Home   »   Global Findex Report 2021   »   Global Findex Report 2021

ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट 2021

ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट: प्रासंगिकता

  • जीएस 2: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं नियोजन, संसाधनों का अभिनियोजन, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित मुद्दे।

हिंदी

ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट: प्रसंग 

  • हाल ही में, विश्व बैंक ने भुगतान से लेकर बचत एवं ऋण लेने तक वित्तीय सेवाओं तक वैश्विक पहुंच पर डेटा का एक निश्चित स्रोत प्रदान करने हेतु ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट 2021′ शीर्षक से एक नई रिपोर्ट जारी की है।

 

ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट: मुख्य बिंदु

  • 2021 के संस्करण में औपचारिक एवं अनौपचारिक वित्तीय सेवाओं तथा डिजिटल भुगतानों तक पहुंच एवं उपयोग पर अद्यतन संकेतक सम्मिलित हैं एवं उन व्यवहारों में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं जो वित्तीय प्रत्यास्थता को सक्षम करते हैं।
  • डेटा महिलाओं एवं निर्धन वयस्कों द्वारा वित्तीय सेवाओं तक पहुंच एवं उपयोग में अंतराल की पहचान करता है।
  • ग्लोबल फाइंडेक्स डेटाबेस 2011 से प्रत्येक तीन वर्ष में प्रकाशित किया गया है तथा नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, मीडिया एवं विकास समुदाय के लिए एक अनिवार्य उपकरण बन गया है।

 

ग्लोबल फाइंडेक्स रिपोर्ट: प्रमुख निष्कर्ष

  • साक्ष्यों से ज्ञात होता है कि जिन परिवारों एवं व्यवसायों की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच है, वे वित्तीय आघात झेलने में सक्षम हैं, उनकी तुलना में  जिनकी वित्तीय सेवाओं तक पहुंच नहीं हैं।
  • मोबाइल मनी जैसी डिजिटल वित्तीय सेवाएं उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रूप से एवं किफायती रूप में  निधियों को संग्रह करने देती हैं एवं उन्हें लंबी दूरी पर शीघ्र एवं किफायती तरीके से हस्तांतरित (ट्रांसफर) करती हैं, जिससे उच्च प्रेषण तथा उपयोगिता एवं अधिक निवेश होता है।
  • महिलाओं के लिए, खाते वित्तीय स्वतंत्रता को सक्षम कर सकते हैं एवं आर्थिक सशक्तिकरण को  सुदृढ़ कर सकते हैं।
  • भारत में, प्रधानमंत्री जन धन योजना 100 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंच गई, यह दिखाते हुए कि महिलाओं को उनके लाभ का भुगतान सीधे उनके खाते में करने से महिलाओं के वित्तीय नियंत्रण में वृद्धि हुई, महिलाओं को काम करने से रोकने वाले लिंग मानदंडों को प्रभावित किया तथा महिलाओं को नकद भुगतान की तुलना में रोजगार खोजने के लिए अधिक प्रोत्साहित किया।

 

खाताधारकों से संबंधित निष्कर्ष

  • विश्व स्तर पर, 2021 में, 76 प्रतिशत वयस्कों का बैंक या विनियमित संस्थान जैसे क्रेडिट यूनियन, सूक्ष्म वित्त (माइक्रोफाइनेंस) संस्थान अथवा मोबाइल मनी सेवा प्रदाता में खाता था।
  • संपूर्ण विश्व में खाते के स्वामित्व में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2011 से 2021 तक विस्तृत 10 वर्षों में 51 प्रतिशत वयस्कों से बढ़कर 76 प्रतिशत वयस्कों तक पहुंच गया।
  • खाता स्वामित्व में हालिया वृद्धि दर्जनों विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में व्यापक रूप से फैली हुई है। यह भौगोलिक प्रसार 2011 से 2017 तक देखी गई वृद्धि के नितांत विपरीत है, जो अधिकांशतः चीन या भारत में घटित हुआ था।

हिंदी

भुगतान प्राप्त करने के निष्कर्ष

  • विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में, डिजिटल भुगतान करने या प्राप्त करने वाले वयस्कों की हिस्सेदारी 2014 में 35 प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 57 प्रतिशत हो गई।
  • दूसरी ओर, उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में, डिजिटल भुगतान करने या प्राप्त करने वाले वयस्कों की हिस्सेदारी लगभग सार्वभौमिक (95 प्रतिशत) है।

 

कोविड-19 से प्रेरित डिजिटल भुगतान

  • डिजिटल मर्चेंट भुगतान करने वाले वयस्कों की हिस्सेदारी कोविड-19 के प्रकोप के बाद बढ़ गई है।
  • उदाहरण के लिए, भारत में 80 मिलियन से अधिक वयस्कों ने महामारी के दौरान अपना पहला डिजिटल मर्चेंट भुगतान किया।

 

वित्तीय रूप से अनुभवहीन उपयोगकर्ता

  • बैंक सेवाओं से रहित लगभग दो-तिहाई वयस्कों ने कहा कि यदि उन्होंने किसी वित्तीय संस्थान में खाता (मोबाइल मनी को छोड़कर) खोला, तो वे बिना किसी सहायता के इसका उपयोग नहीं कर सकते।
  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अपने मोबाइल मनी खाते का उपयोग करने में सहायता लेने की आवश्यकता होने की संभावना 5 प्रतिशत अधिक है।

 

रूस ने आईएनएसटीसी के लिए जोर दिया विश्व के शहरों की रिपोर्ट 2022 केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण संपादकीय विश्लेषण: भारत में उचित आशय, भ्रमित करने वाली विषय वस्तु 
राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग 2021- प्रमुख निष्कर्ष अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2022: इतिहास, विषय एवं महत्व 2022 में रुपये का मूल्यह्रास: भारतीय रुपया रिकॉर्ड न्यूनतम पर नीति आयोग ने जारी किया टेक होम राशन रिपोर्ट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी: एनआईए ने उदयपुर हत्याकांड के कार्यभार को संभाला वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो संपादकीय विश्लेषण- वेक-अप कॉल चीन की एक देश, दो प्रणाली नीति
prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me