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किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में प्रगति

किसानों की आय दोगुनी करना यूपीएससी: प्रासंगिकता

  • जीएस 3: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं आयोजना, संसाधनों का अभिनियोजन, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित मुद्दे।

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भारत में कृषि: प्रसंग

  • हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने लोकसभा को किसानों की आय दोगुनी करने की प्रगति  के संबंध में जानकारी दी है।

 

किसानों की आय दोगुनी करना: प्रमुख बिंदु

  • सरकार ने अप्रैल, 2016 में किसानों की आय दोगुनी (डबलिंग ऑफ फार्मर्स इनकम/डीएफआई) से संबंधित मुद्दों की जांच करने एवं इसे हासिल करने के लिए रणनीतियों की सिफारिश करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया था।
  • समिति ने सितंबर, 2018 में अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें विभिन्न नीतियों, सुधारों तथा कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की आय को दोगुनी करने की रणनीति सम्मिलित थी।
  • डीएफआई रणनीति कृषि को एक मूल्य आधारित उद्यम के रूप में मान्यता प्रदान करने की सिफारिश करती है, जिसमें आय वृद्धि के निम्नलिखित 7 प्रमुख स्रोतों को अभिनिर्धारित किया गया है।
    • फसल उत्पादकता में सुधार;
    • पशुधन उत्पादकता में सुधार;
    • संसाधन उपयोग दक्षता अथवा उत्पादन की लागत में बचत;
    • फसल गहनता में वृद्धि;
    • उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रवृत्त विविधीकरण;
    • किसानों को प्राप्त वास्तविक कीमतों में सुधार; तथा
    • अधिशेष कार्यबल (जनशक्ति) को कृषि से गैर-कृषि व्यवसायों में स्थानांतरित करना।

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कृषि क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम

  • आत्मनिर्भर पैकेज (कृषि) के तहत आवश्यक वित्तीय सहायता के साथ 10,000 किसान उत्पादक संगठन (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन/एफपीओ) का गठन एवं प्रचार,
  • 100,000 करोड़ रुपये के आकार के साथ कृषि अवसंरचना कोष (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड/एआईएफ) के माध्यम से आधारिक अवसंरचना के निर्माण हेतु विशेष ध्यान।
  • पीएम-किसान (PM-KISAN) के तहत अनुपूरक आय हस्तांतरण,
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत फसल बीमा,
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत सिंचाई की बेहतर पहुंच,
  • समस्त खरीफ एवं रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (मिनिमम सपोर्ट प्राइस/एमएसपी) में वृद्धि, उत्पादन लागत पर न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ मार्जिन सुनिश्चित करना,
  • भारतीय खाद्य निगम (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया/एफसीआई) संचालन के अतिरिक्त पीएम-आशा के तहत नवीन अधिप्राप्ति नीति,
  • किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) कृषि फसलों के अतिरिक्त डेयरी एवं मत्स्य पालन कृषकों को भी उत्पादन ऋण प्रदान करते हैं,
  • सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन (नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर/एनएमएसए), जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि को परिवर्तित होती जलवायु के प्रति अधिक लोचशील बनाने के लिए रणनीति विकसित करना एवं लागू करना है।
  • कृषि मूल्य श्रृंखला के सभी चरणों में डिजिटल प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर ध्यान देना।
  • कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकियों को अपनाना जिसमें भारतीय कृषि में क्रांति लाने की क्षमता है।
  • मधुमक्खी पालन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, नीली क्रांति, ब्याज सहायता (सबवेंशन) योजना, कृषि वानिकी, पुनर्गठित बांस मिशन, नई पीढ़ी के वाटरशेड दिशा निर्देशों के कार्यान्वयन इत्यादि के अंतर्गत प्राप्त होने वाले लाभ।

 

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