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स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021

 

 

प्रासंगिकता

  • जीएस 2: विभिन्न क्षेत्रों में विकास हेतु सरकारी नीतियां एवं अंतः क्षेप तथा उनकी अभिकल्पना एवं कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

 

प्रसंग

  • हाल ही में, स्वच्छ भारत (एसबीएम) मिशन चरण- 2 के अंतर्गत जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 को आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में प्रारंभ किया गया था।

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मुख्य बिंदु

  • पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ओडीएफ प्लस अंतःक्षेपों के त्वरक का समर्थन करने के लिए  संपूर्ण देश में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 प्रारंभ करेगा।

 

 

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के बारे में

  • इसका उद्देश्य देश के सभी गांवों में ओडीएफ सातत्य के साथ-साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) कार्यकलापों में सुधार हेतु गति में वृद्धि करना है।
  • डीडीडब्ल्यूएस ने इससे पूर्व 2018 एवं 2019 में दो अवसरों पर स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण (एसएसजी) प्रारंभ किया था।
  • प्रमुख गुणवत्ता एवं मात्रात्मक मापदंडों पर उनके प्रदर्शन के आधार पर जिलों की रैंकिंग का मार्गदर्शन करने हेतु एक विस्तृत नवाचार (प्रोटोकॉल) विकसित किया गया है।
  • एसएसजी सिर्फ एक रैंकिंग अभ्यास नहीं है बल्कि जन आंदोलन (पीपुल्स मूवमेंट) बनाने हेतु एक वाहक रहा है।

सुजलम अभियान

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 आच्छादन

  • सर्वेक्षण 2021 का संचालन एक स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा देश के 698 जिलों के 17,475 गांवों में किया जाएगा।
  • सर्वेक्षण के भाग के रूप में, गांवों, जिलों तथा राज्यों को प्रमुख मानकों का उपयोग करके रैंक किया जाएगा।
  • सर्वेक्षण के लिए इन गांवों में 87,250 सार्वजनिक स्थानों जैसे विद्यालयों, आंगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों, हाट / बाजारों / धार्मिक स्थलों का दौरा किया जाएगा।
  • एसबीएम से संबंधित मुद्दों पर प्रतिक्रिया के लिए लगभग 1,74,750 परिवारों का साक्षात्कार लिया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त, नागरिकों को इस उद्देश्य हेतु विकसित एक एप्लिकेशन का उपयोग करके स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर ऑनलाइन प्रतिपुष्टि (फीडबैक) देने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

विभिन्न मापदंडों का भार

  • सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का प्रत्यक्ष निरीक्षण : 30%
  • मोबाइल ऐप का उपयोग कर नागरिकों की प्रतिपुष्टि: 35%
  • स्वच्छता संबंधी मानकों पर सेवा स्तर की प्रगति: 35%

शहरी जल संतुलन योजना

 

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