Home   »   INS Vela- Fourth Scorpene Class Submarine   »   INS Vela- Fourth Scorpene Class Submarine

आईएनएस वेला- स्कॉर्पीन श्रेणी की चौथी पनडुब्बी

आईएनएस वेला- यूपीएससी परीक्षा हेतु प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 3: सुरक्षा- सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन; संगठित अपराध का आतंकवाद से संबंध।

आईएनएस वेला- संदर्भ

  • हाल ही में, भारतीय नौसेना ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) से ‘स्कॉर्पीन’ श्रेणी की चौथी पनडुब्बी-आईएनएस वेला की आपूर्ति प्राप्त की।
  • इससे पहले, शिपयार्ड ने “स्कॉर्पीन” श्रेणी की तीन पनडुब्बियों की आपूर्ति की थी, जिनके नाम: कलवरी, खंडेरी एवं करंज हैं।

UPSC Current Affairs

क्या आपने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 को उत्तीर्ण कर लिया है?  निशुल्क पाठ्य सामग्री प्राप्त करने के लिए यहां रजिस्टर करें

आईएनएस वेला- प्रमुख बिंदु

  • पृष्ठभूमि: प्रथम आईएनएस वेला पहली बार 31 अगस्त, 1973 को भारतीय नौसेना सेवा में कमीशन की गई थी एवं 37 वर्षों तक सेवा में रही।
    • यह देश की सर्वाधिक पुरानी पनडुब्बी थी जब इसे 25 जून, 2010 को सेवामुक्त किया गया था ।
    • वर्तमान आईएनएस वेला, ‘स्कॉर्पीन’ श्रेणी की चौथी पनडुब्बी, मई 2019 में विमोचित की गई थी।
  • आईएनएस वेला के बारे में: आईएनएस वेला भारतीय नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75 के अंतर्गत ‘स्कॉर्पीन’ श्रेणी की चौथी पनडुब्बी है। आईएनएस वेला स्कॉर्पीन वर्ग पर आधारित एक आक्रामक पनडुब्बी है।
    • यह एक डीजल- विद्युत संचालित पनडुब्बी है एवं पूर्ववर्ती ‘आईएनएस वेला’ के नाम पर इसका नाम ‘वेला’ रखा गया था।

मिशन समुद्रयान

आईएनएस वेला- प्रमुख विशेषताएं

  • अत्याधुनिक तकनीक: आईएनएस वेला को शत्रुओं से निपटने के लिए उन्नत अप्रकाशित (स्टील्थ) एवं लड़ाकू क्षमताओं के लिए जाना जाता है। उदाहरण के लिए-
    • उन्नत ध्वनिक गुप्तता तकनीक,
    • अल्प विकिरणित शोर स्तर,
    • जल- गतिशी(हाइड्रो-डायनामिक) रूप से अनुकूलित आकार एवं
    • परिशुद्ध-निर्देशित अस्त्रों का उपयोग करके दुश्मन पर एक अशक्त कर देने वाला आक्रमण प्रारंभ करने की क्षमता
  • जल के भीतर या सतह पर एक ही समय में टॉरपीडो के साथ-साथ ट्यूब से प्रक्षेपित जलयान-रोधी प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइलों) का उपयोग करके आक्रमण किए जा सकते हैं।

क्रिवाक या तलवार स्टील्थ फ्रिगेट्स

प्रोजेक्ट-75: प्रमुख बिंदु

  • प्रोजेक्ट-75 के बारे में: प्रोजेक्ट 75 के अंतर्गत, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा भारतीय नौसेना के लिए छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना है।
    • स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी अगली पीढ़ी की डीजल पनडुब्बी हैं।
  • प्रोजेक्ट 75 के अंतर्गत छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की वर्तमान स्थिति:
    • आईएनएस कलवरी: इसे अक्टूबर 2015 में विमोचित किया गया था एवं इसे दिसंबर 2017 में- निर्धारित समय से पांच वर्ष बाद कमीशन किया गया था।
    • आईएनएस खंडेरी: इसे जनवरी 2017 में परीक्षण के लिए विमोचित किया गया था एवं सितंबर 2019 में कमीशन किया गया था।
    • आईएनएस करंज: इसे जनवरी 2018 में विमोचित किया गया था और 10 मार्च, 2021 को कमीशन किया गया था।
    • आईएनएस वेला: मई 2019 में विमोचित किया गया था एवं हाल ही में इसे शामिल किया गया था।
    • आईएनएस वागीर: इसे नवंबर 2020 में विमोचित किया गया था एवं इसने बंदरगाह परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। इसके दिसंबर 2021 में प्रथम बार आक्रमण हेतु तैयार होने की संभावना है।
    • आईएनएस वाग्शीर: यह संस्थान के उन्नत चरण में है।

आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन देना: इन पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के अंतर्गत किया जाना है।

मालाबार अभ्यास

UPSC Current Affairs

prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me