Table of Contents
विंडफॉल टैक्स- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता
- सामान्य अध्ययन III- भारतीय अर्थव्यवस्था।
विंडफॉल टैक्स चर्चा में क्यों है?
- वित्त मंत्री ने घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों पर केंद्र द्वारा लगाए गए अप्रत्याशित कर का बचाव करते हुए कहा है कि यह एक तदर्थ कदम नहीं था बल्कि उद्योग जगत के साथ पूर्ण परामर्श के पश्चात लागू किया गया कदम था।
अप्रत्याशित कर (विंडफॉल टैक्स) क्या है?
- अप्रत्याशित (विंडफॉल) करों को एक बाहरी, कभी-कभी अभूतपूर्व घटना से प्राप्त होने वाले लाभ पर कर आरोपित करने हेतु डिज़ाइन किया गया है – उदाहरण के लिए, रूस-यूक्रेन संघर्ष के परिणामस्वरूप ऊर्जा मूल्य-वृद्धि।
- ये ऐसे लाभ हैं जिन्हें कंपनी द्वारा सक्रिय रूप से किए गए किसी निवेश रणनीति अथवा व्यवसाय के विस्तार के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है।
- यूएस कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) एक अप्रत्याशित लाभ को “बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या व्यय के आय में अनर्जित, अप्रत्याशित लाभ” के रूप में परिभाषित करता है।
- एक क्षेत्र जहां इस तरह के करों पर नियमित रूप से चर्चा की जाती है, वह है तेल बाजार, जहां कीमतों में उतार-चढ़ाव से उद्योग के लिए अस्थिर अथवा अनिश्चित लाभ प्राप्त होता है।
Popular Online Live Classes
SSC GD Constable 2025-26 - Dhurandhar 2.0 Batch with Test Series and Ebook | Hinglish | Online Live + Recorded Classes By Adda247Rs 439.78Enroll Now
Railway Mahapack (RRB NTPC, RPF Constable & SI, ALP, Group D, Technician)Rs 1,256.20Enroll Now
कोल इंडिया : Coal India Limited | Electronics Engineering 2026 | Complete Live + Recorded Batch By Adda 247Rs 1,671.12Enroll Now
भारत ने विंडफॉल टैक्स कब प्रारंभ किया?
- इस वर्ष जुलाई में, भारत ने घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों पर अप्रत्याशित कर की घोषणा की, जो मानते थे कि वे तेल की ऊंची कीमतों का लाभ उठा रहे हैं।
- इसने डीजल, पेट्रोल तथा वायु टरबाइन ईंधन (एयर टरबाइन फ्यूल/एटीएफ) के निर्यात पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क भी आरोपित किया।
- साथ ही, भारत का मामला अन्य देशों से अलग था, क्योंकि वह अभी भी रियायती रूसी तेल का आयात कर रहा था।
विंडफॉल टैक्स किस प्रकार लगाया जाता है?
- सामान्य तौर पर सरकारें इसे कर की सामान्य दरों के ऊपर एकमुश्त कर के रूप में पूर्वव्यापी रूप से आरोपित करती हैं।
- केंद्र सरकार ने घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर 23,250 रुपए प्रति टन का अप्रत्याशित लाभ कर आरंभ किया है, जिसे बाद में अब तक हर पखवाड़े में चार बार संशोधित किया गया था।
- नवीनतम संशोधन 31 अगस्त को किया गया था, जब इसे 13,000 रुपए से बढ़ाकर 13,300 रुपए प्रति टन कर दिया गया था।
भारत में विंडफॉल टैक्स की आवश्यकता
- विश्व भर में सरकारों के लिए अप्रत्याशित करों को लागू करने हेतु अलग-अलग तर्क हैं जैसे:
- अप्रत्याशित लाभ का पुनर्वितरण जब उपभोक्ताओं की कीमत पर उच्च कीमतों से उत्पादकों को लाभ प्राप्त होता है,
- सामाजिक कल्याण योजनाओं का वित्तपोषण, एवं
- सरकार के लिए अनुपूरक राजस्व स्रोत।
विंडफॉल टैक्स एवं विश्व
- तेल, गैस एवं कोयले की कीमतों में विगत वर्ष से तथा चालू वर्ष की पहली दो तिमाहियों में तीव्र वृद्धि देखी गई है, यद्यपि हाल ही में इनमें कमी आई है।
- रूस-यूक्रेन संघर्ष के परिणामस्वरूप महामारी से उबरने एवं आपूर्ति के मुद्दों ने ऊर्जा की मांग में वृद्धि कर दी, जिसके परिणाम स्वरुप वैश्विक कीमतों में तेजी आई है।
- बढ़ती कीमतों का पर्थ ऊर्जा कंपनियों के लिए भारी एवं रिकॉर्ड लाभ था, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी एवं छोटी अर्थव्यवस्थाओं में घरों के लिए गैस तथा बिजली के भारी बिल थे।
- चूंकि लाभ आंशिक रूप से बाहरी परिवर्तन से उत्पन्न हुआ है, अतः अनेक विश्लेषकों ने उन्हें अप्रत्याशित लाभ कहा है।
विंडफॉल टैक्स: इस प्रकार के करों को आरोपित करने में समस्याएं
- कर व्यवस्था में निश्चितता एवं स्थिरता होने पर कंपनियां किसी क्षेत्र में निवेश करने में विश्वास रखती हैं।
- चूंकि अप्रत्याशित कर (विंडफॉल टैक्स) पूर्वव्यापी रूप से आरोपित किए जाते हैं तथा प्रायः अप्रत्याशित घटनाओं से प्रभावित होते हैं, वे भविष्य के करों के बारे में बाजार में अनिश्चितता उत्पन्न कर सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड/आईएमएफ) का कहना है कि मूल्य वृद्धि के उत्तर में कर डिजाइन-उनके समीचीन एवं राजनीतिक प्रकृति को देखते हुए समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं।
- इसमें कहा गया है कि एक अस्थायी अप्रत्याशित लाभ कर आरंभ करने से भविष्य के निवेश में कमी आती है क्योंकि संभावित निवेशक निवेश निर्णय लेते समय संभावित करों की संभावना को आंतरिकता प्रदान कर देंगे।
- इस बारे में एक अन्य तर्क है कि वास्तव में वास्तविक अप्रत्याशित लाभ क्या होता है; यह किस प्रकार निर्धारित किया जा सकता है एवं किस स्तर का लाभ सामान्य अथवा अत्यधिक है।
- एक अन्य मुद्दा यह है कि यह कर किस पर आरोपित किया जाना चाहिए – केवल बड़ी कंपनियां जो उच्च कीमत युक्त थोक विक्रय के लिए उत्तरदायी हैं अथवा छोटी कंपनियों भी- यह प्रश्न उठाती हैं कि क्या एक निश्चित सीमा से नीचे के राजस्व या लाभ वाले उत्पादकों को छूट दी जानी चाहिए।






TSPSC Group 1 Question Paper 2024, Downl...
TSPSC Group 1 Answer key 2024 Out, Downl...
UPSC Prelims 2024 Question Paper, Downlo...
