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बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2023 

बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2023- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।

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अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 चर्चा में क्यों है?

  • हाल ही में, नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग  तथा नेफेड (NAFED) के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, ताकि अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 के उत्सव के लिए बाजरा को  प्रोत्साहित करने हेतु प्रधानमंत्री द्वारा की गई पहल को बढ़ावा दिया जा सके।
  • दोनों संगठन “अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (इंटरनेशनल ईयर आफ मिलेट्स/IYOM)-2023” की पहल को ध्यान में रखते हुए बाजरा आधारित उत्पादों के प्रचार  तथा विपणन के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

 

अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 

  • अंतर्राष्ट्रीय बाजरा 2023 के बारे में: भारत सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा 2023 वर्ष प्रस्तावित किया गया था, जिसे संपूर्ण विश्व में मनाया जाना है।
    • खाद्य एवं कृषि संगठन (फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन/एफएओ) ने 2018 में भारत के प्रस्ताव को  स्वीकृति प्रदान की एवं संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में घोषित किया।
    • अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव द्वारा अंगीकृत किया गया था जिसके लिए भारत ने नेतृत्व प्रदान किया तथा 70 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया।
  • उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 का उद्देश्य बाजरा को खाद्य टोकरी के प्रमुख घटक के रूप में  प्रोत्साहित करना है। बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष निम्नलिखित हेतु एक विशिष्ट अवसर प्रदान करता है-
    • वैश्विक उत्पादन बढ़ाने के लिए,
    • कुशल प्रसंस्करण तथा उपभोग सुनिश्चित करने हेतु,
    • फसल चक्रों के बेहतर उपयोग को  प्रोत्साहित करने, तथा
    • संपूर्ण खाद्य प्रणालियों में बेहतर संपर्क को प्रोत्साहित  करना।
  • महत्व: अंतर्राष्ट्रीय वर्ष  करेगा-
    • खाद्य सुरक्षा एवं पोषण के लिए बाजरा के योगदान के बारे में जागरूकता  में वृद्धि
    • बाजरे के सतत उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए हितधारकों को प्रेरित करना; तथा
    • अन्य दो उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए शोध एवं विकास तथा विस्तार सेवाओं में निवेश बढ़ाने पर ध्यान देगा।

 

बाजरा के लाभ

  • साधारण परिस्थितियों में भी सरलता से लम्बे समय तक सुरक्षित रखने की क्षमता के कारण मोटे अनाज को अकाल के समय भण्डार गृह माना जाता है।
  • बाजरा देश के सर्वाधिक पुरातन खाद्य पदार्थों में से एक रहा है। यह छोटे बीजों से उत्पादित की जाने वाली फसल है जिसे शुष्क क्षेत्रों में या यहाँ तक कि निम्न एवं कम उर्वरता वाली भूमि पर भी उत्पादित किया जा सकता है, इस प्रकार इसे भारत के सुपर फूड के रूप में जाना जाता है।
  • अल्पकालीन उत्पादन ऋतु के कारण, बाजरा मात्र 65 दिनों में बीज से तैयार फसलों तक विकसित हो सकता है एवं विश्व के साधन आबादी वाले क्षेत्रों में बाजरा की यह विशेषता महत्वपूर्ण है।  यदि इसे उचित रूप से संग्रहित किया जाता है, तो बाजरा दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक  उचित प्रकार से सुरक्षित रह सकता है।
    • भारत के पोषण परिणामों में सुधार के लिए बाजरा को मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता है।
  • भारत में बाजरा उत्पादक प्रमुख राज्यों में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं तेलंगाना सम्मिलित हैं।

 

बाजरा के पोषण लाभ

  • वे खनिजों तथा बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन के साथ-साथ प्रोटीन एवं प्रति ऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) में समृद्ध हैं, जो उन्हें बच्चों के पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए एक आदर्श विकल्प बनाते हैं।
    • यद्यपि, ऐसे लाभों के बावजूद, जागरूकता  एवं उपलब्धता की कमी के कारण बाजरा का उपभोग कम होता है।
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-IV के अनुसार, पांच वर्ष से कम आयु के 38 प्रतिशत बच्चे अविकसित हैं  तथा 59 प्रतिशत बच्चे रक्ताल्पता (एनीमिया) से पीड़ित हैं।
  • कुपोषण  तथा रक्ताल्पता को कम करने के लिए पहल की श्रृंखला में से एक, सरकार बाजरा  के उपभोग  पर बल दे रही है।
  • नीति आयोग भी चावल  एवं गेहूं से हटकर मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में बाजरा को सम्मिलित करने की आवश्यकता की वकालत करता रहा है।
    • इसके अलावा, 2019 में, नीति आयोग  ने कर्नाटक के चार  विद्यालयों में किशोरों के मध्य एक अध्ययन के आधार पर बाजरा के लाभों को प्रदर्शित करने वाली एक रिपोर्ट जारी की थी।

 

बाजरा के उत्पादन में वृद्धि करने हेतु सरकार के कदम

  • भारत सरकार ने अन्य राज्यों में बाजरा के अधिशेष उत्पादन के निर्बाध आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए दिशानिर्देशों को पूर्व में ही संशोधित कर दिया है।
  •  भारतीय खाद्य निगम (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया/FCI) के माध्यम से अधिशेष बाजरा के अंतर-राज्यीय परिवहन का प्रावधान उपभोक्ता राज्यों द्वारा अधिप्राप्ति प्रारंभ  होने से पूर्व रखी गई अग्रिम मांगों को पूरा करने के लिए शामिल किया गया है।
  • भारत अब विश्व स्तर पर बाजरा का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक है।
  • 2023 बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष होगा जो खाद्य विकल्पों में मूल्य सृजन  एवं सतत उत्पादों को प्रोत्साहित करेगा।

 

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