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खाड़ी सहयोग परिषद के साथ भारत के व्यापार में तीव्र वृद्धि

खाड़ी सहयोग परिषद यूपीएससी: प्रासंगिकता

  • जीएस 2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।

 

खाड़ी सहयोग परिषद के साथ भारत के व्यापार में तीव्र वृद्धि_40.1खाड़ी सहयोग परिषद एवं भारत: प्रसंग

  • सत्तारूढ़ भाजपा के प्रवक्ताओं द्वारा पैगंबर मुहम्मद के विरुद्ध की गई अपमानजनक टिप्पणियों पर राजनयिक विवाद के पश्चात खाड़ी देशों के साथ भारत का व्यापार प्रमुखता में आया है।

 

जीसीसी यूपीएससी: प्रमुख बिंदु

  • भारत प्रमुख रूप से सऊदी अरब एवं कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चे तेल तथा प्राकृतिक गैस का आयात करता है। दूसरी ओर, प्रमुख निर्यातों में मोती, बहुमूल्य तथा अर्ध- बहुमूल्य पत्थर; धातु; कृत्रिम आभूषण; विद्युत मशीनरी; लोहा एवं इस्पात तथा इन देशों के लिए रसायन शामिल हैं।
  • व्यापार के अतिरिक्त, खाड़ी देश एक बड़ी भारतीय आबादी के मेजबान हैं। लगभग 32 मिलियन अनिवासी भारतीयों (नॉन रेसिडेंट इंडियन/एनआरआई) में से लगभग आधे के खाड़ी देशों में कार्यरत होने का अनुमान है। ये एनआरआई महत्वपूर्ण प्रेषण भेजकर भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।

 

जीसीसी के साथ व्यापार 

  • सऊदी अरब: सऊदी अरब विगत वित्तीय वर्ष में भारत का चौथा सर्वाधिक वृहद व्यापारिक भागीदार था। 2021-22 में कुल द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर लगभग 43 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो विगत वित्त वर्ष में 22 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • कतर: भारत कतर से वार्षिक 8.5 मिलियन टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस(लिक्विफाइड नेचुरल गैस/एलएनजी) का आयात करता है तथा अनाज से लेकर मांस, मछली, रसायन एवं प्लास्टिक तक के उत्पादों का निर्यात करता है। भारत  एवं कतर के मध्य द्विपक्षीय वाणिज्य 2021-22 में बढ़कर 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2020-21 में 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • कुवैत: कुवैत विगत वित्त वर्ष में भारत का 27वां  सर्वाधिक बृहद व्यापारिक भागीदार था। 2021-22 में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 12 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि  विगत वित्त वर्ष में यह 6 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • संयुक्त अरब अमीरात/यूएई: यूएई 2021-22 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। राष्ट्र के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 में बढ़कर 72 बिलियन अमरीकी डालर हो गया, जबकि 2020-21 में 43 बिलियन अमरीकी डालर था।
  • ओमान: ओमान 2021-22 में भारत का 31वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। राष्ट्र के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 2020-21 में 5 बिलियन अमरीकी डॉलर की तुलना में 2021-22 में बढ़कर लगभग 10 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है।
  • बहरीन: भारत के साथ बहरीन का द्विपक्षीय वाणिज्य 2021-22 में 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2020-21 में यह 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

खाड़ी सहयोग परिषद के साथ भारत के व्यापार में तीव्र वृद्धि_50.1

खाड़ी सहयोग परिषद/जीसीसी के बारे में

  • 1981 में स्थापित, खाड़ी सहयोग परिषद (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल/GCC) खाड़ी की सीमा से लगे अरब राज्यों का एक राजनीतिक तथा आर्थिक संघ है।
  • जीसीसी के सदस्य: संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत तथा बहरीन।
  • जीसीसी की महत्वपूर्ण भौगोलिक अवस्थिति प्रमुख पश्चिमी तथा पूर्वी अर्थव्यवस्थाओं के चौराहे पर है।
  • तेल की खोज के बाद से, जीसीसी क्षेत्र में गहन परिवर्तन आया है  तथा अब यह विश्व की कुछ  सर्वाधिक  तीव्र गति से वृद्धि करती हुई अर्थव्यवस्थाओं का घर है।
  • स्थापित  एवं कुशल हवाई  तथा समुद्री  संपर्क एवं विकसित आधारभूत संरचना इसे व्यवसाय स्थापित करने  एवं उसका विस्तार करने के लिए एक बेहतरीन स्थान बनाता है।

 

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