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वित्तीय कार्यवाही कार्यबल (एफएटीएफ): संरचना, कार्य और आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध इसकी लड़ाई

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ): संरचना, कार्य और आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध इसकी लड़ाई

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प्रासंगिकता

  • जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध– महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, अभिकरण ​​और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।
  • जीएस पेपर 3: सुरक्षा-  धन शोधन और इसकी रोकथाम; आतंकवाद के साथ संगठित अपराध का संबंध; आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियां उत्पन्न करने में बाहरी राज्य और गैर-राज्य कर्ताओं की भूमिका।

 

प्रसंग:

  • हाल ही में, पाकिस्तान ने भारत पर पाकिस्तान के विरुद्ध राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एफएटीएफ का ‘उपयोग’ करने का आरोप लगाया है।
  • पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत ने 2018 में “तकनीकी” कारणों के बजाय “राजनीतिक” कारणों के लिए पाकिस्तान की ग्रे लिस्टिंग पर पर दिया था, जो आज भी जारी है।

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मुख्य बिंदु

  • एफएटीएफ के बारे में: यह वैश्विक धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण हितप्रहरी है।
    • एफएटीएफ एक अंतर्शासकीय निकाय है, जिसकी स्थापना 1989 में पेरिस, फ्रांस में जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी।
    • सचिवालय: आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) का मुख्यालय पेरिस में स्थित है।
    • संगठनात्मक संरचना: इसमें वर्तमान में 37 सदस्य क्षेत्राधिकार और 2 क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं। इसमें पर्यवेक्षक और सहयोगी सदस्य भी हैं।
    • भारत जून 2010 से संगठन का सदस्य रहा है। इससे पूर्व 2006 में एफएटीएफ में ‘पर्यवेक्षक’ का दर्जा  प्राप्त किया था।
    • एफएटीएफ पूर्ण सत्र: एफएटीएफ का निर्णय लेने वाला निकाय है जिसकी वर्ष में तीन बार बैठक होती है।
    • एफएटीएफ अध्यक्ष: वह एफएटीएफ पूर्ण सत्र द्वारा अपने सदस्यों में से नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जिसका कार्यकाल दो वर्ष का होता है।
      • वह एफएटीएफ पूर्ण सत्र और संचालन समूह की बैठकों का आयोजन और अध्यक्षता करता है, और वह एफएटीएफ सचिवालय का निरीक्षण करता है।
      • अध्यक्ष एफएटीएफ के प्रमुख प्रवक्ता होते हैं और विदेशों में एफएटीएफ का प्रतिनिधित्व करते हैं।

 

