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पश्चिमी नील वायरस

पश्चिमी नील वायरस- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन एवं चुनौतियां- सामाजिक क्षेत्र/स्वास्थ्य से संबंधित सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।

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 पश्चिमी नील वायरस चर्चा में क्यों है

  • हाल ही में, न्यूयॉर्क शहर के स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की कि वेस्ट नाइल वायरस दो लोगों, एक ब्रुकलिन में और दूसरा क्वींस में, साथ ही पूरे शहर में संक्रमित मच्छरों की “रिकॉर्ड संख्या” में में पाया गया था।
  • स्वास्थ्य विभाग की घोषणा के अनुसार, इस वर्ष संपूर्ण देश में कुल 54 मामले और चार मौतें हुई हैं।

 

वेस्ट नाइल वायरस के बारे में प्रमुख तथ्य

  • वेस्ट नाइल वायरस के बारे में: वेस्ट नाइल वायरस एक संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है एवं मनुष्यों, पक्षियों तथा अन्य स्तनधारियों को संक्रमित कर सकता है।
  • पोषी एवं वाहक: सीडीसी के अनुसार, पक्षी इस विषाणु के मुख्य पोषक हैं एवं पक्षियों के काटने से मच्छर संक्रमित हो जाते हैं।
    • वेस्ट नाइल वायरस आकस्मिक संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रसारित नहीं हो सकता है।
  • लक्षण: अधिकांश व्यक्ति जो पश्चिमी नील विषाणु से संक्रमित होते हैं उनमें कोई लक्षण विकसित नहीं होता है अथवा वे हल्के से मध्यम बीमारी का अनुभव कर सकते हैं।
    • सीडीसी के अनुसार, 5 में से लगभग 1 व्यक्ति में बुखार के साथ-साथ सिरदर्द, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, दस्त, उल्टी  अथवा दाने जैसे अन्य लक्षण विकसित होते हैं।
    • संक्रमित 150 व्यक्तियों में से लगभग 1 व्यक्ति में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाले गंभीर रोग  विकसित होता है।
    • लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, स्थिति भ्रांति, कोमा, दृष्टि हानि अथवा पक्षाघात शामिल हैं।
  • निदान: पश्चिमी नील विषाणु के संक्रमण का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण किया जा सकता है।
  • उपचार: ऐसा कोई टीका अथवा दवा उपलब्ध नहीं हैं जो विशेष रूप से वेस्ट नाइल वायरस के संक्रमण का  उपचार करती हैं।
    • कुछ लक्षणों में सहायता के लिए बिना नुस्खा के (ओवर-द-काउंटर) दर्द निवारक का उपयोग किया जा सकता है एवं अधिक गंभीर मामलों के लिए अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक हो सकता है।
  • रिकवरी:  पश्चिमी नील विषाणु के संक्रमण के एक गंभीर मामले से उबरने में कई हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है, किंतु केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की क्षति स्थायी हो सकती है।

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वेस्ट नाइल वायरस- संक्रमण कम करने के उपाय

  • कीट विकर्षक का उपयोग करना: न्यूयॉर्क शहर का स्वास्थ्य विभाग पिकारिडिन युक्त अनुमोदित कीट विकर्षक का उपयोग करने का सुझाव देता है, जिसे सीधे त्वचा एवं कपड़ों पर लगाया जा सकता है।
  • बाहरी गतिविधियों को सीमित करना: मच्छर अप्रैल से अक्टूबर तक सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, अतः उन मौसमों के दौरान विशेष रूप से सुबह एवं शाम के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करने से भी वायरस के संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।
    • बाहर जाते समय, शाम के समय सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
    • दिन की अवधि  दौरान, गहरे रंग के कपड़ों, छायांकित क्षेत्रों में जहां मच्छर अंडे देते हैं एवं किसी भी इत्र, कोलोन और सुगंधित बॉडी लोशन के प्रयोग से बचें।
  • मच्छरों के प्रजनन क्षेत्रों को समाप्त करना: लोगों एवं सरकारी अधिकारियों को मच्छरों के प्रजनन वाले क्षेत्रों जैसे कि स्थिर जल में वाले क्षेत्रों को सक्रिय रूप से खत्म करना चाहिए जहां वे प्रजनन कर सकते हैं।

 

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