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लक्ष्य जीरो डंपसाइट | एसबीएम-शहरी 2.0

लक्ष्य जीरो डंपसाइट- यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: शासन, प्रशासन  एवं चुनौतियां- विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकार की नीतियां एवं अंतःक्षेप  तथा उनकी अभिकल्पना कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

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जीरो डंपसाइट समाचारों में क्यों हैं 

  • हाल ही में, भारत सरकार ने राजस्थान में विरासती अपशिष्ट उपचार के लिए 250 करोड़ रुपए की    स्वीकृति दी है।
    • जयपुर का गुलाबी शहर, जो राजस्थान की राजधानी है एवं राज्य में सर्वाधिक मात्रा में विरासत अपशिष्ट रखता है।
  • आवास  एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ( मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स/MoHUA) ने 24 शहरों में मौजूद 45.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक विरासती कचरे के उपचार के लिए राजस्थान हेतु 250.15 करोड़ रुपए को स्वीकृति प्रदान की।
  • विरासती कचरे का उपचारण राज्य को कचरा मुक्त बनने के अपने स्वप्न के करीब ले जाएगा एवं राज्य को ‘लक्ष्य शून्य डंपसाइट’  प्राप्त करने में भी सहायता करेगा।

 

लक्ष्य जीरो डंपसाइट क्या है?

  • लक्ष्य जीरोडंप साइट के बारे में: ‘लक्ष्य जीरो’ डंपसाइट ‘कचरा मुक्त शहर’ सुनिश्चित करने हेतु स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (एसबीएम-यू 2.0) के उद्देश्यों में से एक है।
    • 1 अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा ‘लक्ष्य जीरो’ डंप साइट पहल का आरंभ किया गया था।
  • क्रियान्वयन मंत्रालय: आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय संबंधित राज्य की सहायता से उत्तरदायी है, एसबीएम 2.0 के तहत लक्ष्य जीरो डंप साइट को लागू करने हेतु उत्तरदायी है।
  • उद्देश्य: एसबीएम 2.0 के तहत ‘लक्ष्य जीरो’ डंप साइट का उद्देश्य ‘कचरा मुक्त शहरों’ के लिए सतत स्वच्छता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण प्राप्त करना है।
    • ‘लक्ष्य जीरो’ डंप साइट का लक्ष्य 16 करोड़ मीट्रिक टन (एमटी) विरासती कचरे के ढेरों को संसाधित करना है, जो शहर की लगभग 15,000 एकड़ भूमि पर कब्जा कर रहे हैं।

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स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के बारे में मुख्य बिंदु

  • स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के बारे में: स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 1 अक्टूबर 2021 को कायाकल्प तथा शहरी परिवर्तन ( अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड ऑर्गन ट्रांसफॉर्मेशन/AMRUT) 2.0 के लिए अटल मिशन के साथ प्रारंभ किया गया था।
  • अधिदेश: स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 का उद्देश्य ‘कचरा मुक्त शहरों’ के लिए  सतत स्वच्छता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण प्राप्त करना है।
  • बजटीय आवंटन: राज्य के लिए एसबीएम-यू 2.0 के लिए बजटीय आवंटन 1,765.80 करोड़ रुपये है, जो 2014-19 से एसबीएम-यू में 705.46 करोड़ रुपये के आवंटन से 2.5 गुना अधिक है।
  • एसबीएम (यू) 2.0 की प्रमुख प्राथमिकताएं: स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के प्रमुख फोकस क्षेत्र नीचे सूचीबद्ध हैं-
    • सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करना,
    • विनिर्माण तथा उत्पाटन (विध्वंस) कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण को सुनिश्चित करना, तथा
    • अपशिष्ट से खाद, अपशिष्ट से ऊर्जा, साथ ही साथ सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधाएं स्थापित करना।

 

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