UPSC Exam   »   Types of Trade Agreements   »   India Israel FTA

भारत इज़राइल संबंध: भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र

भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता: प्रासंगिकता

  • जीएस 2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं / या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।

भारत इज़राइल संबंध: भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र_40.1

भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता: प्रसंग

  • हाल ही में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा है कि भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप से निर्धारित करने हेतु  इजरायल के साथ वार्ता कर रहा है।

 

भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता: मुख्य बिंदु

  • यह घोषणा दोनों देशों के मध्य राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ के साथ एक ही समय में की गई है।
  • केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया एवं कनाडा के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौतों पर वार्ता की जा रही है।
  • उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के साथ समझौता ‘अंतिम रूप देने के करीब’ था जबकि ऑस्ट्रेलिया के साथ एफटीए ‘अत्यंत उन्नत चरण’ में था।
  • एफटीए कृषि उत्पादों एवं औषधि उद्योग (फार्मास्यूटिकल्स) जैसे क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को समाहित करेगा।

भारत इज़राइल संबंध: भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र_50.1

भारत इजराइल मुक्त व्यापार समझौता: एफटीए के लाभ

  • प्रशुल्कों में कमी – एफटीए या पीटीए के ज्ञात लाभों में से एक भारत-मर्कोसुर पीटीए में प्रस्तावित उत्पाद सूची हेतु प्रशुल्कों में कमी है, उदाहरण के लिए, मर्कोसुर ने 450 सूचीबद्ध उत्पादों पर 10% से 100% तक अधिमान्य प्रशुल्क कटौती की पेशकश की। यह निर्यातकों को कम प्रशुल्कों पर बाजार तक अधिगम की अनुमति प्रदान करता है एवं इसलिए एक भागीदार देश के निर्यातकों हेतु प्रतिस्पर्धी अंतिम मूल्य प्रदान करता है।
  • नए बाजारों तक पहुंच –  मुक्त व्यापार समझौते के पश्चात मर्कोसुर के साथ व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। एफटीए साझेदार देशों में निर्यातकों के साथ-साथ आयातकों को सुगम एवं प्रतिस्पर्धी अधिगम प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए: मलेशिया से तांबे के तारों के आयात में 2010 में भारत-आसियान एफटीए पर हस्ताक्षर के पश्चात अकस्मात स्पष्ट रूप से तेजी आई।
  • व्यापार जोखिम विविधीकरण – उत्पाद बास्केट एवं विविधीकरण के मामले में विविधीकरण में वृद्धि करने से, देश भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण वैश्विक एवं राष्ट्रीय व्यापार पर प्रतिकूल परिणामों को रोकने में सहायता करते हैं। उदाहरण के लिए, ईरान संकट के पश्चात तेल संकट, जीसीसी में फूट एवं आकस्मिक मुद्दे जो 21वीं सदी में बढ़ रहे हैं।
  • नवाचार एवं प्रतिस्पर्धा – आम तौर पर बेहतर बाजार एकीकरण प्रतिस्पर्धा में वृद्धि करता है जिससे उद्योग को दीर्घ काल में उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने वाले नवाचार की ओर प्रेरित कर दिया जाता है।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं वर्धित एकीकरण – व्यापार में वृद्धि से बाजार का बेहतर एकीकरण होता है एवं कौशल तथा प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की सुविधा भी प्राप्त होती है।

 

मैलवेयर एवं उसके प्रकार ओमीश्योर | सार्स कोव-2 के ओमिक्रोन वेरिएंट का पता लगाने हेतु परीक्षण किट रानी वेलु नचियार- तमिलनाडु की झांसी रानी भारत की गिरती बेरोजगारी दर एवं रोजगार का जोखिम- सीएमआईई निष्कर्ष
व्यापार समझौतों के प्रकार ऑफलाइन डिजिटल भुगतान: भारतीय रिजर्व बैंक ने दिशानिर्देश जारी किए संपादकीय विश्लेषण: शासन में सहायता प्रौद्योगिकी हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक गठबंधन (नीट) योजना
जलवायु परिवर्तन जागरूकता अभियान एवं राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता सॉलिड स्टेट लिथियम मेटल बैटरी भुगतान संतुलन हरित हाइड्रोजन की प्राकृतिक गैस के साथ सम्मिश्रण की सरकार की योजना

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Leave a comment

Your email address will not be published.