UPSC Exam   »   विश्व व्यापार संगठन

विश्व व्यापार संगठन

विश्व व्यापार संगठन: प्रासंगिकता

  • जीएस 2: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियां एवं मंच – उनकी संरचना, अधिदेश।

विश्व व्यापार संगठन_40.1

 विश्व व्यापार संगठन क्या है?

  • विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एकमात्र वैश्विक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो राष्ट्रों के मध्य व्यापार के नियमों से निपटता है।
  • इसका मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापार यथासंभव निर्बाध रूप से, पूर्वानुमेय रूप से एवं स्वतंत्र रूप से संचालित हो।
  • विश्व व्यापार संगठन संयुक्त राष्ट्र का एक विशिष्ट अभिकरण नहीं है एवं यह संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का हिस्सा नहीं है, किंतु संयुक्त राष्ट्र के साथ इसके सहकारी व्यवस्था एवं प्रथाएं हैं।
  • विश्व व्यापार संगठन के 160 से अधिक सदस्य हैं जो विश्व व्यापार के 98 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

 

विश्व व्यापार संगठन का इतिहास

  • 1948 से 1994 तक, गैट (टैरिफ एवं व्यापार पर सामान्य समझौता) ने विश्व व्यापार के लिए नियमों की व्यवस्था की।
  • यह अच्छी तरह से सुस्थापित प्रतीत हो रहा था किंतु उन 47 वर्षों के दौरान, यह एक अनंतिम समझौता एवं संगठन था।
  • 1995 में विश्व व्यापार संगठन के निर्माण ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति केपश्चात से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का  सर्वाधिक वृहद सुधार चिह्नित किया।
  • जबकि गैट मुख्य रूप से वस्तुओं के व्यापार से संबंधित है, विश्व व्यापार संगठन एवं इसके समझौते सेवाओं एवं बौद्धिक संपदा में व्यापार को भी कवर करते हैं।
  • विश्व व्यापार संगठन के जन्म ने विवादों के निपटारे के लिए नई प्रक्रियाओं का भी निर्माण किया।

 

विश्व व्यापार संगठन के कार्य

  • विश्व व्यापार संगठन व्यापार नियमों की एक वैश्विक प्रणाली का संचालन करता है।
  • विश्व व्यापार संगठन व्यापार समझौतों पर वार्ता हेतु एक मंच के रूप में कार्य करता है।
  • विश्व व्यापार संगठन अपने सदस्यों के मध्य व्यापार संबंधी विवादों का निपटारा करता है एवं
  • विश्व व्यापार संगठन विकासशील देशों की आवश्यकताओं का समर्थन करता है।

 

विश्व व्यापार संगठन निर्णय निर्माण

  • विश्व व्यापार संगठन का शीर्ष निर्णय निर्माण निकाय मंत्रिस्तरीय सम्मेलन है। इसके अधीन सामान्य परिषद एवं विभिन्न अन्य परिषदें तथा समितियां हैं।
  • मंत्रिस्तरीय सम्मेलन सामान्य तौर पर प्रत्येक 2 वर्ष में आयोजित होते हैं।
  • सामान्य परिषद दैनिक (दिन-प्रतिदिन) निर्णय निर्माण से संबंधित शीर्ष संस्था है। यह जिनेवा में एक वर्ष में कई बार मिलती है।

 

विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक

  • न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला विश्व व्यापार संगठन की सातवीं महानिदेशक हैं। उन्होंने 1 मार्च 2021 को पदभार ग्रहण किया।
  • वह महानिदेशक के रूप में सेवा देने वाली प्रथम महिला एवं प्रथम अफ्रीकी हैं। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2025 को समाप्त होगा।

 

विश्व व्यापार संगठन के सिद्धांत

नीचे दिए गए दो सिद्धांत बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की नींव हैं।

 

मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन)

  • इसका अर्थ है अन्य व्यक्तियों के साथ समान व्यवहार करना।
  • विश्व व्यापार संगठन समझौतों के तहत, देश आमतौर पर अपने व्यापारिक भागीदारों के मध्य विभेद नहीं कर सकते हैं।
  • यदि कोई देश किसी देश को विशेष सुविधा प्रदान करता है (जैसे कि उनके उत्पादों में से एक के लिए अल्प सीमा शुल्क दर), तो उसे विश्व व्यापार संगठन के अन्य सभी सदस्यों के लिए भी ऐसा ही करना होगा।
  • अपवाद:
    • यदि किसी देश का किसी अन्य देश के साथ मुक्त व्यापार समझौता है;
    • यदि कोई देश विकासशील देशों को उनके बाजारों तक विशेष पहुंच प्रदान कर रहा है;
    • यदि किसी देश ने उन उत्पादों के विरुद्ध बाधाएं खड़ी की हैं जिन्हें विशिष्ट देशों से अनुचित रूप से व्यापार करने के निमित्त माना जाता है।

