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भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम, पीएम मोदी ने आईटीईसी पाठ्यक्रमों के पूर्व छात्रों के साथ बातचीत की

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी): भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (इंडियन टेक्निकल एंड इकोनामिक कोऑपरेशन/आईटीईसी) कार्यक्रम भागीदार देशों के व्यक्तियों को क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा एक पहल है। इसका उद्देश्य आपसी समझ एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता एवं ज्ञान को साझा करना है। भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (इंडियन टेक्निकल एंड इकोनामिक कोऑपरेशन/ITEC) कार्यक्रम यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2- अंतर्राष्ट्रीय संबंध- भारत तथा अन्य देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न सरकारी पहल) के लिए भी महत्वपूर्ण है।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) चर्चा में क्यों है?

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पोर्ट मोरेस्बी में आयोजित फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) पाठ्यक्रमों के पूर्व छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत की।

  • ये पूर्व छात्र विभिन्न प्रशांत द्वीप देशों से आए थे तथा इनमें सम्मानित सरकारी, निपुण पेशेवर तथा प्रभावशाली समुदाय के नेता शामिल थे।
  • आईटीईसी के माध्यम से भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत, उन्होंने अपने संबंधित समाजों में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए अपने अर्जित कौशल का सफलतापूर्वक उपयोग किया है।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम  से संबंधित विवरण

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम 1964 में भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया एक द्विपक्षीय सहायता कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी कर्मियों, प्रशासकों, प्रबंधकों एवं नीति निर्माताओं सहित विकासशील देशों के पेशेवरों को प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण के अवसर प्रदान करना है।

  • उद्देश्य: ITEC कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य भारत की विशेषज्ञता एवं तकनीकी जानकारी को भागीदार देशों के साथ साझा करना, आपसी सहयोग को  प्रोत्साहित करना तथा सद्भावना को बढ़ावा देना है।
  • दायरा: ITEC कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, उद्यमिता, लोक प्रशासन, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा एवं अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण सहित विभिन्न क्षेत्र सम्मिलित हैं।
  • सहायता: भारत प्रतिभागियों को छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप प्रदान करता है, जिसमें उनके यात्रा व्यय, आवास, जीवन निर्वाह भत्ता तथा पाठ्यक्रम शुल्क शामिल हैं।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) के क्रियाकलाप 

आईटीईसी कार्यक्रम के तहत, भागीदार देशों के योग्य प्रतिभागियों का चयन किया जाता है एवं प्रतिष्ठित भारतीय संस्थानों द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, कार्यशालाओं तथा सेमिनारों की पेशकश की जाती है। कार्यक्रम अल्पकालिक विशेष प्रशिक्षण, परियोजना परामर्श एवं अध्ययन दौरों की सुविधा भी प्रदान करता है।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) का प्रदर्शन

ITEC अंतर्राष्ट्रीय क्षमता निर्माण यदि सर्वाधिक पुरानी संरचित पहलों में से एक है। इसने 160 से अधिक देशों के 200,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिसमें नागरिक एवं रक्षा दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

  • 2014 से, भारत ने दुनिया भर के लोगों को लगभग 100,000 उच्च-गुणवत्ता क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्तियां प्रदान की हैं।
  • इन अवसरों में भारत में प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन करना, प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति में स्वयं को तल्लीन करने तथा इसके प्रसिद्ध आतिथ्य का अनुभव करने का अवसर प्रदान करना शामिल है।
  • कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, ITEC कार्यक्रम भारत की विकासात्मक विशेषज्ञता को विश्व के साथ साझा करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा।
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 10,000 पेशेवरों को ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा एवं शासन प्रशिक्षण प्रदान करके अनुकूलित किया गया।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) का महत्व

कार्यक्रम भागीदार देशों के पेशेवरों के कौशल एवं क्षमता के निर्माण में सफल रहा है, जिससे वे अपने संबंधित देशों में विकास के प्रयासों में योगदान करने में सक्षम हो गए हैं।

  • आईटीईसी कार्यक्रम ने भारत तथा भागीदार देशों के मध्य तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • इसने राजनयिक संबंधों को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने का था द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने में सहायता की है।
  • इस कार्यक्रम के माध्यम से, भारत ने एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरिबियन, प्रशांत द्वीप समूह एवं पूर्वी यूरोप के अनेक देशों को अपना समर्थन दिया है।
  • आईटीईसी कार्यक्रम के अतिरिक्त, भारत ने तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग का समर्थन करने हेतु अन्य पहलें भी स्थापित की हैं, जैसे कि भारतीय विकास एवं आर्थिक सहायता योजना (इंडियन डेवलपमेंट एंड इकोनॉमिक असिस्टेंस स्कीम/आईडीईएएस) तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस/आईसीसीआर) छात्रवृत्ति कार्यक्रम।
  • ये कार्यक्रम सहयोगी देशों के विकास एवं प्रगति के लिए अपनी विशेषज्ञता एवं संसाधनों को साझा करने में भारत के प्रयासों में और योगदान करते हैं।

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (इंडियन टेक्निकल एंड इकोनामिक कोऑपरेशन/आईटीईसी) कार्यक्रम के बारे में  प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम क्या है?

उत्तर. भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम भागीदार देशों के व्यक्तियों को क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा एक पहल है। इसका उद्देश्य आपसी समझ एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता एवं ज्ञान को साझा करना है।

प्र. ITEC कार्यक्रम कब स्थापित किया गया था?

उत्तर. ITEC कार्यक्रम 1964 में स्थापित किया गया था।

प्र. आईटीईसी कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?

उत्तर. आईटीईसी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य साझेदार देशों के पेशेवरों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के अवसर प्रदान करना है। इसका उद्देश्य तकनीकी सहयोग प्रोत्साहित करना, सद्भावना को बढ़ावा देना एवं भारत तथा अन्य देशों के मध्य राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है।

प्र. ITEC कार्यक्रम से कितने देशों को लाभ हुआ है?

उत्तर. आईटीईसी कार्यक्रम ने दुनिया भर में 160 से अधिक देशों को लाभान्वित किया है।

 

FAQs

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम क्या है?

भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम भागीदार देशों के व्यक्तियों को क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा एक पहल है। इसका उद्देश्य आपसी समझ एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता एवं ज्ञान को साझा करना है।

ITEC कार्यक्रम कब स्थापित किया गया था?

ITEC कार्यक्रम 1964 में स्थापित किया गया था।

आईटीईसी कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?

आईटीईसी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य साझेदार देशों के पेशेवरों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के अवसर प्रदान करना है। इसका उद्देश्य तकनीकी सहयोग प्रोत्साहित करना, सद्भावना को बढ़ावा देना एवं भारत तथा अन्य देशों के मध्य राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है।

ITEC कार्यक्रम से कितने देशों को लाभ हुआ है?

आईटीईसी कार्यक्रम ने दुनिया भर में 160 से अधिक देशों को लाभान्वित किया है।

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