग की विशेषताएं शामिल हैं।

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भारत में जैव मंडल आरक्षित केंद्रों का संरक्षण

  • बायोस्फीयर रिजर्व कार्यक्रम यूनेस्को मैन एंड बायोस्फीयर (एमएबी) कार्यक्रम द्वारा निर्देशित है क्योंकि भारत एमएबी कार्यक्रम द्वारा समर्थित परिदृश्य दृष्टिकोण के लिए एक हस्ताक्षरकर्ता है।
  • भारत सरकार द्वारा 1986 से बायोस्फीयर रिजर्व नामक एक योजना लागू की गई है।
    • वित्तीय सहायता: कुछ मदों के रखरखाव, सुधार एवं विकास के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों एवं तीन हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 अनुपात में एवं अन्य राज्यों के लिए 60:40 के अनुपात में।
  • राज्य सरकार प्रबंधन कार्य योजना तैयार करती है जिसका अनुमोदन तथा अनुश्रवण केंद्रीय एमएबी समिति द्वारा  किया जाता है।

 

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