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टीबी मुक्त भारत अभियान- दीपा मलिक बनी निक्षय मित्र एवं राष्ट्रीय राजदूत

टीबी मुक्त भारत अभियान-  यूपीएससी के लिए प्रासंगिकता 

टीबी मुक्त भारत अभियान: भारत से क्षय रोग (ट्यूबरकुलोसिस/टीबी) को  समाप्त करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम टीबी मुक्त भारत अभियान प्रारंभ किया गया था। टीबी मुक्त भारत अभियान यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2023 एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा (भारत में कमजोर वर्गों के लोगों के लिए सरकारी योजनाएं एवं पहल) के लिए महत्वपूर्ण है।

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टीबी मुक्त भारत अभियान चर्चा में क्यों है

  • हाल ही में, दीपा मलिक ने टीबी मुक्त भारत अभियान की राष्ट्रीय राजदूत एवं नि-क्षय मित्र बनकर टीबी मुक्त भारत अभियान को अपना समर्थन देने का संकल्प लिया।
  • दीपा मलिक ने निम्नलिखित खिताब एवं पुरस्कार प्राप्त किए हैं- पद्मश्री, खेल रत्न अर्जुन पुरस्कार विजेता, भारत की पहली महिला पैरालंपिक पदक विजेता एवं भारत की पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष।

 

टीबी मुक्त भारत अभियान में दीपा मलिक की भागीदारी

  • दीपा मलिक ने प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 41 वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मंडप में टीबी जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।
  • दीपा मलिक ने भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती  द्रौपदी मुरमू द्वारा प्रारंभ की गई एक पहल नि-क्षय मित्र बनकर अभियान को अपना समर्थन दिया।
    • नि-क्षय मित्र पहल टीबी पीड़ित रोगियों को पोषण, अतिरिक्त निदान एवं व्यावसायिक सहायता के तीन स्तरों पर सहायता प्रदान करने का प्रयास करती है।
  • उन्होंने नि-क्षय मित्र के रूप में स्वयं 5 टीबी रोगियों को गोद लिया है एवं लोगों को इस योजना में नामांकित होने हेतु प्रोत्साहित किया है, इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कलंक को दूर करके, जागरूकता फैलाकर एवं सहायता प्रदान करके अपनी क्षमता से भाग लेता है, तो भारत बहुत जल्द टीबी पर विजय प्राप्त कर लेगा।

 

पीएम टीबी मुक्त भारत अभियान

  • पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2018 में दिल्ली एंड टीबी शिखर सम्मेलन में 2030 के एसडीजी लक्ष्य से पांच वर्ष पूर्व देश में टीबी को समाप्त करने का आह्वान किया था।
  • प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को टीबी उपचार पर सहयोग प्रदान करने एवं टीबी उन्मूलन की दिशा में देश की प्रगति में तेजी लाने  हेतु समस्त सामुदायिक हितधारकों को एक साथ लाने की कल्पना की गई है।
  • उद्देश्य: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन के मिशन को पुनर्जीवित करना है।
  • भागीदारी: पीएम टीबी मुक्त भारत अभियान पहल के तहत, व्यक्ति, संगठन, व्यावसायिक समूह, सहकारी संगठन, निर्वाचित नेता एवं गैर सरकारी संगठन टीबी से प्रभावित व्यक्तियों को गोद लेकर सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • महत्व: विमोचन कार्यक्रम का उद्देश्य एक सामाजिक दृष्टिकोण की आवश्यकता को प्रकट करना है जो 2025 तक देश से टीबी को समाप्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी पृष्ठभूमि के लोगों को एक जन आंदोलन में एक साथ लाता है।
    • प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में सामुदायिक समर्थन जुटाने की दिशा में एक कदम है।

 

नि-क्षय मित्र पहल 

  • निक्षय मित्र पहल के बारे में: निक्षय मित्र पहल पीएम टीबी मुक्त भारत का एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • निक्षय मित्र पोर्टल: यह दानदाताओं को टीबी के उपचार से गुजर रहे लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
  • कार्यकरण: निक्षय मित्र पहल त्रि आयामी समर्थन प्रदान करती है जिसमें शामिल हैं-
    • पोषण संबंधी सहायता,
    • अतिरिक्त नैदानिक सहायता, एवं
    • व्यावसायिक समर्थन।
  • निक्षय मित्रः निक्षय मित्र कहे जाने वाले दानदाता, निर्वाचित प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, व्यावसायिक घरानों, गैर सरकारी संगठनों एवं व्यक्तियों से हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला हो सकते हैं।

 

टीबी मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में पूछे जाने वाले प्रश्न 

प्रश्न.टीबी मुक्त भारत अभियान कब प्रारंभ किया गया था?

उत्तर. टीबी मुक्त भारत अभियान मार्च 2018 में पीएम मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया था।

प्रश्न.टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य क्या है?

उत्तर. प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन के मिशन को पुनर्जीवित करना है।

प्रश्न.नि-क्षय मित्र पहल क्या है?

उत्तर. निक्षय मित्र पहल टीबी पीड़ित रोगियों को पोषण, अतिरिक्त नैदानिक एवं व्यावसायिक सहायता के तीन स्तरों पर सहायता प्रदान करने का प्रयास करती है।

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