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संगठन से समृद्धि अभियान, 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करना

संगठन से समृद्धि अभियान: संगठन से समृद्धि अभियान डीएवाई-एनआरएलएम के तहत समस्त संवेदनशील एवं हाशिए पर रहने वाले ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी) के दायरे में लाने हेतु प्रारंभ किया गया। संगठन से समृद्धि अभियान यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2023 एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2- भारत में विभिन्न क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न सरकारी पहल) के लिए भी महत्वपूर्ण है।

संगठन से समृद्धि अभियान चर्चा में क्यों है?

हाल ही में, ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (दीनदयाल अंत्योदय योजना- नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन/डीएवाई-एनआरएलएम) द्वारा “संगठन से समृद्धि- किसी ग्रामीण महिला को पीछे नहीं छोड़ना” अभियान प्रारंभ किया गया।

संगठन से समृद्धि अभियान 2023

संगठन से समृद्धि- ग्रामीण महिलाओं को पीछे नहीं छोड़ना” आजादी का अमृत महोत्सव समावेशी विकास के तहत एक राष्ट्रीय अभियान है। संगठन से समृद्धि अभियान का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों की 10 करोड़ महिलाओं को अभिनियोजित करना है।

  • अधिदेश: संगठन से समृद्धि अभियान समस्त संवेदनशील एवं सीमांत ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी) के तहत लाने की आकांक्षा रखता है ताकि उन्हें कार्यक्रम के तहत प्रदान किए गए लाभों को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके।
  • अवधि: संगठन से समृद्धि अभियान 30 जून 2023 तक संचालित होगा।
  • दायरा: अभियान भारत के सभी राज्यों में आयोजित किया जाएगा।

संगठन से समृद्धि अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम 

संगठन से समृद्धि अभियान इस अवधि के दौरान 1.1 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बनाने की अपेक्षा के साथ प्रारंभ किया गया था, जैसे-

  • एसएचजी में सम्मिलित होने हेतु छूटे हुए परिवारों को प्रेरित करने के लिए एसएचजी चैंपियंस द्वारा ग्राम संगठनों की आम सभा बैठकें आयोजित करना एवं एसएचजी चैंपियंस द्वारा अनुभव साझा करना,
  • कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन ड्राइव का आयोजन,
  • PMAY-G लाभार्थी परिवारों से पात्र महिलाओं को अभिनियोजित करना,
  • एसएचजी के नए सदस्यों को प्रशिक्षण देना,
  • मृत एसएचजी को पुनर्जीवित करना,
  • एसएचजी बैंक खाते खोलना एवं
  • अन्य हितधारकों द्वारा प्रवर्तित स्वयं सहायता समूहों के एक सामान्य डेटाबेस का निर्माण।

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्या हैं?

स्वयं सहायता समूह लोगों के अनौपचारिक संघ हैं जो अपनी जीवन स्थितियों में सुधार के तरीके खोजने के लिए एक साथ आते हैं। वे निर्धनों, विशेष रुप से महिलाओं के मध्य सामाजिक पूंजी का निर्माण करने में सहायता करते हैं।

  • सदस्य: स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों की आम तौर पर समान सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि होती है।
  • प्रमुख उद्देश्य: स्वयं सहायता समूहों का गठन निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्यों के साथ किया जाता है-
    • अपने सदस्यों को बचत करने हेतु प्रोत्साहित करने एवं प्रेरित करने के लिए,
    • अतिरिक्त आय के सृजन के लिए एक सामूहिक योजना बनाने के लिए उन्हें मनाने हेतु,
    • उन तक पहुँचने के लिए औपचारिक बैंकिंग सेवाओं के लिए एक वाहक के रूप में कार्य करना।
  • महत्व: ऐसे समूह उन सदस्यों के लिए सामूहिक गारंटी प्रणाली के रूप में कार्य करते हैं जो संगठित स्रोतों से ऋण लेने का प्रस्ताव रखते हैं।
    • परिणामस्वरूप, निर्धनों को सूक्ष्म वित्त सेवाएं प्रदान करने के लिए स्व-सहायता समूह सर्वाधिक प्रभावी तंत्र के रूप में उभरे हैं।
  • स्वयं सहायता समूहों के उदाहरण: गुजरात में सेवा, कर्नाटक में मायराडा, तमिलनाडु में तनवा, झारखंड में रामकृष्ण मिशन, बिहार में अदिति।

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम)

डीएवाई-एनआरएलएम का उद्देश्य ग्रामीण निर्धन परिवारों को चरणबद्ध रूप से स्वयं सहायता समूह में अभिनियोजित करना तथा उनकी आजीविका में विविधता लाने एवं उनकी आय तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने हेतु दीर्घकालिक सहायता प्रदान करना है।

  • मिशन घरेलू हिंसा, महिलाओं की शिक्षा एवं लिंग संबंधी अन्य चिंताओं, पोषण, स्वच्छता, स्वास्थ्य इत्यादि जैसे मुद्दों पर जागरूकता सृजित करने तथा व्यवहार परिवर्तन संचार के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

 

संगठन से समृद्धि अभियान के बारे में प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. संगठन से समृद्धि अभियान क्या है

उत्तर. संगठन से समृद्धि- ग्रामीण महिलाओं को पीछे नहीं छोड़ना” आजादी का अमृत महोत्सव समावेशी विकास के तहत एक राष्ट्रीय अभियान है। संगठन से समृद्धि अभियान का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों की 10 करोड़ महिलाओं को अभिनियोजित करना है।

प्र. स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्या है?

उत्तर. स्वयं सहायता समूह लोगों के अनौपचारिक संघ हैं जो अपनी जीवन स्थितियों में सुधार के तरीके खोजने के लिए एक साथ आते हैं।

प्र. स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी) के उदाहरण क्या हैं?

उत्तर. भारत में कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध स्वयं सहायता समूह (SHG) गुजरात में सेवा, कर्नाटक में मायराडा, तमिलनाडु में तनवा, झारखंड में रामकृष्ण मिशन, बिहार में अदिति हैं।

प्र. स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्य कौन हैं?

उत्तर. स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों में आम तौर पर वंचित सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की महिलाएं शामिल होती हैं।

 

FAQs

संगठन से समृद्धि अभियान क्या है?

संगठन से समृद्धि- ग्रामीण महिलाओं को पीछे नहीं छोड़ना” आजादी का अमृत महोत्सव समावेशी विकास के तहत एक राष्ट्रीय अभियान है। संगठन से समृद्धि अभियान का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों की 10 करोड़ महिलाओं को अभिनियोजित करना है।

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्या है?

स्वयं सहायता समूह लोगों के अनौपचारिक संघ हैं जो अपनी जीवन स्थितियों में सुधार के तरीके खोजने के लिए एक साथ आते हैं।

स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी) के उदाहरण क्या हैं?

भारत में कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध स्वयं सहायता समूह (SHG) गुजरात में सेवा, कर्नाटक में मायराडा, तमिलनाडु में तनवा, झारखंड में रामकृष्ण मिशन, बिहार में अदिति हैं।

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्य कौन हैं?

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों में आम तौर पर वंचित सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की महिलाएं शामिल होती हैं।

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