Home   »   Stand-Up India Scheme   »   Stand-Up India Scheme

स्टैंड-अप इंडिया योजना का विस्तार, विगत 7 वर्षों में 40,700 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए

स्टैंड-अप इंडिया योजना: स्टैंड-अप इंडिया के रूप में जानी जाने वाली पहल को महिलाओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति (शेड्यूल कास्ट/एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (शेड्यूल्ड ट्राइब्स/एसटी) श्रेणियों से संबंधित व्यक्तियों के मध्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आरंभ किया गया था। यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2023 एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2- देश में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न सरकारी योजनाएं) के लिए भी स्टैंड-अप इंडिया योजना महत्वपूर्ण है।

स्टैंड-अप इंडिया योजना चर्चा में क्यों है?

हाल ही में, केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने स्टैंड अप इंडिया योजना के प्रदर्शन की जानकारी दी। इसके महत्वपूर्ण प्रभाव के कारण, केंद्र सरकार द्वारा स्टैंड-अप इंडिया योजना को 2025 तक विस्तार प्रदान किया गया है।

स्टैंड-अप इंडिया योजना का प्रदर्शन

स्टैंड-अप इंडिया योजना लक्षित समुदायों को वित्तीय समर्थन एवं सहायता प्रदान करने में सफल रही है, जिसके परिणामस्वरूप नए रोजगार के अवसरों, व्यवसायों तथा उद्योगों का निर्माण हुआ है।

  • योजना के प्रारंभ के पश्चात से 21.03.2023 तक स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत 180,636 खातों में 40,710 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत प्रदान किए गए 80% से अधिक ऋण महिला उद्यमियों को प्रदान किए गए हैं।

21.03.2023 तक स्टैंड अप इंडिया योजना के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं महिला लाभार्थियों का विवरण नीचे दिया गया है:

स्टैंड-अप इंडिया योजना का प्रदर्शन
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति   महिला कुल
खातों की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ रु.) खातों की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ रु.) खातों की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ रु.) खातों की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ रु.)
26,889 5,625.50 8,960 1,932.50 1,44,787 33,152.43 1,80,636 40,710.43

स्टैंड-अप इंडिया योजना

स्टैंड-अप इंडिया पहल महिलाओं, अनुसूचित जातियों (एससी) एवं अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के मध्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक सरकारी योजना है।

  • पृष्ठभूमि: महिलाओं/अनुसूचित जाति/जनजाति पृष्ठभूमि के उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तीकरण को  प्रोत्साहित करने एवं रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष बल देने के साथ जमीनी स्तर पर उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने हेतु 5 अप्रैल, 2016 को स्टैंड अप इंडिया योजना प्रारंभ की गई थी।
  • अधिदेश: स्टैंड-अप इंडिया योजना का उद्देश्य महिला/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को कृषि संबंधी गतिविधियों सहित विनिर्माण, सेवा अथवा व्यापार क्षेत्रों में नवीन व्यवसाय स्थापित करने में सहायता प्रदान करना है।
  • संबद्ध मंत्रालय: स्टैंड-अप इंडिया योजना वित्त मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है।
  • विस्तार क्षेत्र: स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत, विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार एवं कृषि से संबंधित क्षेत्रों में  नवीन व्यवसाय स्थापित करने हेतु सहायता प्रदान की जाती है। 

स्टैंड-अप इंडिया पहल का उद्देश्य

स्टैंड अप इंडिया योजना के सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्देश्य नीचे सूचीबद्ध हैं-

  • महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मध्य उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना;
  • विनिर्माण, सेवाओं या व्यापार क्षेत्र एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों में ग्रीनफील्ड उद्यमों के लिए ऋण प्रदान  करना;
  • अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रति बैंक शाखा में कम से कम एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति ऋणग्राही तथा कम से कम एक महिला ऋणग्राही को 10 लाख रुपए एवं 100 लाख रुपए के बीच बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करना।

स्टैंड अप इंडिया वित्तीयन समर्थन तंत्र 

स्टैंड-अप इंडिया योजना को उद्यम स्थापित करने, व्यवसाय में सफल होने के लिए समय-समय पर आवश्यक ऋण एवं अन्य सहायता प्राप्त करने में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला उद्यमियों के समक्ष उपस्थित होने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

