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भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन: क्षारीय इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी का आमाप वर्धन

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन- यूपीएससी परीक्षा हेतु प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 3: आधारिक अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, हवाई अड्डे, रेलवे इत्यादि;
    • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- दैनिक जीवन में विकास एवं उनके अनुप्रयोग तथा प्रभाव।

 

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन- संदर्भ

  • हाल ही में, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) के साथ मिलकर हरित हाइड्रोजन उत्पादन हेतु क्षारीय इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक का आमाप वर्धन (विस्तार) किया है।
    • वर्तमान में, इलेक्ट्रोलाइजर संयंत्रों का आयात किया जाता है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं हरित गृह गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए देश की प्रतिबद्धता का समर्थन करने हेतु यह अपनी तरह की प्रथम पहल है।

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन: क्षारीय इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी का आमाप वर्धन_40.1

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन- उत्पादन तंत्र

  • वर्तमान तंत्र:
    • तेल शोधन शालाएं (रिफाइनरियां) पेट्रोल, डीजल एवं अन्य रसायनों को निर्मित करने हेतु विगंधकन (डिसल्फराइजेशन) हेतु विशाल मात्रा में हाइड्रोजन का उपयोग करती हैं।
    • वर्तमान में, तेल शोधन शालाओं में प्राकृतिक गैस के वाष्प सुधार द्वारा हाइड्रोजन का निर्माण किया जाता है, किंतु इसके परिणामस्वरूप उच्च कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन होता है।
  • प्रस्तावित तंत्र:
    • कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को सीमित करने के लिए,  तेल शोधन शालाएं जल से हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने हेतु व्यापक पैमाने पर विद्युत अपघटन (इलेक्ट्रोलिसिस) की स्थापना कर रहे हैं एवं इस प्रकार हाइड्रोजन उत्पादन को डेकार्बोनाइज करते हैं।

 

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन- महत्व

  • सतत विकास: हरित हाइड्रोजन उत्पादन, प्रदूषकों एवं हरितगृह गैस उत्सर्जन को कम करने में सहायता करेगा, अतः, हरित एवं सतत विकास का समर्थन करेगा।
  • आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के साथ बीपीसीएल का सहयोग स्वदेशी क्षारीय इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी का आमाप वर्धन कर हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने हेतु “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक अन्य महत्वपूर्ण कदम है।
  • 2040 तक निवल शून्य उत्सर्जन का समर्थन करना: देश में हरित हाइड्रोजन उत्पादन एक अन्य महत्वपूर्ण कदम है जो भारत को 2040 तक निवल शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने में सहायता करेगा।

 

भारत में हरित हाइड्रोजन का उत्पादन- हाइड्रोजन का महत्व

  • एक किलोग्राम हाइड्रोजन के दहन से एक किलोग्राम गैसोलीन की तुलना में तीन गुना अधिक ऊर्जा मुक्त होती है एवं केवल जल का उत्पादन होता है।
  • हाइड्रोजन ईंधन सेल, जो एक विद्युत रासायनिक (इलेक्ट्रोकेमिकल) सेल है जो हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन की रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है, में अपशिष्ट उत्पाद के रूप में मात्र जल उपस्थित होता है।
  • जब तक हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है, ईंधन सेल अनवरत विद्युत का उत्पादन कर सकते हैं।

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन: क्षारीय इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकी का आमाप वर्धन_50.1

भारत में हरित हाइड्रोजन उत्पादन- हाइड्रोजन ईंधन को बढ़ावा देने हेतु अन्य कदम

  • राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन (एनएचएम): भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रारंभ किया गया है, राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन एवं निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
    • हाइड्रोजन-सीएनजी बसें: सरकार पहले ही 50 बसों का परिचालन प्रारंभ कर चुकी है जो ईंधन के रूप में एच-सीएनजी का उपयोग करती हैं।
  • राष्ट्रीय हाइड्रोजन पोर्टल: यह संपूर्ण भारत में हाइड्रोजन के अनुसंधान, उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं अनुप्रयोग के लिए सूचना स्रोत है।
    • राष्ट्रीय हाइड्रोजन पोर्टल का लिंक- Greenhydrogen-India.com.
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