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जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2022: यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता
जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2022: जी-20 समूह यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (अंतर्राष्ट्रीय संगठन) एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर 2 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते) के लिए महत्वपूर्ण है।
जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2022 चर्चा में क्यों है?
- हाल ही में, भारतीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बाली, इंडोनेशिया में 2022 के जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की द्वितीय बैठक को संबोधित किया।
- जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की 2022 की बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिकताओं पर प्रगति तथा आगे की राह पर चर्चा करना था।
जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2022 में भारत
- भारतीय मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है तथा यह सुनिश्चित करता है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए रहने के लिए एक बेहतर तथा स्वस्थ ग्रह छोड़ कर जाएं।
- भारत भविष्य हेतु तत्पर एवं प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने हेतु अत्यधिक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- साथ ही उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिरोधक क्षमता के निर्माण पर भी विस्तार से बताया जिसमें वित्तीय अन्तःस्थायी कोष के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
- उन्होंने इस पर भी प्रकाश डाला-
- वैश्विक स्वास्थ्य संरचना (ग्लोबल हेल्थ आर्किटेक्चर) में मौजूदा फॉल्ट लाइनों को स्वीकार करने की आवश्यकता एवं
- स्वास्थ्य आपातकालीन प्रबंधन के लिए एक समावेशी, चुस्त तथा उत्तरदायी ढांचे के निर्माण का महत्व।
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जी-20 सम्मेलन 2022
- पृष्ठभूमि: जी-20 का गठन 1999 में 1990 के दशक के अंत के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में किया गया था, जिसने विशेष रूप से पूर्वी एशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया को दुष्प्रभावित किया था।
- जी-20 का प्रथम शिखर सम्मेलन 2008 में अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में हुआ था।
- जी-20 के बारे में: जी-20 एक वैश्विक समूह है जिसका उद्देश्य मध्यम आय वाले देशों को शामिल करके वैश्विक वित्तीय स्थिरता को सुरक्षित करना है।
- जी-20 शिखर सम्मेलन के अतिरिक्त शेरपा बैठकें (जो समझौतों एवं आम सहमति निर्मित करने में सहायता करती हैं) एवं अन्य कार्यक्रम भी पूरे वर्ष आयोजित किए जाते हैं।
- जी-20 सदस्य: जी-20 के पूर्ण सदस्य – अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं यूरोपीय संघ हैं।
- प्रत्येक वर्ष, राष्ट्रपति अतिथि देशों को आमंत्रित करते हैं।
- जी-20 सचिवालय: जी-20 का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है।
- जी-20 शेरपा: कार्य सूची एवं कार्यों का समन्वय जी-20 देशों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है, जिन्हें ‘शेरपा’ के रूप में जाना जाता है, जो केंद्रीय बैंकों के वित्त मंत्रियों तथा गवर्नरों के साथ मिलकर कार्य करते हैं।
- भारत ने हाल ही में कहा था कि पीयूष गोयल के बाद नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर/सीईओ) अमिताभ कांत जी-20 शेरपा होंगे।
- महत्व: एक साथ, जी-20 देशों में विश्व की 60 प्रतिशत आबादी, वैश्विक जीडीपी का 80 प्रतिशत एवं वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत शामिल है।
- जी-20 की अध्यक्षता: जी-20 की अध्यक्षता प्रत्येक वर्ष सदस्यों के मध्य क्रमावर्तित होती है। वर्तमान में जी-20 की अध्यक्षता इंडोनेशिया के पास है।
- जी-20 अध्यक्षता 2023: भारत को वर्ष 2023 के लिए जी-20 की अध्यक्षता उत्तराधिकार में प्राप्त होगी।
- जी-20 त्रि- नेतृत्व: जी-20 की अध्यक्षता वाले देश, विगत एवं आगामी अध्यक्षता-धारक के साथ मिलकर जी-20 एजेंडा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए ‘त्रि- नेतृत्व’ (ट्रोइका) बनाते हैं।
- इटली, इंडोनेशिया तथा भारत अभी ट्रोइका देश हैं।






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