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एफएटीएफ की भूमिका और कार्य 

  • नीति निर्माण करने वाली संस्था के रूप में: इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय विधायी और नियामक सुधार लाने के लिए आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति उत्पन्न करने हेतु कार्य करता है।
  • एफएटीएफ धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण पद्धतियों की समीक्षा करता है और नए जोखिमों को दूर करने के लिए अपने मानकों को निरंतर सशक्त करता रहता है, जैसे कि आभासी संपत्ति का विनियमन, जो क्रिप्टो करेंसी के रूप में  विस्तृत होकर लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है।
  • यह सामूहिक विनाश के हथियारों के वित्तपोषण को रोकने के लिए भी  कार्य करता है।
  • सुरक्षा: एफएटीएफ की भूमिका वित्तीय प्रणाली की समग्रता की रक्षा करना एवं इसकी पारदर्शिता में वृद्धि करना है, जो वैश्विक सुरक्षा में योगदान करती है।
  • अनुवीक्षण कार्य: यह सुनिश्चित करने के लिए देशों का अनुवीक्षण करता है कि वे एफएटीएफ मानकों को पूर्णत: और प्रभावी रूप से क्रियान्वित करते हैं, और अनुपालन सुनिश्चित नहीं करने वाले देशों को उत्तरदायी ठहराता है।
  • परिवर्धित मानक / संस्तुतियां: संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को रोकने के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक नीतियों, मानकों, सर्वोत्तम अभ्यास और मार्गदर्शन को विकसित और निर्धारित करता है।
    • यह जोखिम, प्रवृत्तियों और विधियों पर विशेषज्ञ परिचालन और रणनीतिक अध्ययन आयोजित और प्रकाशित करता है।
    • समन्वय: ये मानक अधिकारियों को एक दूसरे के साथ समन्वय करने और अवैध मादक द्रव्यों, मानव तस्करी और अन्य अपराधों से संबंधित अपराधियों के धन का पता लगाने में सहायता करते हैं।
  • एफएटीएफ ने दो सूचियां तैयार की:
  1. ग्रे लिस्ट: जिन देशों को आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन का सहयोग करने के लिए सुरक्षित आश्रय स्थली माना जाता है, उन्हें एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाल दिया जाता है।
    • यह अंतर्वेशन देश के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है कि उसे काली सूची में  डाला जा सकता है।
    • पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखा गया क्योंकि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अभिहित आतंकवादी समूहों के शीर्ष नेतृत्व जिसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा शामिल हैं, पर अभियोग चलाने में  विफल रहा ।
  1. काली सूची: असहयोगी देशों या क्षेत्रों (एनसीसीटी) के रूप में जाने जाने वाले देशों को काली सूची में डाल दिया जाता है। ये देश आतंकी वित्तपोषण एवं धन शोधन गतिविधियों का समर्थन करते हैं।
    • एफएटीएफ प्रविष्टियों को जोड़ने या हटाने के लिए नियमित रूप से काली सूची में संशोधन करता है।
    • उत्तर कोरिया जैसे  देश इस सूची में सम्मिलित हैं।

एफएटीएफ का महत्व

  • रोकथाम: यद्यपि एफएटीएफ की काली सूची को अंतरराष्ट्रीय कानून के  अंतर्गत कोई औपचारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं है, वास्तव में, एफएटीएफ  की काली सूची पर आरोपित एक क्षेत्राधिकार प्रायः स्वयं को अत्यधिक वित्तीय दबाव में पाता है। अतः, यह क्षेत्राधिकारों  को एफएटीएफ की संस्तुतियों के  अंतर्गत निषिद्ध गतिविधियों से रोकता है।
  • आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन से निपटना: यह धन शोधन से निपटने और आतंकवाद के वित्तीयन का मुकाबला करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में सबसे आगे रहा है।
    • इसके प्रयास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रासंगिक प्रस्तावों के संयोजन में किए गए हैं।
    • इसने उन आतंकवादी संगठनों के लिए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को कठिन बना दिया है जो मानवता के विरुद्ध इन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
  • सहयोग को बढ़ावा देना: इसने आतंकवाद के वित्तपोषण, धन शोधन और अन्य भ्रष्ट प्रथाओं के मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र, आईएमएफ, विश्व बैंक और जी -20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर जैसे निकायों के साथ सहयोग तेज कर दिया है।
  • जागरूकता उत्पन्न करना: एफएटीएफ ने एक पेशेवर संगठन के रूप में विश्वसनीयता अर्जित की है, वैश्विक वित्तीय प्रणाली के समक्ष आने वाली चुनौतियों और आतंकवाद जैसे मानव सुरक्षा मुद्दों के संदर्भ में जागरूकता बढ़ाना सुनिश्चित किया है।

 

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आगे की राह:

  • एफएटीएफ एक पारदर्शी और स्वच्छ वैश्विक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने के लिए एक वैश्विक प्रहरी है, जहां आतंकवाद के वित्तपोषण, धन शोधन और सामूहिक विनाश के हथियारों के उत्पादन जैसी अवैध गतिविधियों के लिए धन के उपयोग हेतु कोई स्थान नहीं है।
  • एक मानक निर्धारक निकाय के रूप में, यह किसी ऐसे देश को काली सूची में डालकर आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर दबाव डालता है जो धन प्रवाह में अवरोध उत्पन्न करने के माध्यम से ऐसे राज्य द्वारा समर्थित आतंकवादी गतिविधियों की जीवन रेखा को काट देता है।

 

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