Home   »   Central Consumer Protection Authority (CCPA)   »   Central Consumer Protection Authority (CCPA)

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण: होटल द्वारा लगाए गए सेवा शुल्क पर सीसीपीए आदेश

सेवा शुल्क पर सीसीपीए आदेश- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: भारतीय संविधान- वैधानिक, नियामक एवं विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय।

हिंदी

समाचारों में सेवा शुल्क पर सीसीपीए आदेश

  • हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी/सीसीपीए) ने दिशा निर्देश जारी कर होटल एवं रेस्टोरेंट को ग्राहकों से सेवा शुल्क (सर्विस चार्ज) नहीं लेने को कहा था।

 

होटल सेवा शुल्क पर सीसीपीए दिशानिर्देश

  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि इन प्रतिष्ठानों को ग्राहकों द्वारा भुगतान किए गए खाद्य बिल में स्वतः या डिफ़ॉल्ट रूप से सेवा शुल्क नहीं जोड़ना चाहिए।
  • खाद्य बिल के साथ जोड़कर एवं कुल राशि पर जीएसटी लगाकर सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • सीसीपीए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई उपभोक्ता पाता है कि कोई होटल या रेस्तरां दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहा है, तो वह-
    • बिल राशि से सेवा शुल्क हटाने का अनुरोध करें अथवा
    • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करें।
  • इस तरह के कदाचार के खिलाफ उपभोक्ता आयोग या जिला कलेक्टर के पास भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
  • दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सेवा का एक घटक रेस्तरां या होटल द्वारा पेश किए जाने वाले भोजन तथा पेय पदार्थों की कीमतों में निहित है।

हिंदी

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए)

  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के बारे में: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10(1) के तहत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी/सीसीपीए) का गठन किया गया है।
    • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 20 जुलाई, 2020 से प्रवर्तन में आया है। जैसा कि अधिनियम की धारा 10 में प्रावधान किया गया है, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की स्थापना 1 अप्रैल 2015 से की गई है।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के बारे में: अधिनियम ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को प्रतिस्थापित कर दिया एवं उपभोक्ता की चिंताओं को दूर करने में इसके दायरे को व्यापक बनाने का प्रयास किया।
    • नया अधिनियम ऐसे अपराधों  की पहचान करता है जैसे किसी वस्तु या सेवा की गुणवत्ता या मात्रा के बारे में गलत  सूचना देना एवं भ्रामक विज्ञापन देना।
    • यह, यह भी निर्दिष्ट करता है कि यदि वस्तु एवं सेवाएं “खतरनाक, हानिकारक अथवा असुरक्षित” पाई जाती हैं, तो उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
  • अधिदेश: CCPA का उद्देश्य अनुचित व्यापार पद्धतियों एवं झूठे तथा भ्रामक विज्ञापनों पर नकेल कस कर उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा करना है जो जनता एवं उपभोक्ताओं के हितों के लिए हानिकारक हैं।
    • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) का उद्देश्य एक वर्ग के रूप में उपभोक्ताओं के अधिकारों को प्रोत्साहन देना, उनकी रक्षा करना तथा उन्हें लागू करना है।
  • शक्तियां: सीसीपीए के पास उपभोक्ता अधिकारों या अनुचित व्यापार पद्धतियों के उल्लंघन से संबंधित मामलों के लिए स्वतः निर्देशित अथवा प्राप्त शिकायत पर, या केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच अथवा अन्वेषण करने की शक्तियां होंगी ।
  • प्रमुख कार्य: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) को निम्नलिखित हेतु अधिकार प्रदान किया जाएगा-
    • उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन की जांच करना एवं शिकायत/अभियोजन स्थापित करना,
    • असुरक्षित वस्तुओं एवं सेवाओं को वापस बुलाने का आदेश,
    • अनुचित व्यापार पद्धतियों एवं भ्रामक विज्ञापनों को बंद करने का आदेश,
    • भ्रामक विज्ञापनों के निर्माताओं/प्रदर्शकों/प्रकाशकों पर दंड लगाना।

 

संपादकीय विश्लेषण: भारत में उचित आशय, भ्रमित करने वाली विषय वस्तु  राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग 2021- प्रमुख निष्कर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2022: इतिहास, विषय एवं महत्व 2022 में रुपये का मूल्यह्रास: भारतीय रुपया रिकॉर्ड न्यूनतम पर
नीति आयोग ने जारी किया टेक होम राशन रिपोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी: एनआईए ने उदयपुर हत्याकांड के कार्यभार को संभाला वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो संपादकीय विश्लेषण- वेक-अप कॉल
चीन की एक देश, दो प्रणाली नीति वृतिका शोध प्रशिक्षुता भारत में पुलिस सुधार: मुद्दे, सिफारिशें, सामुदायिक पुलिसिंग उद्यमी भारत कार्यक्रम

Sharing is caring!