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नारी शक्ति पुरस्कार 2021

नारी शक्ति पुरस्कार- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन एवं चुनौतियां– केंद्र तथा राज्यों द्वारा आबादी के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं एवं इन योजनाओं का प्रदर्शन।

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नारी शक्ति पुरस्कार- प्रसंग

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सूचित किया कि नारी शक्ति पुरस्कार, 2021 के लिए नामांकन प्रारंभ हो गए हैं।
    • आवेदन/नामांकन ऑनलाइन पोर्टल awards.gov.in पर किए जा सकते हैं।
    • नामांकन की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2022 है।

 

नारी शक्ति पुरस्कार- प्रमुख बिंदु

  • पृष्ठभूमि: नारी शक्ति पुरस्कार का प्रारंभ 1999 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया गया था।
  • नारी शक्ति पुरस्कार के बारे में: नारी शक्ति पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • मंत्रालय: नारी शक्ति पुरस्कार से संबंधित पूरी प्रक्रिया के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय उत्तरदायी है।
  • महत्व: नारी शक्ति पुरस्कार भारत में महिलाओं के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
  • पुरस्कार: नारी शक्ति पुरस्कार में 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार एवं व्यक्तियों तथा संस्थाओं के लिए एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
  • पात्रता: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नारी शक्ति पुरस्कार के चयन हेतु निम्नलिखित पात्रता मानदंड का प्रावधान करता है-
    • पुरस्कार विजेता: नारी शक्ति पुरस्कार महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य के लिए व्यक्तियों, समूहों एवं संस्थाओं के लिए खुला है।
    • आयु मानदंड: व्यक्तिगत आवेदक की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।
    • अनुभव: संस्थाओं के पास न्यूनतम 5 वर्ष का प्रासंगिक अनुभव होना चाहिए।

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नारी शक्ति पुरस्कार- संस्थागत श्रेणियां

नारी शक्ति पुरस्कार छह संस्थागत श्रेणियों के अंतर्गत प्रदान किया जाता है, उनमें से प्रत्येक पुरस्कार का नाम भारतीय इतिहास की प्रतिष्ठित महिलाओं के नाम पर रखा गया है।

  1. देवी अहिल्या बाई होल्कर पुरस्कार: यह महिलाओं की भलाई और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ निजी क्षेत्र के संगठन / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को प्रदान किया जाता है।
  2. अहिल्याबाई होल्कर मालवा साम्राज्य की 18वीं शताब्दी की शासिका थीं।

 

  1. कन्नगी देवी पुरस्कार: यह उस सर्वश्रेष्ठ राज्य को प्रदान किया जाता है जिसने बाल लिंगानुपात (सीएसआर) में उल्लेखनीय सुधार किया है।
  2. कन्नगी तमिल महाकाव्य सिलपथिकारम की केंद्रीय पात्र थी।

 

  1. माता जीजाबाई पुरस्कार, महिलाओं को सेवाएं एवं सुविधाएं प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय हेतु
  2. 17वीं शताब्दी में माता जीजाबाई (शिवाजी की माता) ने मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी।

 

  1. रानी गैडिन्ल्यू जेलियांग पुरस्कार, महिलाओं की भलाई एवं कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज संगठन (सीएसओ) हेतु।
  2. रानी गैडिन्ल्यू 20वीं सदी की नागा आध्यात्मिक एवं राजनीतिक नेता थीं।

 

  1. रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में शोध एवं विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान हेतु।
  2. लक्ष्मीबाई 1857 के भारतीय विद्रोह की प्रमुख हस्तियों में से एक एवं झांसी की तत्कालीन रानी थीं।

 

  1. रानी रुद्रमा देवी पुरस्कार दो जिला पंचायतों एवं दो ग्राम पंचायतों हेतु।
  2. रुद्रमा देवी दक्कन के पठार की 13वीं शताब्दी की शासिका थीं।

 

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