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अंतरिक्ष स्थिरता हेतु सम्मेलन 2022 

अंतरिक्ष स्थिरता हेतु सम्मेलन 2022- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता 

अंतरिक्ष स्थिरता 2022 हेतु सम्मेलन: अंतरिक्ष स्थिरता हेतु सम्मेलन अंतरिक्ष मलबे एवं अन्य अंतरिक्ष अपशिष्ट को प्रबंधित एवं कम करके अंतरिक्ष के सतत उपयोग को बढ़ावा देने हेतु आयोजित किया जा रहा है। अंतरिक्ष स्थिरता 2022 के लिए चौथा शिखर सम्मेलन यूपीएससी  मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर 2 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते) के अंतर्गत आता है।

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समाचारों में स्पेस सस्टेनेबिलिटी समिट 2022 

  • हाल ही में, ब्रिटेन ने सिक्योर वर्ल्ड फाउंडेशन के सहयोग से लंदन में  अंतरिक्ष सातत्य (स्पेस सस्टेनेबिलिटी) 2022 के लिए चौथे शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
  •  ब्रिटेन की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अंतरिक्ष रणनीति के अनुरूप, विज्ञान मंत्री, जॉर्ज फ्रीमैन ने एक नवीन ‘अंतरिक्ष स्थिरता के लिए योजना’ की घोषणा की।

 

अंतरिक्ष सातत्य 2022 के लिए सम्मेलन

  • अंतरिक्ष स्थिरता के लिए सम्मेलन के बारे में: अंतरिक्ष स्थिरता के लिए सम्मेलन एक उच्च स्तरीय, बहु-दिवसीय कार्यक्रम है जो अंतरिक्ष स्थिरता के लिए समाधान विकसित करने पर केंद्रित है।
  • अधिदेश: समिट फॉर स्पेस सस्टेनेबिलिटी 2022 एक सुरक्षित,धारणीय एवं सुरक्षित अंतरिक्ष वातावरण सुनिश्चित करने के नए तरीकों पर सहमत होने हेतु एक वैश्विक सम्मेलन है, जिसमें अंतरिक्ष मलबे से निपटना सम्मिलित है, जो उन उपग्रहों के लिए खतरा है जिन पर हम अपने दैनिक जीवन में निर्भय करते हैं।
  • अंतरिक्ष स्थिरता 2022 सम्मेलन हेतु विषय वस्तु: अंतरिक्ष स्थिरता 2022 के लिए चौथे शिखर सम्मेलन  की विषय वस्तु “अंतरिक्ष स्थिरता के लिए वैश्विक प्राथमिकताएं” है।
  • मेजबान: स्पेस सस्टेनेबिलिटी 2022 के लिए चौथा शिखर सम्मेलन सिक्योर वर्ल्ड फाउंडेशन एवं यूके स्पेस एजेंसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
  • भागीदारी: अंतरिक्ष स्थिरता के लिए चौथा शिखर सम्मेलन सरकार, उद्योग एवं नागरिक समाज के वैश्विक हितधारकों की एक विशिष्ट सभा होगी।

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बाह्य अंतरिक्ष में स्थिरता  

  • अंतरिक्ष की भीड़ का कारण: जैसे-जैसे मिशन की लागत कम होती है प्रतिभागियों की संख्या बढ़ती है, मिशन की जटिलता तथा स्लॉट आवंटन के मुद्दे भी बढ़ते हैं।
    • बड़े नक्षत्रों एवं जटिल उपग्रहों के उद्भव के साथ, रेडियो तरंगों के साथ टकराव तथा हस्तक्षेप का खतरा होता है।
  • उठाए गए कदम: बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर संयुक्त राष्ट्र समिति (यूनाइटेड नेशंस कमिटी ऑन द पीसफुल यूजेस ऑफ आउटर स्पेस/COPUOS) ने 2019 में बाह्य अंतरिक्ष  संबंधी गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु 21 स्वैच्छिक, गैर-बाध्यकारी दिशानिर्देशों का एक  समुच्चय निर्मित किया।
    • बाह्य अंतरिक्ष को सभी देशों का साझा प्राकृतिक संसाधन माना जाता है।
  • अंतरिक्ष स्थिरता के लिए खतरा:
    • कक्षीय अधिसंख्यन एक मिशन के संचालन एवं सुरक्षा हेतु एक प्रत्यक्ष खतरा बन गई है एवं कानूनी तथा बीमा-संबंधी संघर्षों का कारण बनने की संभावना है।
    • अंतरिक्ष का मलबा एक अन्य प्रमुख मुद्दा है। एक मिशन के पूर्ण होने के पश्चात, ‘एंड-ऑफ-लाइफ प्रोटोकॉल’ के लिए अंतरिक्ष वस्तुओं को कब्रिस्तान की कक्षा में या कम ऊंचाई पर ले जाने की आवश्यकता होती है।
    • सौर एवं चुंबकीय तूफान संचार प्रणालियों को संभावित रूप से हानि पहुंचा सकते हैं। बाह्य अंतरिक्ष मिशनों के स्थलीय कार्बन पदचिह्न की पहचान करने के प्रयासों के साथ-साथ इस तरह के अंतरिक्ष मौसम के खतरों को हल करने की आवश्यकता है।
  • आगे बढ़ने की राह:
    • इस सदी के प्रारंभ की तुलना में, 2020 के दशक में बाह्य अंतरिक्ष को अब लागत के कारण ‘अंतरिक्ष दौड़’ नहीं माना जा सकता है।
    • बाह्य अंतरिक्ष में सतत कार्यप्रणाली भविष्य की प्रौद्योगिकियों का पोषण करते हुए कक्षीय अधिसंख्यन एवं टकराव के जोखिम को कम करने में प्रत्यक्ष सहायता करेंगे।
    • समस्त अंतरिक्ष प्रतिभागियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र COPUOS या बाह्य अंतरिक्ष मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर आउटर स्पेस अफेयर्स/UNOOSA) की सक्रिय भूमिका के साथ, गतिविधियों की सुगमता हेतु समान मानकों को स्थापित करने के लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

 

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