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ई-गोपाला पोर्टल

ई-गोपाला पोर्टल- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 3: भारतीय कृषि: किसानों की सहायता हेतु ई-प्रौद्योगिकी।

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समाचार में ई-गोपाला पोर्टल

  • हाल ही में, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने “ई-गोपाला” पोर्टल नामक एक एंड्रॉइड तथा वेब-आधारित एप्लिकेशन विकसित किया है।

 

ई-गोपाला पोर्टल क्या है?

  • ई-गोपाला पोर्टल के बारे में: ई-गोपाला पोर्टल डेयरी किसानों को अपने पशुओं का प्रबंधन करने में सहायता करने हेतु एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। किसानों द्वारा प्रत्यक्ष उपयोग के लिए ई-गोपाला पोर्टल 2020 में विमोचित किया गया था।
  • ई-गोपाला पोर्टल 12 भाषाओं- हिंदी, गुजराती, मराठी, उड़िया, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, तमिल, असमिया एवं अंग्रेजी में उपलब्ध है। ।

 

ई-गोपाला पोर्टल के प्रमुख लाभ 

  • ई-गोपाला पोर्टल किसानों को स्थानीय रूप से उपलब्ध चारा (फ़ीड) सामग्री का उपयोग करके डेयरी पशुओं के लिए संतुलित राशन तैयार करने में सहायता करता है।
    • यह उत्पादकता  एवं प्रजनन क्षमता में वृद्धि करते हुए फ़ीड लागत को अनुकूलित करने में  सहायता करता है।
  • ई-गोपाला पोर्टल नृजातीय (एथनो)-पशु चिकित्सा (ईवीएम) का उपयोग करके डेयरी पशुओं की लगभग 29 सामान्य रोगों जैसे मास्टिटिस, अपच, दस्त  इत्यादि के प्रबंधन में किसानों की सहायता करता है।
    • यह खंड नृजातीय-पशु चिकित्सा के माध्यम से रोग प्रबंधन प्रोटोकॉल पर विभिन्न भाषाओं में वीडियो भी सम्मिलित रखता है।
  • ई-गोपाला पोर्टल डेयरी पशुओं की खरीद/बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, मवेशियों  एवं भैंसों की विभिन्न नस्लों के लिए उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण वीर्य खुराक के स्रोत की जानकारी तथा आईवीएफ भ्रूण एवं लिंग-वर्गीकृत वीर्य की उपलब्धता के लिए संपर्क विवरण प्रदान करता है।
  • ई-गोपाला पोर्टल आईएनएपीएच से अपने पशुओं के प्रजनन, पोषण एवं स्वास्थ्य के बारे में समयोचित जानकारी भी प्रदान करता है।

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सरकार द्वारा उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण कदम

  • भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया/एडब्ल्यूबीआई) मान्यता प्राप्त गौशालाओं / एडब्ल्यूओ / गैर सरकारी संगठनों / एसपीसीए  तथा स्थानीय निकायों को  निम्नलिखित हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करता है-
    • नये पशु आश्रय गृह की स्थापना,
    • पशु आश्रयों, पशुओं की दवाओं का रखरखाव,
    • चिकित्सा उपकरणों की खरीद  तथा पशु चिकित्सा शिविर इत्यादि का आयोजन एवं
    • अवैध परिवहन/वधशालाओं से मुक्त कराए गए पशुओं के रखरखाव के लिए बचाए गए पशुओं के अनुरक्षण अनुदान एवं संकटग्रस्त पशुओं के लिए एम्बुलेंस सेवाओं का प्रावधान।
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत, भारत सरकार 90% परिशुद्धता के साथ मादा बछड़ों के उत्पादन के लिए लिंग- वर्गीकृत वीर्य के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
    • लिंग वर्गीकृत वीर्य का व्यापक उपयोग देश में लावारिस पशुओं की आबादी को सीमित कर देगा।

 

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