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पीएम श्री योजना

पीएम श्री योजना- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • सामान्य अध्ययन II- स्वास्थ्य एवं शिक्षा।

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पीएम श्री योजना चर्चा में क्यों है?

  • प्रधान मंत्री ने घोषणा की है कि पीएम श्री योजना के तहत, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के घटकों को प्रदर्शित करने हेतु संपूर्ण भारत में 14,500 विद्यालयों को “अपग्रेड” किया जाएगा।

 

पीएम श्री योजना क्या है?

  • राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 14,500 विद्यालयों को केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति  (नेशनल एजुकेशन पॉलिसी/एनईपी), 2020 की प्रमुख विशेषताओं को प्रदर्शित करने हेतु पुनर्विकसित किया जाएगा, जिसे पीएम एसएचआरआई स्कूल (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) के रूप में जाना जाता है।
  • गुजरात के गांधीनगर में जून में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान इस योजना पर सर्वप्रथम राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के साथ चर्चा आयोजित की गई थी।
  • जबकि नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय जैसे अनुकरणीय विद्यालय हैं, पीएम श्री “एनईपी लैब” (राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रयोगशाला) के रूप में कार्य करेंगे।

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विद्यालयी शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विशेषताएं 

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति विभिन्न चरणों में विभाजित एक पाठ्यचर्या संरचना एवं शिक्षण शैली- मूलभूत, प्रारंभिक, मध्य एवं माध्यमिक की परिकल्पना करता है।
  • आधारिक वर्षों (विद्यालय-पूर्व एवं कक्षा I, II) में खेल-आधारित शिक्षा सम्मिलित होगी।
  • प्रारंभिक स्तर (III-V) पर, कुछ औपचारिक कक्षा शिक्षण के साथ सरल पाठ्य पुस्तकों को प्रारंभ किया जाना है। विषय शिक्षकों को मध्य स्तर (VI-VIII) पर पेश किया जाना है।
  • माध्यमिक चरण (IX-XII) प्रकृति में बहु-विषयक होगा जिसमें कला एवं विज्ञान तथा अन्य विषयों के मध्य कोई दृढ़ विभाजन नहीं होगा।

 

पीएम श्री विद्यालय केंद्रीय विद्यालयों अथवा जवाहर नवोदय विद्यालयों से किस प्रकार भिन्न होंगे?

  • केंद्रीय विद्यालय या जवाहर नवोदय विद्यालय पूरी तरह से केंद्र के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं एवं केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित हैं।
  • जबकि केंद्रीय विद्यालय (केवी) बड़े पैमाने पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं, देश के ग्रामीण हिस्सों में प्रतिभाशाली छात्रों के पोषण के लिए  जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) की स्थापना की गई थी।
  • इसके विपरीत, पीएम श्री विद्यालय केंद्र, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं स्थानीय निकायों द्वारा संचालित मौजूदा विद्यालयों का उन्नयन होंगे।
  • इसका अनिवार्य रूप से अर्थ यह है कि पीएम श्री विद्यालय या तो केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, राज्य सरकार के विद्यालय अथवा यहां तक ​​कि नगर निगमों द्वारा संचालित हो सकते हैं।

 

कहां बनेंगे पीएम श्री विद्यालय?

  • केंद्र ने अभी तक उन विद्यालयों की सूची जारी नहीं की है जिन्हें इस उद्देश्य के लिए चयनित किया गया है, हालांकि यह घोषणा की गई है कि पीएम श्री विद्यालय अपने आसपास के अन्य विद्यालयों को भी “परामर्श की पेशकश” करेंगे।
  • ये विद्यालय प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्षा, लाइब्रेरी, खेल उपकरण (स्पोर्ट्स इक्विपमेंट), कला कक्ष (आर्ट रूम)  इत्यादि सहित आधुनिक अवसंरचना से लैस होंगे।
  • इसे जल संरक्षण, अपशिष्ट पुनर्चक्रण, ऊर्जा दक्ष आधारिक संरचना एवं पाठ्यक्रम में जैविक जीवन शैली के एकीकरण के साथ हरित विद्यालयों के रूप में भी विकसित किया जाएगा।

 

केंद्र प्रायोजित योजना क्या है?

  • एक केंद्र प्रायोजित योजना वह है जहां कार्यान्वयन की लागत केंद्र सरकार एवं राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के मध्य 60:40 के अनुपात में विभाजित होने की संभावना है।
  • उदाहरण के लिए, मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण) या पीएम आवास योजना केंद्र प्रायोजित योजनाओं के उदाहरण हैं।
  • पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू एवं कश्मीर तथा बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के मामले में, केंद्र का अंशदान 90 प्रतिशत तक हो सकता है।

 

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