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‘बोंगो सागर’ अभ्यास

बोंगो सागरअभ्यास- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध- भारत तथा उसके पड़ोसी देश- संबंध।
  • जीएस पेपर 3: सुरक्षा- विभिन्न सुरक्षा बल एवं एजेंसियां ​ तथा उनका अधिदेश।

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चर्चा में बोंगो सागरअभ्यास

  • हाल ही में, भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी/आईएन) – बांग्लादेश नौसेना (बीएन) द्विपक्षीय अभ्यास का तीसरा संस्करण ‘बोंगो सागर’ पोर्ट मोंगला, बांग्लादेश में प्रारंभ हुआ।
  • बोंगो सागर अभ्यास का बंदरगाह (हार्बर) चरण 24-25 मई से निर्धारित है, जिसके बाद 26-27 मई तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी में एक समुद्री चरण आयोजित होगा।

 

बोंगो सागरअभ्यास के बारे में प्रमुख तथ्य

  • बोंगो सागर अभ्यास के बारे में: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास भारत  एवं बांग्लादेश के  मध्य एक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। ‘बोंगो सागर’ अभ्यास 2019 में  प्रारंभ हुआ था।
  • पृष्ठभूमि: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास का प्रथम संस्करण 2019 में बांग्लादेश में आयोजित किया गया था। बोंगो सागर ’अभ्यास का दूसरा संस्करण 2020 में बंगाल की उत्तरी खाड़ी में आयोजित किया गया था।
  • अधिदेश: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के मध्य समुद्री अभ्यास तथा संचालन के व्यापक स्पेक्ट्रम के संचालन के माध्यम से उच्च स्तर की अंतःक्रियाशीलता एवं संयुक्त परिचालन कौशल विकसित करना है।
  • भागीदारी: भारतीय नौसेना के जहाज कोरा, एक स्वदेश निर्मित निर्देशित प्रक्षेपास्त्र (गाइडेड मिसाइल) कार्वेट एवं सुमेधा, एक स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
    • बांग्लादेश की नौसेना का प्रतिनिधित्व बीएनएस अबू उबैदाह तथा अली हैदर, दोनों गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट कर रहे हैं।
  • प्रमुख कार्यक्रम: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास 2022 निम्नलिखित दो चरणों में आयोजित किया जाएगा-
    • बंदरगाह चरण: इसमें समुद्र में अभ्यास के संचालन पर सामरिक स्तर की योजना चर्चा के अतिरिक्त पेशेवर और सामाजिक अंतः क्रिया एवं मैत्रीपूर्ण क्रीड़ा प्रतियोगिता सम्मिलित हैं।
    • सामुद्रिक चरण: यह दोनों नौसेनाओं के जहाजों को एक सामरिक परिदृश्य में गहन सतह युद्ध अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास, नाविक विकास तथा समन्वित हवाई संचालन में भाग लेने की सुविधा प्रदान करेगा।

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बोंगो सागरअभ्यास का महत्व 

  • आपसी विश्वास एवं सहयोग को बढ़ावा देना: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास दोनों देशों के मध्य सहयोग एवं आपसी विश्वास को प्रोत्साहित करेगा।
  • सागर पहल: ‘बोंगो सागर’ अभ्यास सागर (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन/क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा तथा विकास) विजन के हिस्से के रूप में बांग्लादेश को भारत द्वारा दिए गए महत्व को दर्शाता है।
  • भारत एवं बांग्लादेश के मध्य घनिष्ठ सांस्कृतिक बंधनों एवं लोकतांत्रिक समाज की साझा दृष्टि  तथा नियम-आधारित व्यवस्था को सुदृढ़ करना।
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