  • अतः यह योजना एक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रयास करती है जो व्यापार करने में लक्षित क्षेत्रों को एक सहायक वातावरण प्रदान करती है तथा जारी रखती है।
  • इस योजना का उद्देश्य सभी बैंक शाखाओं को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला श्रेणी से  ऋण लेने वालों को अपना ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण देने हेतु प्रोत्साहित करना है।
  • इच्छुक आवेदक योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं:
    • सीधे शाखा में या
    • स्टैंड-अप इंडिया पोर्टल (www.standupmitra.in) के माध्यम से या,
    • अग्रणी जिला प्रबंधक (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर/एलडीएम) के माध्यम से।

स्टैंड-अप इंडिया पहल का महत्व

स्टैंड-अप इंडिया योजना वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन के तीसरे स्तंभ, जो “अनफंडेड को फंडिंग” के साथ संरेखित है। इस योजना का उद्देश्य अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों की शाखाओं से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति पृष्ठभूमि की महिलाओं एवं उद्यमियों को निर्बाध ऋण प्रवाह प्रदान करना है।

  • इसने उद्यमशीलता को उत्साहित करने तथा उद्यमियों, उनके कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • स्टैंड-अप इंडिया योजना ने उद्यमियों, उनके कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के जीवन स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • इस योजना ने ऊर्जावान, उत्साही एवं आकांक्षी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को उनके सपनों को वास्तविकता में रूपांतरित करने में सहायता प्रदान की है।

 

स्टैंड-अप इंडिया योजना के संदर्भ में प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. स्टैंड-अप इंडिया योजना क्या है?

उत्तर. स्टैंड-अप इंडिया योजना 2016 में भारत में महिलाओं, अनुसूचित जातियों (एससी) एवं अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के मध्य उद्यमिता, विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार, और कृषि से संबंधित क्रियाकलापों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रारंभ की गई एक सरकारी पहल है।

प्र. स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए कौन पात्र है?

उत्तर. यह योजना एससी/एसटी पृष्ठभूमि की उन महिलाओं एवं उद्यमियों के प्रति लक्षित है जो विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार अथवा कृषि से संबंधित क्षेत्रों में एक नया उद्यम प्रारंभ करना चाहती हैं। लाभार्थी 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक के ऋण का लाभ उठा सकते हैं।

प्र. स्टैंड-अप इंडिया योजना के क्या लाभ हैं?

उत्तर. स्टैंड-अप इंडिया योजना लक्षित समुदायों को वित्तीय समर्थन तथा सहायता प्रदान करती है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के नवीन अवसरों, व्यवसायों एवं उद्योगों का निर्माण हुआ है। इस योजना ने उद्यमियों, उनके कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्र. स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए एक व्यक्ति कैसे आवेदन कर सकता है?

उत्तर. स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए आवेदन करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपनी निकटतम बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। लाभार्थियों को ऋण का लाभ प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं परियोजना रिपोर्ट प्रदान करनी होगी।

 

FAQs

स्टैंड-अप इंडिया योजना क्या है?

स्टैंड-अप इंडिया योजना 2016 में भारत में महिलाओं, अनुसूचित जातियों (एससी) एवं अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के मध्य उद्यमिता, विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार, और कृषि से संबंधित क्रियाकलापों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रारंभ की गई एक सरकारी पहल है।

स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए कौन पात्र है?

यह योजना एससी/एसटी पृष्ठभूमि की उन महिलाओं एवं उद्यमियों के प्रति लक्षित है जो विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार अथवा कृषि से संबंधित क्षेत्रों में एक नया उद्यम प्रारंभ करना चाहती हैं। लाभार्थी 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक के ऋण का लाभ उठा सकते हैं।

स्टैंड-अप इंडिया योजना के क्या लाभ हैं?

स्टैंड-अप इंडिया योजना लक्षित समुदायों को वित्तीय समर्थन तथा सहायता प्रदान करती है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के नवीन अवसरों, व्यवसायों एवं उद्योगों का निर्माण हुआ है। इस योजना ने उद्यमियों, उनके कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए एक व्यक्ति कैसे आवेदन कर सकता है?

स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए आवेदन करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपनी निकटतम बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। लाभार्थियों को ऋण का लाभ प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं परियोजना रिपोर्ट प्रदान करनी होगी।

prime_image
About the Author

I am an SEO Executive with over 4 years of experience in Marketing and now Edtech Agency. I am specializes in optimizing websites to improve search engine rankings and increase organic traffic. I am up to date with the latest SEO trends to deliver results-driven strategies. In my free time, I enjoys exploring new technologies and reading about the latest digital marketing techniques.

QR Code
Scan Me