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संपादकीय विश्लेषण- अपर्याप्त प्रतिक्रिया

ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन एवं चुनौतियां- विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकार की नीतियां एवं अंतः क्षेप तथा उनकी अभिकल्पना एवं कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

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ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड- संदर्भ

  • हाल ही में, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के अभिनिर्धारण हेतु मानदंड निर्धारित करने पर सरकार द्वारा नियुक्त समिति ने अपनी रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी।

 

ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड- प्रमुख सिफारिशें

  • ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड: कमिटी ने कहा कि 8 लाख रुपए की वार्षिक पारिवारिक आय यह निर्धारित करने हेतु “युक्तियुक्त” सीमा है कि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित है अथवा नहीं।
    • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटा शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश एवं नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान करता है।
  • आय मानदंड की उपयुक्तता: समिति ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु उपयोग की जाने वाली आय मानदंड (कट-ऑफ के रूप में 8 लाख रुपए) ओबीसी क्रीमी लेयर के लिए निर्धारित मानदंड की तुलना में “अधिक कठोर” था।
    • समिति ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के निर्धारण के लिए आय मानदंड व्यापक है एवं ओबीसी क्रीमी लेयर के मामले में उपयोग किए जाने वाले मापदंडों के अतिरिक्त अनेक अन्य आय मापदंडों का उपयोग करता है।

 

ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड- संबद्ध चिंताएं

  • सामाजिक एवं शैक्षिक पिछड़ापन: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि ओबीसी वर्ग सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा है एवं इसलिए उसे दूर करने हेतु अतिरिक्त बाधाएं थीं।
    • इस संदर्भ में, सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा था कि क्या “ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस दोनों श्रेणियों के लिए समान आय सीमा का प्रावधान करना मनमाना होगा”।
    • समिति सर्वोच्च न्यायालय की इस चिंता का समुचित उत्तर देने में विफल रही है।
  • अस्पष्ट मापदंड: समिति ने कहा कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति एवं राज्यों में प्रति व्यक्ति आय/जीडीपी में सभी अंतरों पर विचार करना अव्यावहारिक तथा जटिल होगा।
    • समिति ने इसके आधार पर आबादी में ईडब्ल्यूएस व्यक्तियों की अनुमानित संख्या (8 लाख रुपए) पर कोई डेटा प्रस्तुत नहीं किया।
  • अतार्किक मापदंड: 2011-12 के एनएसएसओ रिपोर्ट के उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के अनुसार, जनसंख्या का एक बड़ा भाग ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण के लिए पात्र होगा, जो इस सीमा को अतार्किक बनाता है।
    • 2011-12 की एनएसएसओ रिपोर्ट का उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण घरेलू उपभोक्ता व्यय का एक प्रमुख संकेतक है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का मानदंड: समिति का दावा है कि 8 लाख रुपये “प्रभावी आयकर छूट सीमा” के अनुरूप है।
    • यह अप्रासंगिक है क्योंकि करों के भुगतान करने से छूट प्राप्त एकमात्र आय स्लैब 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए था।

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ईडब्ल्यूएस के अभिनिर्धारण हेतु आय मानदंड- निष्कर्ष

  • 103 वें संविधान संशोधन की वैधता, जिसके माध्यम से 2019 में ईडब्ल्यूएस कोटाप्रस्तुत किया गया था, किसी मामले में अभी भी एक संविधान पीठ के पास है।
  • शीर्ष न्यायालय को आरक्षण के लिए पात्र ईडब्ल्यूएस वर्गों के अभिनिर्धारण हेतु आय सीमा निर्धारित करने के लिए सरकारी समिति द्वारा अपनाए गए मानदंडों पर अधिक स्पष्टता की तलाश करनी चाहिए।
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