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प्रधान मंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) एवं आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरई)

 

प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई)

 

मुख्य बिंदु

  • पीएमआरपीवाई की घोषणा 2016 में असंगठित क्षेत्र के लिए की गई थी।
  • पीएमआरपीवाई को श्रम एवं नियोजन मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।
  • पीएमआरपीवाई को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है।

 

मुख्य विशेषताएं

  • भारत सरकार तीन वर्ष की अवधि हेतु कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) एवं कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के लिए नियोक्ता के पूर्ण योगदान अर्थात 12% का भुगतान कर रही है।
  • पीएमआरपीवाई के तहत लाभ नए कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के माध्यम से उपलब्ध हैं।
  • प्रतिष्ठान के माध्यम से लाभार्थी के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 थी।
  • 31 मार्च, 2019 तक पंजीकृत लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत पंजीकरण की तिथि से 3 वर्षों तक लाभ प्राप्त होता रहेगा।
  • संपूर्ण प्रणाली ऑनलाइन है एवं आधार आधारित है तथा योजना के कार्यान्वयन में  किसी प्रकार का मानव अंतरापृष्ठ (इंटरफेस) नहीं है

 

पीएमआरपीवाई के लाभ

 

  • पीएमआरपीवाई के दोहरे लाभ हैं:
    • वेतन के 12% के ईपीएफ अंशदान के भुगतान के माध्यम से प्रतिष्ठान में कर्मचारी आधार बढ़ाने के लिए नियोक्ता को प्रोत्साहित किया जाता है
    • ऐसे प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार प्राप्त होता है
  • साथ ही, इन श्रमिकों को भविष्य निधि, पेंशन एवं मृत्यु से जुड़े बीमा के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त हैं।
  • यह नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करता है एवं इसका उद्देश्य अनौपचारिक श्रमिकों को औपचारिक कार्यबल में लाना भी है।

 

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई)

 

मुख्य बिंदु

  • सामाजिक सुरक्षा लाभ एवं कोविड-19 महामारी के दौरान रोजगार की हानि के पुन: स्थापन के साथ-साथ नए रोजगार के सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने हेतु श्रम एवं नियोजन मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) प्रारंभ की गई है।
  • एबीआरवाई को 2020 में आरंभ किया गया था एवं योजना की अवधि 2020-2023 है।
  • एबीआरवाई को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है।

 

मुख्य विशेषताएं

  • भारत सरकार दो वर्ष की अवधि के लिए 1000 कर्मचारियों को नियोजन प्रदान करने वाले प्रतिष्ठानों में नए कर्मचारियों के संबंध में 12% कर्मचारियों के अंशदान एवं 12% नियोक्ता के अंशदान अर्थात ईपीएफ के लिए मजदूरी का 24% दोनों का भुगतान करेगी।
  • भारत सरकार दो वर्ष की अवधि लिए 1000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार प्रदान करने वाले प्रतिष्ठानों में नए कर्मचारियों के संबंध में मात्र ईपीएफ अंशदान के कर्मचारियों के हिस्से, अर्थात वेतन का 12% का भुगतान करेगी।
  • सरकार पंजीकरण की तिथि से 2 वर्ष की अवधि के लिए सहायिकी का भुगतान करेगी।

 

पात्रता

  • 15000 रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी जो 1 अक्टूबर, 2020 से पहले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ पंजीकृत किसी भी प्रतिष्ठान में काम नहीं कर रहे थे एवंउनके पास 1 अक्टूबर से पूर्व कोई यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या इपीएफ सदस्य खाता संख्या नहीं था, लाभ के पात्र होंगे
  • कोई भी ईपीएफ सदस्य जिसके पास 15000 रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) है, जो 03.2020 से 30.09.2020 तक कोविड महामारी के दौरान रोजगार से बाहर हो गया एवं 30.09.2020 तक किसी भी ईपीएफ आच्छादित प्रतिष्ठान में रोजगार में संलग्न नहीं हुआ, वह भी लाभ प्राप्त करने  का पात्र होगा।

 

ईपीएफओ की भूमिका

  • ईपीएफओ सदस्यों के आधार से जुड़े खाते में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अंशदान जमा करेगा।
  • ईपीएफओ इस योजना के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित करेगा हम एक ऐसी प्रक्रिया भी विकसित करेगा जो पारदर्शी तथा उनकी ओर से उत्तरदायी हो।
  • ईपीएफओ यह सुनिश्चित करने के लिए तौर-तरीकों पर कार्य करेगा कि ईपीएफओ द्वारा लागू की गई किसी अन्य योजना के साथ एबीआरवाई के अंतर्गत प्रदान किए गए लाभों का कोई अतिव्यापन नहीं है।

 

 

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