Home   »   Raja Ram Mohan Roy   »   Raja Ram Mohan Roy

आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के तहत मनाई जाएगी राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती

राममोहन राय की जयंती- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 1: भारतीय इतिहास- अठारहवीं शताब्दी के मध्य से लेकर वर्तमान तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, मुद्दे।

आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के तहत मनाई जाएगी राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती_40.1

समाचारों में राजा राममोहन राय जयंती

  • संस्कृति मंत्रालय 22 मई 2022 से 22 मई 2023 तक श्री राजा राम मोहन राय की 250वीं जयंती मना रहा है।
  • उद्घाटन समारोह राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, साल्ट लेक, कोलकाता तथा साइंस सिटी ऑडिटोरियम, कोलकाता में आयोजित होगा।

 

राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती

  • आज़ादी का अमृत महोत्सव पहल: आज़ादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के तत्वावधान में श्री राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती मनाई जा रही है।
  • प्रतिमा का अनावरण: राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता में एक आभासी मोड में संस्कृति मंत्री द्वारा राजा राम मोहन राय की एक प्रतिष्ठित प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
  • अन्य कार्यक्रम: साल्ट लेक, साइंस सिटी ऑडिटोरियम, कोलकाता में कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    • बच्चों के लिए एक सेमिनार तथा प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
    • श्री राजा राममोहन राय के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर एक मल्टीमीडिया प्रस्तुति भी प्रस्तुत की जाएगी।

राजा राममोहन राय- भारतीय समाज सुधारक

राजा राममोहन राय के बारे में

  • जन्म: राजा राम मोहन राय का जन्म मई 1772 में बंगाल प्रेसीडेंसी के हुगली जिले के राधानगर में हुआ था।
    • राजा राममोहन राय का जन्म एक रूढ़िवादी बंगाली हिंदू परिवार में हुआ था।
  • शिक्षा:
    • राजा राम मोहन राय ने पटना, बिहार में उच्च शिक्षा प्राप्त की जहां उन्होंने फारसी तथा अरबी  भाषा का अध्ययन किया।
    • विभिन्न भाषाएँ सीखना: राजा राममोहन राय ने हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ-साथ बांग्ला, फारसी, अरबी  तथा संस्कृत भाषाएं सीखी थी।
  • धर्मों के बारे में सीखना: राजा राममोहन राय वाराणसी चले गए एवं वेदों, उपनिषदों तथा हिंदू दर्शन का गहराई से अध्ययन किया।
    • राजा राम मोहन राय ने ईसाई धर्म एवं इस्लाम के बारे में भी ज्ञान अर्जित किया।
  • ब्रिटिश सरकार से जुड़ाव: राजा राम मोहन राय ने 1809 से 1814 तक ईस्ट इंडिया कंपनी के राजस्व विभाग में कार्य किया।
    • राजा राम मोहन राय ने वुडफोर्ड एवं डिग्बी के निजी दीवान के रूप में भी कार्य किया।
  • शैक्षिक संस्थानों के साथ जुड़ाव: राजा राममोहन राय ने भारतीयों को पश्चिमी वैज्ञानिक शिक्षा में अंग्रेजी में शिक्षित करने के लिए कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में सहायता की। उदाहरण के लिए-
    • हिंदू कॉलेज, (1817): राजा राम मोहन राय ने 1817 में हिंदू कॉलेज की स्थापना के डेविड हेयर के प्रयासों में सहायता की।
    • राजा राम मोहन राय के अंग्रेजी स्कूल में यांत्रिकी और वोल्टेयर का दर्शन पढ़ाया जाता था। 1822 में, राजा राम मोहन राय ने अंग्रेजी शिक्षा पर आधारित एक विद्यालय की स्थापना की।
    • वेदांत कॉलेज (1825): राजा राम मोहन राय द्वारा स्थापित वेदांत कॉलेज ने भारतीय शिक्षा एवं पश्चिमी सामाजिक  तथा भौतिक विज्ञान दोनों में पाठ्यक्रम प्रारंभ किए।

राजा राममोहन राय- साहित्यिक रचनाएं 

  • राजा राम मोहन राय ने सोलह वर्ष की आयु में हिंदू मूर्ति पूजा की तार्किक आलोचना लिखी थी।
  • राजा राम मोहन राय ने वेदों एवं पांच उपनिषदों का बंगाली भाषा में अनुवाद किया।
  • महत्वपूर्ण लेखन: राजा राम मोहन राय ने तुहफत-उल-मुवाहिदीन (देवताओं को एक उपहार) (1803), एकेश्वरवादियों को उपहार (1809), कठोपनिषद (1816), मुण्डक उपनिषद (1917), यीशु के उपदेश (1820) इत्यादि कृतियां लिखी।
  • महत्वपूर्ण पत्रिकाएं-
    • बंगाली भाषा में संवाद कौमुदी (1821): इसने नियमित रूप से सती प्रथा को एक बर्बर कृत्य के रूप में तथा हिंदू धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ निंदा की।
    • द ब्रह्मनिकल मैगजीन/ब्राह्मणवादी पत्रिका (1821) 
    • मिरात-उल-अखबार (फारसी भाषा की एक पत्रिका) 1822

आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के तहत मनाई जाएगी राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती_50.1

आज़ादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के बारे में 

  • आजादी का अमृत महोत्सव के बारे में: आजादी का अमृत महोत्सव प्रगतिशील भारत के 75 वर्ष एवं इसके लोगों, संस्कृति तथा उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास का उत्सव मनाने एवं स्मरण करने की एक पहल है।
    • आजादी का अमृत महोत्सव भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनीतिक  एवं आर्थिक पहचान के बारे में जो भी प्रगतिशील है, उसका मूर्त रूप है।
  • भारत के लोगों का उत्सव मनाना: आजादी का अमृत महोत्सव भारत के उन लोगों को समर्पित है, जिन्होंने भारत को उसकी विकास यात्रा में इस स्थान तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
    • भारत के लोग भी आत्मनिर्भर भारत की भावना से प्रेरित होकर भारत 2.0 को सक्रिय करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को सक्षम करने की शक्ति एवं क्षमता रखते हैं।
  • आजादी के अमृत महोत्सव का प्रारंभ: “आजादी का अमृत महोत्सव” की आधिकारिक यात्रा 12 मार्च 2021 को आरंभ हुई, जो हमारी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के लिए 75-सप्ताह की उलटी गिनती को प्रारंभ करती है।
  • श्रेणीबद्ध करें: आजादी का अमृत महोत्सव को पांच श्रेणियों में मनाए जाने की कल्पना की गई है-
    • फ्रीडम स्ट्रगल/स्वतंत्रता संग्राम,
    • आइडिया @ 75,
    • अचीवमेंट @ 75,
    • एक्शन @ 75 एवं
    • रिसॉल्व @75

 

प्रभावी ऊर्जा संक्रमण 2022 को प्रोत्साहित करना जीनोम संपादित पौधों के सुरक्षा आकलन के लिए दिशानिर्देश 2022 संपादकीय विश्लेषण- व्हीट कन्फ्यूजन भारत में एससीओ-आरएटीएस बैठक
विश्व के टैक्स हेवन देश: परिभाषा, लाभ एवं मुद्दे केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) | सीसीपीए ने ओला, उबर को नोटिस जारी किया जीएसटी परिषद- जीएसटी परिषद के निर्णय लेने की शक्ति पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय  सरकार ने भारत में बांस चारकोल में निर्यात प्रतिबंध हटाया
8वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक भारत में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट प्रबंधन संपादकीय विश्लेषण- बाय द बुक विश्व शासन संकेतक

Sharing is caring!