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वैश्विक भूख सूचकांक 2021: प्रासंगिकता
- जीएस 2: निर्धनता एवं भूख से संबंधित मुद्दे।
वैश्विक भूख सूचकांक 2021: प्रसंग
- हाल ही में, कंसर्न वर्ल्डवाइड एंड वेल्ट हंगर हिल्फ़ ने संयुक्त रूप से वैश्विक भूख सूचकांक 2021 जारी किया है जहाँ इसने भारत में भूख के मुद्दे को चिंताजनक बताया है।

वैश्विक भूख सूचकांक 2021: मुख्य बिंदु
- रिपोर्ट के अनुसार, चीन, ब्राजील एवं कुवैत सहित 18 देशों ने पांच से कम के जीएचआई स्कोर के साथ शीर्ष स्थान साझा किया।
- इस संस्करण की रिपोर्ट के लिए, 135 देशों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया था। इनमें से 116 देशों के जीएचआई स्कोर की गणना हेतु पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध थे। 2019 में 107 देशों के लिए आंकड़े उपलब्ध थे।
- वर्तमान जीएचआई अनुमानों के आधार पर, सूचकांक विवरण प्रदान करता है कि संपूर्ण विश्व 2030 तक भूख के निम्न स्तर को प्राप्त नहीं करेगी।
प्रच्छन्न भूख का मुकाबला: चावल का प्रबलीकरण
भूख के प्रमुख प्रेरक कारक
- बदतर होते संघर्ष,
- वैश्विक जलवायु परिवर्तन से संबंधित मौसम की प्रचंड दशाएं, एवं
- कोविड-19 महामारी से जुड़ी आर्थिक एवं स्वास्थ्य चुनौतियां
बहुआयामी निर्धनता सूचकांक 2021
वैश्विक भूख सूचकांक 2021: जीएचआई संकेतक
- जीएचआई स्कोर चार संकेतकों पर आधारित है-
- अल्पपोषण;
- बच्चों में कृशता अथवा 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का हिस्सा, जिनका वजन उनकी ऊंचाई के अनुपात में कम है, जो गंभीर कुपोषण को दर्शाता है;
- बच्चों का वृद्धिरोध अथवा 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या, जिनकी लंबाई उनकी आयु के अनुपात में कम है, जो दीर्घकालिक कुपोषण को दर्शाता है; एवं
- बाल मृत्यु दर
न्यूनतम विकसित देशों की रिपोर्ट
वैश्विक भूख सूचकांक 2021: जीएचआई रिपोर्ट इंडिया
- 2021 के लिए वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआई) में भारत को 101वें स्थान पर रखा गया है, जोविगत वर्ष के 94वें स्थान से नीचे है।
- भारत अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं नेपाल से पीछे चल रहा है।
- रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बच्चों में कृशता (वेस्टिंग) 1998 से 2002 के मध्य 1% से बढ़कर 2016 एवं 2020 के मध्य 17.3% हो गई है।
- संपूर्ण विश्व में सर्वाधिक बाल- कृशता वाले देश भारत में कोविड-19 एवं महामारी संबंधी प्रतिबंधों से लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
वैश्विक भूख सूचकांक 2021: सुधार
- यद्यपि भारत ने 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर, बच्चों में वृद्धिरोध की व्यापकता एवं अल्पपोषण की व्यापकता जैसे संकेतकों में सुधार प्रदर्शित किया।
सरकार की प्रतिक्रिया
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि यह शर्मनाक स्थिति है कि वैश्विक भूख रिपोर्ट 2021 को वास्तविकता (जमीनी हकीकत) एवं तथ्यों से रहित एवं गंभीर कार्यप्रणाली मुद्दों से ग्रस्त पाया गया है।
- मंत्रालय ने कहा कि प्रकाशन एजेंसियों ने रिपोर्ट जारी करने से पहले अपना उचित परिश्रम नहीं किया है।
भूख अधिस्थल: एफएओ-डब्ल्यूएफपी की एक रिपोर्ट


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