 

राष्ट्रीय व्यवहार

  • इसका तात्पर्य विदेशियों एवं स्थानीय व्यक्तियों / इकाइयों के साथ समान व्यवहार करना है।
  • आयातित एवं स्थानीय रूप से उत्पादित वस्तुओं के साथ- कम से कम विदेशी वस्तुओं के बाजार में प्रवेश करने के बाद समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
  • समान व्यवहार विदेशी एवं घरेलू सेवाओं तथा विदेशी एवं स्थानीय ट्रेडमार्क, कॉपीराइट एवं पेटेंट पर लागू होना चाहिए।
  • राष्ट्रीय व्यवहार मात्र तभी लागू होता है जब कोई उत्पाद, सेवा या बौद्धिक संपदा की वस्तु बाजार में प्रवेश कर जाती है। इसलिए, आयात पर सीमा शुल्क आरोपित करना राष्ट्रीय व्यवहार का उल्लंघन नहीं है, भले ही स्थानीय रूप से उत्पादित उत्पादों पर एक समान कर आरोपित नहीं किया जाता हो।

विश्व व्यापार संगठन_50.1

विश्व व्यापार संगठन विवाद समाधान

  • डब्ल्यूटीओ विवाद निपटान से संबंधित कार्य भी संपादित करता है।
  • डब्ल्यूटीओ समझौतों के उल्लंघन की दशा में, एक सदस्य देश विश्व व्यापार संगठन के विवाद निपटान निकाय से संपर्क करता है।
  • सभी सदस्यों को विचार विमर्श के माध्यम से या, यदि विचार विमर्श  विफल हो जाता है तो एक पैनल के माध्यम से विवादों का समाधान करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है।
  • डब्ल्यूटीओ पैनल विवाद निपटान के निर्णय को डब्ल्यूटीओ सदस्यों के मध्य प्रसारित करता है जो निर्णय को स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय ले सकते हैं।
  • यदि निर्णय स्वीकृत हो जाता है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले सदस्य देश को विश्व व्यापार संगठन समझौते के अनुरूप नियमों को परिवर्तित करना होगा।
  • ऐसा करने में विफल रहने की स्थिति में, शिकायत करने वाला देश एवं उल्लंघन करने वाला देश पारस्परिक रूप से स्वीकार्य क्षतिपूर्ति का निर्धारण कर सकते हैं, जिसके विफल होने पर, शिकायतकर्ता देश उपयुक्त रूप से प्रतिकार कर सकता है।

 

विश्व व्यापार संगठन के निपटान निकाय

  • सामान्य परिषद विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों के मध्य विवादों का समाधान करने हेतु विवाद निपटान निकाय (डीएसबी) के रूप में आमंत्रित की जाती है।
  • अपीलों को स्थायी सात सदस्यीय अपीलीय निकाय द्वारा नियंत्रित किया जाता है जिसे विवाद निपटान निकाय द्वारा स्थापित किया जाता है एवं व्यापक रूप से विश्व व्यापार संगठन की सदस्यता की सीमा का प्रतिनिधित्व करता है।

 

तीसरा भारत-मध्य एशिया संवाद: अफगानिस्तान बैठक विस्मृति का अधिकार |व्याख्यायित| चीनी सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ विवाद में भारत हारा संपादकीय विश्लेषणः 9.5% विकास दर प्राप्त करने की चुनौती
जैविक विविधता (संशोधन) विधेयक, 2021 विश्व के घास के मैदान सोलाव रिपोर्ट 2021 नासा पार्कर सोलर प्रोब मिशन
टीबी के प्रति महिलाओं की विजय पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपादकीय विश्लेषण- अनुपयुक्त मंच मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल भारत ने मत्स्य सहायिकी पर विश्व व्यापार संगठन के प्रारूप को अस्वीकृत किया

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Leave a comment

Your email address will not be published.