Home   »   SEED scheme upsc   »   SEED Initiative

विमुक्त समुदायों का कल्याण

विमुक्त समुदायों का कल्याण- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन एवं चुनौतियां- केंद्र तथा राज्यों द्वारा आबादी के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं एवं इन योजनाओं का प्रदर्शन।

हिंदी

समाचारों में विमुक्त समुदाय

  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने हाल ही में संसद को विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास एवं कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी।

 

विमुक्त समुदाय के कल्याण के लिए उठाए गए कदम

  • विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विकास और कल्याण बोर्ड (डेवलपमेंट एंड वेलफेयर बोर्ड  फॉर डिनोटिफाइड नोमाडिक एंड सेमी नोमेडिक कम्युनिटीज/DWBDNCs): इसे सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित किया गया था।
    • डीडब्ल्यूबीडीएनसी का गठन विमुक्त, खानाबदोश एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास तथा कल्याण के लिए किया गया था।
  • छात्रवृत्ति योजनाएं: यह मंत्रालय डीएनटी छात्रों को मैट्रिक पूर्व एवं मेट्रिक पश्चात छात्रवृत्ति के लिए भी योजनाएं लागू कर रहा है। उदाहरण के लिए-
    • डीएनटी के लिए अम्बेडकर पूर्व-मैट्रिक तथा पश्च-मैट्रिक छात्रवृत्ति, एक केंद्र प्रायोजित योजना, उन डीएनटी छात्रों के कल्याण के लिए आरंभ की गई थी जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा ओबीसी के अंतर्गत नहीं आते हैं।
  • DNT समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजना (स्कीम फॉर इकोनामिक एंपावरमेंट ऑफ डीएनटी कम्युनिटीज/SEED): DNT समुदायों के कल्याण के लिए SEED योजना फरवरी, 2022 में प्रारंभ की गई थी।

 

DNT समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना (SEED)

  • SEED के बारे में: SEED को सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा आगामी पांच वर्षों के लिए 200 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ विमोचित किया गया था।
  • कार्यान्वयन: DWBDNCs (विकास एवं कल्याण बोर्ड विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू समुदाय) को इस योजना के कार्यान्वयन का कार्य सौंपा गया है।
  • महत्व: सरकार कुछ समय के लिए SEED योजना लागू होने के पश्चात, विमुक्त, खानाबदोश एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों द्वारा इस योजना तक पहुँचने में अंतराल की पहचान कर सकेगी।
  • SEED योजना के घटक: इसके निम्नलिखित चार घटक हैं:
    • डीएनटी उम्मीदवारों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने हेतु सक्षम बनाने के लिए उन्हें अच्छी गुणवत्ता की कोचिंग प्रदान करना,
    • उन्हें स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना,
    • सामुदायिक स्तर पर आजीविका पहल की सुविधा प्रदान करना एवं
    • इन समुदायों के सदस्यों के लिए घरों के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना।

हिंदी

डीएनटी कौन हैं?

  • डिनोटिफाइड ट्राइब्सशब्द उन सभी समुदायों के लिए है, जिन्हें एक बार आपराधिक जनजाति अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, जिसे ब्रिटिश राज द्वारा l87l एवं I947 के मध्य प्रवर्तित किया गया था।
  • इन अधिनियमों को स्वतंत्र भारत सरकार द्वारा l952 में निरस्त कर दिया गया था तथा इन समुदायों को “डी-नोटिफाइड” कर दिया गया था। इनमें से कुछ समुदाय जिन्हें वि-अधिसूचित (डी-नोटिफाइड) के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, वे भी खानाबदोश थे।

 

कृषि निर्यात 50 अरब अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर को छुआ भारत में जैव विविधता हॉटस्पॉट  लोकसभा अध्यक्ष मिशन इंटीग्रेटेड बायोरिफाईनरीज
विदेश व्यापार नीति विस्तारित संपादकीय विश्लेषण-  एट ए क्रॉसरोड्स  राष्ट्रीय गोकुल मिशन | गोकुल ग्राम बुलेट ट्रेन: क्या भारत को इसकी आवश्यकता है?
भारत-तुर्कमेनिस्तान संबंध विश्व जनसंख्या की स्थिति 2022 डिजी यात्रा पहल | चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) को लागू किया जाना संपादकीय विश्लेषण: प्रवासी सहायता के लिए नीति की कड़ी को आगे बढ़ाएं
prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me