Home   »   Kaiser-i-Hind Butterfly   »   Kaiser-i-Hind Butterfly

कैसर-ए-हिंद तितली

कैसर-ए-हिंद तितली- यूपीएससी परीक्षा हेतु प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 3: पर्यावरण– संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण।

 

 

कैसर-ए-हिंद तितली- प्रसंग

  • हाल ही में, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने कैसर-ए-हिंद तितली को राज्य तितली के रूप में स्वीकृति प्रदान दी।

 

क्या आपने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 को उत्तीर्ण कर लिया है?  निशुल्क पाठ्य सामग्री प्राप्त करने के लिए यहां रजिस्टर करें

कैसर-ए-हिंद तितली- प्रमुख बिंदु

  • कैसर-ए-हिंद तितली के बारे में: कैसर-ए-हिंद का शाब्दिक अर्थ भारत का सम्राट होता है। कैसर-ए-हिंद तितली प्रजाति में तितलियों के 90-120 मिमी पंख होते हैं।
    • अपने झिलमिलाते हरे, चमकीले पीले और कोमल काले रंग के साथ, यह दुर्लभ तितली एक दृश्य आनंद है।
    • वैज्ञानिक नाम: कैसर-ए-हिंद तितली का वैज्ञानिक नाम ‘तेइनोपालपस इम्पीरियलिस’ है।
  • पर्यावास:
    • भारत में: कैसर-ए-हिंद तितली पूर्वी हिमालय के साथ-साथ छह राज्यों में सघन वन क्षेत्रों में 6,000-10,000 फीट की ऊंचाई पर पाई जाती है।
    • विश्व: कैसर-ए-हिंद तितली नेपाल, भूटान, म्यांमार, लाओस, वियतनाम एवं दक्षिणी चीन में भी उड़ती है।
  • अस्तित्व का संकट: कैसर-ए-हिंद तितली का शिकार तितली संग्राहकों को आपूर्ति के लिए किया जाता है।
    • अरुणाचल प्रदेश में, कैसर-ए-हिंद तितली बहुत कम क्षेत्रों तक ही सीमित है एवं यदि संरक्षित नहीं की गई तो विलुप्त हो सकती है।
  • कानूनी संरक्षण: कैसर-ए-हिंद वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची II के तहत संरक्षित है।

कैसर-ए-हिंद तितली- राज्य तितली बनाने का महत्व

  • पारिस्थितिक पर्यटन को प्रोत्साहन: यह अरुणाचल प्रदेश में तितली पर्यटन को प्रोत्साहित करने में सहायता करेगा एवं इसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों के लिए अधिक रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
  • कैसर-ए-हिंद तितली का संरक्षण: राज्य तितली का टैग इसके पर्यावास संरक्षण में परिवर्तित हो सकता है एवं कैसर-ए-हिंद तितली की प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने में सहायता कर सकता है।

अतिरिक्त जानकारी

  • कैबिनेट ने जलवायु परिवर्तन-प्रतिस्कंदी एवं उत्तरदायी अरुणाचल प्रदेश पर उत्सर्जन को कम करने एवं सतत विकास के उद्देश्य से पाक्के व्याघ्र अभ्यारण्य (टाइगर रिजर्व) 2047 घोषणा पत्र को भी अंगीकृत किया।
  • पाक्के व्याघ्र अभ्यारण्य: पक्के टाइगर रिजर्व अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में स्थित है एवं इसे पखुई टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है।
    • पाक्के टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध हॉर्नबिल पक्षियों की चार प्रजातियों के अद्भुत नजारों के लिए जाना जाता है।

भारत में नवीन रामसर स्थल

 

prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me