Home   »   प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021

एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप -2041

एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप-2041- संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन एवं चुनौतियां: विभिन्न क्षेत्रों में विकास हेतु सरकार की नीतियां तथा  अंतःक्षेप एवं उनकी अभिकल्पना तथा कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप-2041- संदर्भ

  • हाल ही में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) ने एनसीआर क्षेत्रीय योजना -2041 के प्रारूप से संबंधित अपना निर्णय आस्थगित कर दिया, जो गगनचुंबी भवनों के विकास तथा पांच से आठ नए हरित क्षेत्र उपनगरों की स्थापना का प्रस्ताव करता है।
    • केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री की अध्यक्षता में एनसीआरपीबी की बैठक हुई।
  • इससे पूर्व, प्रारूप एनसीआर के घटक राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं राजस्थान को उनकी टिप्पणियों के लिए भेजा गया था।

UPSC Current Affairs

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु निशुल्क वीडियो प्राप्त कीजिए एवं आईएएस/ आईपीएस/ आईआरएस बनने के अपने सपने को साकार कीजिए

एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप-2041- प्रमुख बिंदु

  • एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप के बारे में: नागरिकों को केंद्र में रखकर क्षेत्रीय योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। निवास की सुगमता सूचकांक (ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स) पर, आर्थिक गतिविधि एवं अवसरों को बढ़ावा देने तथा एनसीआर क्षेत्र की स्थिरता को आगे  बढ़ाने के आधार पर एनसीआर शहरों की रैंकिंग में सुधार किया जा रहा है।
  • एनसीआर क्षेत्रीय योजना-2041 द्वारा एनसीआर क्षेत्रीय योजना-2021 को प्रतिस्थापित किए जाने की संभावना है।
    • एनसीआर क्षेत्रीय योजना-2021: 2001 से 2021 तक क्षेत्र के विकास का मार्गदर्शन करने हेतु। इसे 2005 में अधिसूचित किया गया था। यह प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र की अवधारणा को प्रस्तुत करने वाला प्रथम था।
  • नोडल प्राधिकरण: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) को इस क्षेत्रीय योजना को तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।

एनसीआर क्षेत्रीय योजना प्रारूप-2041-प्रमुख प्रस्ताव

  • एनसीआर के शहरों एवं कस्बों को “इष्टतम गगनचुंबी भवनों तथा उच्च घनत्व मानदंडों के साथ नियोजित” किया जाना चाहिए;
  • सतना क्षेत्रफल अनुपात (फ्लोर एरिया रेश्यो) (एफएआर) मानदंड अंतरराष्ट्रीय मानकों के समान होने चाहिए;
  • एनसीआर के पुराने क्षेत्रों में आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत के मिश्रित भूमि-उपयोग की अनुमति “ऊर्ध्वाधर एवं क्षैतिज रूप से” प्रदान की जानी चाहिए;
  • निजी भू-स्वामियों को अपनी जमीन पर लगाए गए वृक्षों को काटने या स्थानांतरित करने का अधिकार होना चाहिए,  तथा
  • आरपी-2021 में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों के अंतर्गत घटक बने रहेंगे, किंतु “वनों एवं हरित आवरण” के मध्य विभेद होगा।
    • वर्तमान में ‘वनों’ के रूप में वर्गीकृत क्षेत्रों को आरपी-2041 में संरक्षित किया जाना जारी रहेगा।

शहरी जल संतुलन योजना

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी)

  • एनसीआरपीबी के बारे में: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जिसे 1985 में संसद के अधिनियम द्वारा गठित किया गया था।
  • नोडल मंत्रालय: यह भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, के अधीन कार्य करता है।
  • अधिदेश: क्षेत्र में भूमि-उपयोग के नियंत्रण एवं आधारिक अवसंरचना के विकास के लिए नीतियां विकसित करना ताकि किसी भी प्रकार के अव्यवस्थित विकास से बचा जा सके।
prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me