Home   »   Russia-Ukraine Conflict   »   India's stand on Russia-Ukraine Conflict Explained

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख

रूस-यूक्रेन संघर्ष की व्याख्या- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध- भारत के हितों पर विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियों  तथा राजनीति का प्रभाव।

UPSC Current Affairs

रूस-यूक्रेन संघर्ष: पृष्ठभूमि

  • भारत ने कहा कि वह यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर नवीनतम घटनाक्रम तथा डोनबास क्षेत्र में रूस द्वारा अलगाववादी राज्यों  को मान्यता प्रदान करने को “गंभीर चिंता के साथ” देख रहा है।
  • यद्यपि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक परिचर्चा के दौरान, भारत ने मास्को के कार्यों की आलोचना करना बंद कर दिया।

 

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख व्याख्यायित 

  • संयमित एवं राजनयिक संकल्प का आह्वान: हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने  संयमित तथा राजनयिक वार्ता का आह्वान किया।
  • रूस-यूक्रेन संघर्ष पर यूएनएससी की बैठक में अनुपस्थित: संयुक्त राष्ट्र में, भारत ने स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रक्रियात्मक मतदान से परहेज किया- एक वोट जो रूस हार गया- 10 देशों के यू.एस. के नेतृत्व वाले समूह ने चर्चा के लिए सहमति व्यक्त की।
    • भारत के वोट को दोनों पक्षों के लिए एक नाटक के रूप में देखा गया था, किंतु यह दिल्ली में रूस-भारत परामर्श के बाद आया तथा इसे मास्को की ओर झुकाव के रूप में देखा गया।
  • क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता: भारत की तत्काल प्राथमिकता सभी देशों के वैध सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए तनाव को कम करना है।
    • इसका उद्देश्य क्षेत्र एवं उसके बाहर दीर्घकालिक शांति तथा स्थिरता प्राप्त करना है।

UPSC Current Affairs

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत की चिंताओं की व्याख्या

  • विश्व युद्ध की ओर अग्रसर हो सकता है: कोई भी संघर्ष- जहां अमेरिका एवं उसके यूरोपीय सहयोगी रूस के विरुद्ध हैं, संपूर्ण विश्व को आर्थिक रूप से एवं सुरक्षा के मामले में प्रभावित करेगा।
    • भारत को मॉस्को एवं वाशिंगटन दोनों के भागीदार के रूप में या तो पक्ष लेना होगा या दोनों पक्षों की  अप्रसन्नता से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
  • S-400 के लिए अमेरिका की छूट: रूस-यूक्रेन संकट ठीक उसी समय प्रकट हुआ है जब भारत द्वारा रूसी S-400 मिसाइल प्रणाली के क्रय की प्रक्रिया चल रही है-  एवं नई दिल्ली को इस पर अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट की अपेक्षा है।
    • रूस-यूक्रेन संघर्ष प्रणाली के संवितरण तथा राष्ट्रपति द्वारा छूट की संभावना दोनों को जटिल करेगा।
  • वर्धनशील रूस-चीन संबंध: रूसी-यूक्रेन संकट मास्को को चीन जैसे मित्रों पर अधिक निर्भर बना देगा, एवं एक क्षेत्रीय समूह का निर्माण करेगा जिसका भारत हिस्सा नहीं है।
  • ऊर्जा संकट: किसी भी संघर्ष में, यूरोप को चिंता है कि रूस गैस एवं तेल की आपूर्ति को बंद कर देगा, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ जाएंगी।
    • रूस-यूक्रेन संघर्ष जारी रहने की स्थिति में कच्चे तेल पर भारत की भारी निर्भरता उसके व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी।
    • पहले से ही तनाव ने विगत एक माह में तेल की कीमतों को 14% तक बढ़ा दिया है  एवं विश्लेषकों का कहना है कि यदि स्थिति का हल नहीं निकला तो तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

 

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन सिंथेटिक बायोलॉजी पर नीति विज्ञान सर्वत्र पूज्यते | धारा- भारतीय ज्ञान प्रणाली के लिए एक संबोधन गीत अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस | अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2022
संपादकीय विश्लेषण: कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए एक रेड पेन मोमेंट मिन्स्क समझौते तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष पर्पल रिवॉल्यूशन एवं अरोमा मिशन राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा)
राष्ट्रीय सामुद्रिक सुरक्षा समन्वयक भारत में मृदा के प्रकार भाग -3 राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) डीएनटी के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजना (सीड)
prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me