Home   »   आयुर्वेद बायो बैंक एवं द नेशनल...

आयुर्वेद बायो बैंक एवं द नेशनल हार्ट फेल्योर बायो बैंक

आयुर्वेद बायो बैंक एवं द नेशनल हार्ट फेल्योर बायो बैंक 

UPSC Current Affairs

http://bit.ly/2MNvT1m

प्रासंगिकता

  • जीएस 3: जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभिज्ञता (जागरूकता)।

प्रसंग

  • केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) का दौरा किया और एआईआईए में आयुर्वेद में विश्व का प्रथम बायो-बैंक स्थापित करने के लिए यथा संभव सहायता करने का आश्वासन दिया।

https://www.adda247.com/upsc-exam/prelims-agalega-islands-hindi/

मुख्य बिंदु

  • उन्होंने बहुउद्देश्यीय योग कक्ष एवं लघु प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का भी उद्घाटन किया।
  • उन्होंने संस्थान को विश्व का सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेद संस्थान बनाने के लिए आगे के विकास के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
  • ब्लड बैंक में, उन्होंने स्वप्रतिरक्षित रोगों एवं ल्यूकेमिया पर अनुसंधान को और गहन करने की सलाह दी।

 

बायो बैंक क्या है?

  • बायो बैंक जैविक नमूनों (जैसे रक्त) का एक संग्रह है और इसमें स्वास्थ्य संबंधी अन्य सूचनाएं संग्रहित होती हैं।
  • इसका उपयोग आणविक मार्गों को समझने तथा विभिन्न रोगों के निदान, पूर्वानुमान एवं उपचार में सुधार के लिए किया जा सकता है।

https://www.adda247.com/upsc-exam/prelims-specific-articles-hindi-3/

अन्य संबंधित समाचार

  • देश में प्रथम नेशनल हृद्पात / हार्ट फेल्योर बायो बैंक (एनएचएफबी) का उद्घाटन श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (सीआईएमएसटी) में किया गया।
  • भंडारण सुविधाओं में -20, -80-डिग्री यांत्रिक प्रशीतित्र और एक तरल नाइट्रोजन भंडारण प्रणाली शामिल है जो जैव-नमूनों को -140 डिग्री पर वर्षों तक स्थायी रूप से संग्रहित कर सकती है। वर्तमान में, लगभग 25000 जैव-नमूनों को संग्रहित करने की सुविधा है।
  • इससे हृद्पात के रोगियों को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।
  • बायो बैंक भारतीय बच्चों और वयस्कों में ह्रदय के रोगों एवं हृद्पात के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा, जो पश्चिमी देशों में देखे गए व्यक्तियों से अत्यधिक भिन्न है।
  • दीर्घ अवधि के कोविड-19 लक्षणों के अवलोकित किए गए प्रसार में वृद्धि और कोविड-19 के पश्चात हृद्पात के लिए दीर्घ – कोविड-19 क्लीनिकों को रोगी डेटा और नमूने एकत्र करने की आवश्यकता होती है जो भविष्य के अनुसंधान के लिए बायो बैंक हो सकते हैं।
  • एनएचएफबी के माध्यम से, शोधकर्ता गुणवत्ता और सुरक्षा के उचित मानकों को अनुरक्षित रखते हुए नैदानिक ​​डेटा से संबद्ध अच्छी तरह से व्याख्यायित किए गए जैविक नमूनों तक अभिगम प्राप्त कर सकते हैं।
  • नमूने दान करने के इच्छुक रोगियों से बोधित सहमति के पश्चात नमूने एकत्र किए जाते हैं।

https://www.adda247.com/upsc-exam/samagra-shiksha-scheme-hindi/

FAQs

बायोबैंक क्या है?

बायो बैंक जैविक नमूनों (जैसे रक्त) का एक संग्रह है और इसमें स्वास्थ्य संबंधी अन्य सूचनाएं संग्रहित होती हैं।

क्या बायोबैंक नैतिक हैं?

कई अतिरिक्त नैतिक चिंताएँ मौजूद हैं। बायोबैंकिंग में एकत्रित, संग्रहीत, साझा, परिवहन या अध्ययन की गई सामग्री को अक्सर दाताओं की सुरक्षा के लिए डी-आइडेंटिफाई किया जाता है, जिसका अर्थ है कि बायोबैंकिंग कम जोखिम वाला है और डी-आइडेंटिफिकेशन सामग्री दाताओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करती है।

डीएनए बायोबैंक क्या है?

ये जैव नमूने हैं जिनमें आनुवंशिक सामग्री होती है और मानव रोगों से जुड़े जीन विविधताओं की पहचान करने के लिए इनका विश्लेषण किया जा सकता है।

बायोबैंक क्यों महत्वपूर्ण है?

इसका उपयोग आणविक मार्गों को समझने तथा विभिन्न रोगों के निदान, पूर्वानुमान एवं उपचार में सुधार के लिए किया जा सकता है।

prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me