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पोषण 2.0

प्रासंगिकता

  • जीएस 2: विभिन्न क्षेत्रों में विकास हेतु सरकारी नीतियां एवं अंतःक्षेप।

 

प्रसंग

  • हाल ही में, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) ने पोषण 0 प्रारंभ किया है एवं सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि भारत के सभी आकांक्षी जिलों में न्यूट्रिशन मंथ  या पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक पोषण वाटिका (पोषण उद्यान) हो, जो 1 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है।

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पोषण 2.0 योजना के बारे में

  • मिशन पोषण 0 (सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0) की घोषणा बजट 2021-2022 में की गई है।
  • यह एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम है, जो पोषण सामग्री, वितरण, पहुंच एवं परिणामों को सशक्त करने हेतु विकासशील अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित करता है जो स्वास्थ्य, कल्याण एवं रोग  तथा कुपोषण के प्रति प्रतिरक्षा का पोषण करते हैं।

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पोषण वाटिका

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पोषण माह:

  • पोषण अभियान के अंतर्गत अभिसरण एवं व्यवहार परिवर्तन के प्रयासों को गति देने हेतु प्रत्येक वर्ष सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है।
  • इस वर्ष, आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए, पोषण में सुधार के लिए पूरे माह को साप्ताहिक विषय-वस्तुओं में विभाजित किया गया है।
  • एमडब्ल्यूसीडी ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से संपूर्ण माह में क्रियाकलापों की एक श्रृंखला की योजना बनाई है।
  • पोषण अभियान मिशन के माह भर चलने वाले समारोह में गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

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पोषण अभियान या राष्ट्रीय पोषण मिशन

  • पोषण ( प्राइम मिनिस्टर ओवरर्चिंग स्कीम फॉर हॉलिस्टिक न्यूट्रिशन / समग्र पोषण हेतु प्रधानमंत्री की व्यापक योजना) अभियान शिशुओं, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार करने के लिए एमडब्ल्यूसीडी का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
  • इसे 8 मार्च, 2018 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनू से विमोचित किया गया था।
  • यह कुपोषण की समस्या की ओर देश का ध्यान आकर्षित करता है एवं इसे मिशन-मोड में संबोधित करता है।
  • इसका उद्देश्य 2022 तक कुपोषण मुक्त भारत की प्राप्ति सुनिश्चित करना है।
  • यह आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास योजना), पीएमएमवीवाई (पीएम मातृ वंदना योजना), एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) जैसे अनेक कार्यक्रमों एवं योजनाओं के अभिसरण को भी सुनिश्चित करता है।

 

 क्रियान्वयन एवं लक्ष्य

  • क्रियान्वयन रणनीति मूलभूत / जमीनी स्तर तक गहन अनुश्रवण एवं अभिसरण कार्य योजना पर आधारित होगी।
  • पोषण अभियान 2017-18 से 2019-20 तक तीन चरणों में प्रारंभ किया जाएगा।
  • पोषण अभियान का लक्ष्य
    • वृद्धिरोध को 2% प्रति वर्ष तक कम करना
    • अल्पपोषण में 2% प्रतिवर्ष की कमी करना
    • रक्ताल्पता / एनीमिया (छोटे बच्चों, महिलाओं एवं किशोर बालिकाओं में) को 3% प्रति वर्ष कम करना
    • जन्म के समय कम वजन को 2% प्रतिवर्ष कम करना।
  • मिशन का उद्देश्य 2022 तक वृद्धिरोध (स्टंटिंग) को 4% (जैसा कि चौथे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण द्वारा रिपोर्ट किया गया है) से 25% तक कम करने का प्रयास करना होगा।

 

पोषण अभियान की 4-स्तंभ रणनीति

  • बेहतर सेवा वितरण हेतु अंतर-क्षेत्रीय अभिसरण
  • महिलाओं एवं बच्चों की वास्तविक समय वृद्धि के अनुश्रवण एवं अनुगमन हेतु प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का उपयोग
  • प्रथम 1000 दिनों के लिए गहन स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं।
  • जन आंदोलन या “पीपुल्स मूवमेंट”।

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