Home   »   CoE – SURVEI standardizes Drone images...   »   CoE – SURVEI standardizes Drone images...

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – SURVEI ने भूमि सर्वेक्षण हेतु ड्रोन छवियों  को मानकीकृत किया

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – SURVEI ने भूमि सर्वेक्षण हेतु ड्रोन छवियों  को मानकीकृत किया- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • सामान्य अध्ययन II- शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही, नागरिक चार्टर।

हिंदी

सीओई-सर्वे चर्चा में क्यों है

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन सैटेलाइट एंड अनमैन्ड रिमोट व्हीकल इनिशिएटिव (सीओई-सर्वे) ने एक कृत्रिम प्रज्ञान (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)-आधारित सॉफ्टवेयर विकसित किया है जो सैटेलाइट आकृतियों (इमेजरी) का उपयोग करके एक समय श्रृंखला में अनधिकृत निर्माण एवं अतिक्रमण सहित भूमि पर परिवर्तन का स्वचालित रूप से पता लगा सकता है।

 

सीओई-सर्वे (CoE- SURVEI)

  • राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान में रक्षा संपदा महानिदेशालय द्वारा स्थापित सीओई-सर्वे (CoE-SURVEI), सर्वेक्षण में नवीनतम तकनीकों का लाभ उठाता है जो प्रभावी भूमि प्रबंधन एवं शहरी नियोजन के लिए उपग्रह इमेजरी, ड्रोन इमेजरी तथा भू-स्थानिक उपकरण हैं।
  • इस परिवर्तन का पता लगाने वाला सॉफ्टवेयर सीओई-सर्वे द्वारा नॉलेज पार्टनर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर/बीएआरसी), विशाखापत्तनम के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • वर्तमान में, यह टूल प्रशिक्षित सॉफ्टवेयर के साथ राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर/NRSC) कार्टोसैट -3 इमेजरी का उपयोग करता है।
  • विभिन्न समयावधियों की उपग्रह इमेजरी का विश्लेषण करके परिवर्तनों का पता लगाया जाता है।

 

इसका उपयोग कहाँ किया जाता है?

  • सीओई द्वारा 62 छावनियों में इस अनुप्रयोग का उपयोग किया गया है एवं हाल की अवधि में वास्तविक स्थिति के साथ तुलना की गई है।
  • सॉफ्टवेयर अनधिकृत गतिविधियों के बेहतर नियंत्रण की सुविधा प्रदान करता है, फील्ड स्टाफ की जवाबदेही सुनिश्चित करता है एवं भ्रष्ट प्रथाओं को कम करने में सहायता करता है।
  • सीओई-सर्वे ने रिक्त भूमि विश्लेषण एवं पहाड़ी छावनियों के 3डी छवि विश्लेषण के लिए उपकरण भी विकसित किए हैं।

 

भूमि सर्वेक्षण में राष्ट्रीय संस्थान में उत्कृष्टता केंद्र

  • राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस एस्टेट्स ऑफ मैनेजमेंट/एनआईडीईएम) में भूमि सर्वेक्षण में उत्कृष्टता केंद्र का मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को ड्रोन (/विषय/ड्रोन) सर्वेक्षण एवं उपग्रह आकृतियों (/विषय/उपग्रह इमेजरी) आधारित सर्वेक्षण जैसी उदीयमान सर्वेक्षण प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करना है।
  • आजकल डिजिटल फोटोग्रामितीय (फोटोग्राममेट्रिक) तकनीकों, उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह आकृतियां, हवाई एवं स्थलीय लेजर स्कैनर उपकरणों पर आधारित  वास्तविक समय अनुश्रवण प्रणाली (रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम) ज्यामितीय सर्वेक्षण एवं प्रतिरूपण (मॉडलिंग) के लिए शक्तिशाली उपकरणों का एक समुच्चय प्रदान कर सकते हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सर्वे की ऐसी नवीन तकनीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • नवीनतम तकनीकों में सर्वेक्षण के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र बनने के लिए उत्कृष्टता केंद्र को राष्ट्रीय क्षेत्र में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

भारत-बांग्लादेश संबंध 2022- सात समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए संपादकीय विश्लेषण- 1971 की आत्मा प्रधानमंत्री करेंगे ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर
पीएम श्री योजना भारत का प्रथम “नाइट स्काई सैंक्चुअरी” लद्दाख में स्थापित किया जाएगा निवारक निरोध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) कानून भारत एवं जापान के मध्य रणनीतिक साझेदारी
एलजीबीटीक्यू एवं मानवाधिकार मोहनजोदड़ो केरल का लोकायुक्त संशोधन विवाद प्रस्तावना में “समाजवादी” एवं ” पंथनिरपेक्ष” शब्द

Sharing is caring!

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *