Table of Contents
विक्रम-एस: यूपीएससी परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
विक्रम-एस: यह भारत का निजी तौर पर विकसित प्रथम रॉकेट है। विक्रम-एस को इसरो तथा इन-स्पेस एजेंसियों के सहयोग से विकसित किया गया है। विक्रम-एस यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित समसामयिकी) तथा यूपीएससी मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 3- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण) के लिए महत्वपूर्ण है।
विक्रम-एस: चर्चा में क्यों है?
- विक्रम-एस, भारत का निजी तौर पर विकसित प्रथम रॉकेट, इतिहास रचने के लिए तैयार है क्योंकि यह श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन/इसरो) लॉन्च पैड पर अंतिम तैयारी के चरण में है।
- विक्रम-एस 12 नवंबर से 16 नवंबर के मध्य प्रक्षेपण हेतु तैयार है।
विक्रम-एस क्या है? – प्रमुख विशेषताएं
- विक्रम-एस के बारे में: विक्रम-एस हैदराबाद स्थित स्काई रूट एयरोस्पेस द्वारा निजी तौर पर विकसित एक रॉकेट इंजन है।
- विकास: विक्रम-एस को हैदराबाद स्थित स्काई रूट एयरोस्पेस द्वारा इसरो तथा इन-स्पेस (IN-SPACe) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
- मूल मिशन: स्काई रूट ने मिशन का नाम ‘प्रारम्भ’ (द बिगिनिंग) रखा है – क्योंकि यह कंपनी का प्रथम मिशन है।
- महत्व: इस पहले मिशन के साथ, स्काई रूट अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक नवीन युग की शुरुआत करते हुए, अंतरिक्ष में एक रॉकेट प्रक्षेपित करने वाली भारत की प्रथम निजी अंतरिक्ष कंपनी बनने के लिए तैयार है।
- अंतरिक्ष क्षेत्र को हाल ही में सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी की सुविधा के लिए खोला गया था।
HPCL-(Jr. Executive & Executive) | Electrical Engineering - Online Live Class by Adda247Rs 1,529.44Enroll Now
HPCL-(Jr. Executive & Executive) | Mechanical Engineering - Online Live+Recorded Classes by Adda247Rs 1,529.44Enroll Now
कोल इंडिया : Coal India Limited | Electronics Engineering 2026 | Complete Live + Recorded Batch By Adda 247Rs 1,443.24Enroll Now
स्काई रूट एयरोस्पेस क्या है?
- दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता स्काई रूट, अंतरिक्ष में रॉकेट का प्रक्षेपण करने हेतु इसरो के साथ समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग/एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वाला पहला स्टार्ट-अप है।
- स्काई रूट एयरोस्पेस ने अब तक 68 मिलियन डॉलर जुटाए हैं तथा यह भारत का सर्वाधिक वित्तपोषित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप है।
- यह स्थानीय रूप से पूरी तरह से 3 डी-मुद्रित रॉकेट इंजन निर्मित करने वाली पहली कंपनियों में से एक है तथा विगत वर्ष नवंबर में इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।
IN-SPACE क्या है?
- इन-स्पेस (IN-SPACe) सरकारी एवं निजी दोनों संस्थाओं की अंतरिक्ष गतिविधियों के प्रचार, प्रोत्साहन तथा विनियमन के लिए अंतरिक्ष विभाग में एक स्वायत्त एवं एकल खिड़की नोडल एजेंसी है।
- इन-स्पेस निजी क्षेत्र की सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखने हेतु एकल खिड़की, स्वतंत्र नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
- यह निजी संस्थाओं द्वारा इसरो की स्थापनाओं के उपयोग की सुविधा भी प्रदान करता है।
- IN-SPACe की स्थापना की घोषणा जून 2020 में की गई थी।
भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण की आवश्यकता
- वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग का मूल्य 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर है एवं इसमें 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनने की क्षमता है।
- भारत को वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की आवश्यकता है एवं इसमें निजी क्षेत्र व्यापक भूमिका निभाएगा।
- अन्य उन्नत देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए अंतरिक्ष पर्यटन एवं अंतरिक्ष कूटनीति जैसे नए क्षेत्रों की खोज करने की आवश्यकता है।
- भारत सरकारी कंपनियों, अंतरिक्ष उद्योगों, स्टार्ट-अप तथा संस्थानों के मध्य समन्वय हेतु एक नवीन भारतीय अंतरिक्ष नीति पर कार्य कर रहा है।



TSPSC Group 1 Question Paper 2024, Downl...
TSPSC Group 1 Answer key 2024 Out, Downl...
UPSC Prelims 2024 Question Paper, Downlo...
