Home   »   National Awards for e-Governance (NAeG)   »   National Centre for Good Governance (NCGG)

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) – मालदीव ने मालदीव के सिविल सेवकों के प्रशिक्षण में NCGG की भूमिका की प्रशंसा की

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG): यूपीएससी के लिए प्रासंगिकता

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG): मालदीव के सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए NCGG को मालदीव सरकार से अत्यधिक सराहना प्राप्त हुई है। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG)  यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2023 एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2- सरकार की शासन पहल) के लिए महत्वपूर्ण है।

हिंदी

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) चर्चा में क्यों है?

  • हाल ही में, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) को मालदीव के सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए मालदीव सरकार से अत्यधिक सराहना प्राप्त हुई है।

 

मालदीव में NCGG एसोसिएशन की पृष्ठभूमि

  • 2019 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) के साथ सहयोग के लिए मालदीव के सिविल सेवा आयोग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • समझौता ज्ञापन के अनुसार, 2019-2024 में, मालदीव के 1,000 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित किया जाना था।
  • कोविड-19 महामारी के बावजूद, मालदीव के कुल 534 सिविल सेवकों को भारत में प्रशिक्षित किया गया था।
  • मालदीव के इन प्रशिक्षित सिविल सेवकों को सुशासन, पारदर्शिता को प्रोत्साहित करने एवं सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने हेतु उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था, जिससे निवासियों के जीवन को सुगम बनाया जा सके।

 

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG)

  • राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस/NCGG)की उत्पत्ति राष्ट्रीय प्रशासनिक अनुसंधान संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च/एनआईएआर) से मानी जाती है।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च की स्थापना 1995 में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन/LBSNAA) द्वारा की गई थी, जो उच्च नागरिक सेवाओं के लिए भारत सरकार का शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है।
  • अपने अस्तित्व के 19 वर्षों के दौरान इसने लोक प्रशासन के क्षेत्रों में अकादमी को अनुसंधान एवं प्रशिक्षण सहायता प्रदान की।
  •  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (NIAR) को बाद में एक विस्तारित अधिदेश के साथ राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के रूप में पुनः नामकरण किया गया, जिसका उद्घाटन 24 फरवरी, 2014 को हुआ था।

 

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस/NCGG) क्या है?

  • नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के बारे में: नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के तत्वावधान में एक स्वायत्त संस्थान है।
    • मुख्यालय: NCGG का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में एवं शाखा कार्यालय मसूरी में है।
  • शासनादेश: NCGG की स्थापना अध्ययन, प्रशिक्षण, ज्ञान साझाकरण एवं उत्तम विचारों को प्रोत्साहित करने के माध्यम से शासन में सुधार लाने में सहायता के लिए की गई है।
  • प्रमुख कार्य: एनसीजीजी निम्नलिखित कार्यों को संपादित करना चाहता है-
    • नीति प्रासंगिक अनुसंधान करना एवं केस स्टडी तैयार करना;
    • भारत एवं अन्य विकासशील देशों के सिविल सेवकों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना;
    • मौजूदा ज्ञान को साझा करने हेतु एक मंच प्रदान करना तथा
    • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सरकार में उनके कार्यान्वयन के लिए सक्रिय रूप से विचारों की तलाश तथा विकास करना।

 

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) – प्रमुख उद्देश्य

  • प्रशासनिक, सामाजिक, आर्थिक एवं वित्तीय क्षेत्रों में शासन तथा नीतिगत सुधारों के लिए एक थिंक टैंक  के रूप में कार्य करना;
  • सरकार के भीतर सुशासन, ई-गवर्नेंस, नवाचार एवं परिवर्तन प्रबंधन को प्रोत्साहित करने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं, पहलों एवं कार्यप्रणालियों की जानकारी पर एक राष्ट्रीय कोष के रूप में कार्य करना;
  • राष्ट्रीय/राज्य एवं स्थानीय स्तरों पर विनियामक तथा विकास प्रशासन, सार्वजनिक नीति, शासन एवं सार्वजनिक प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर कार्रवाई अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण में पहल करना एवं उसमें भाग लेना;
  • शासन में प्रमुख मुद्दों पर सलाह देना एवं भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों एवं राज्य सरकारों के  मध्य सामंजस्य विकसित करना;
  • शासन में नवीन विचारों एवं सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने तथा उनकी प्रतिकृति को प्रोत्साहित करने हेतु;
  • उपरोक्त क्षेत्रों में अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण में संलग्न सरकार के अंदर एवं बाहर राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ अन्योन्य क्रिया करना;
  • देश के भीतर एवं बाहर परामर्श सेवाओं के प्रावधान में संलग्न होना।

 

टीबी मुक्त भारत अभियान- दीपा मलिक बनी निक्षय मित्र एवं राष्ट्रीय राजदूत एचएडीआर अभ्यास ‘समन्वय 2022’ यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकथॉन 2022 का आयोजन उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है मनरेगा योजना में सुधार के लिए केंद्र ने बनाई समिति!
दैनिक समसामयिकी: 26 नवंबर 2022 | यूपीएससी प्रीलिम्स बिट्स राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (NAA) को सीसीआई में क्यों समाविष्ट किया जाए? | यूपीएससी के लिए सब कुछ जानें असम-मेघालय विवाद क्या है? | इतिहास, वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की चुनौतियां |संपादकीय विश्लेषण लीथ के मृदु कवच वाले कछुए| पनामा में वन्यजीव शिखर सम्मेलन में अपनाया गया भारत का प्रस्ताव
हिंद प्रशांत क्षेत्रीय संवाद 2022 (इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग/IPRD-2022) द हिंदू संपादकीय विश्लेषण- स्पेस, नॉट टाइम यूपीएससी 2023 के लिए महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं मणिपुर संगाई महोत्सव 2022: यूपीएससी के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me