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काल की परिभाषा, भेद और उदाहरण, Kaal Ki Paribhasha

CTET is the main teaching Eligibility Test which will be going to be held on 5th July 2020 by CBSE . Hindi as a language is the main subject in both papers of CTET 2020. The students always choose Hindi as a language 1 or 2 in the CTET exam. The examination pattern and syllabus of Hindi subject contain for both papers i.e. Hindi paragraph comprehension, Hindi Poem comprehension and Hindi pedagogy. This section total contains 30 marks.

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काल

क्रिया के उस रूप को ‘काल’ कहते हैं , जिससे उसके करने या होने के समय तथा पूर्णता या अपूर्णता का ज्ञान होता है |

काल के भेद

  1. वर्तमान काल (Present Tense)
  2. भूतकाल (Past Tense)
  3. भविष्यत काल (Future Tense)

वर्तमान काल

वर्तमान समय में होने वाली क्रिया से वर्तमान काल का बोध होता है | जैसे -मैं खाता हूँ |गीता पढ़ रही है |

भूतकाल

बीते समय में घटित क्रिया से भूतकाल का बोध होता है | जैसे – वह लिखता था |मोहन ने पढ़ा होगा |

भविष्यत काल

इससे भविष्य में किसी काम के होने का बोध होता है | जैसे –तुम कल पढ़ोगे |शायद वह कल आएगा |

भूतकाल के भेद भूतकाल के छ: भेद होते हैं |

  1. सामान्यभूत – क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय का निश्चित ज्ञान न हो, उसे सामान्यभूत कहते हैं; जैसे –सोहन गया |राम ने खाना खाया |
  1. पूर्ण भूत क्रिया के जिस रूप से बीते समय में कार्य की समाप्ति का पूर्ण बोध होता है, उसे पूर्ण भूत कहते हैं; जैसे –मैं खाना खा चुका था |उसने राकेश को मारा था |
  1. अपूर्ण भूत क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाए कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी, लेकिन उसकी समाप्ति का पता न चले, उसे ‘अपूर्णभूत’ कहते हैं; जैसे –भक्तों द्वारा पूजा की जा रही थी |विद्या अपने गाँव जा रही थी |
  1. आसन्न भूत क्रिया के जिस रूप से क्रिया के व्यापार का समय आसन्न (निकट) ही समाप्त समझा जाए, उसे आसन्न भूत कहते हैं; जैसे – अंकुर बिहार से लौटा है |मैं खाना खा चुका हूँ |
  1. संदिग्ध भूत- क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के पूर्ण होने या न होने में संदेह होता है, उसे संदिग्धभूत कहते हैं; जैसे –श्याम ने खाना खाया होगा |
  1. हेतुहेतुमद्भूत- क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया भूतकाल में होने वाली थी परन्तु किसी कारणवश नहीं हो सकी, उसे हेतुहेतुमद्भूत कहते हैं; जैसे –यदि मोहन पढ़ाई करता तो परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाता |

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वर्तमान काल के भेदवर्तमान काल के तीन भेद हैं |

  1. सामान्य वर्तमान क्रिया का वह रूप जिससे वर्तमान काल में क्रिया का होना पाया जाए, सामान्य वर्तमान कहलाता है; जैसे–वह लड़का पढ़ता है |
  1. अपूर्ण वर्तमान क्रिया के जिस रूप से वर्तमान काल में क्रिया की अपूर्णता का बोध होता हो, उसे अपूर्ण वर्तमान कहते हैं; जैसे–माँ भोजन बना रही है |
  1. संदिग्ध वर्तमान क्रिया का वह रूप जिससे वर्तमान काल में क्रिया के होने में संदेह पाया जाए, उसे संदिग्ध वर्तमान कहते हैं; जैसे– बच्चा रो रहा होगा |

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भविष्यत् काल के भेदभविष्यत् काल के तीन भेद हैं |

  1. सामान्य भविष्यत् क्रिया के जिस रूप से भविष्य में होने वाले कार्य के विषय में जानकारी हो अथवा यह व्यक्त हो कि क्रिया सामान्यत: भविष्य में होगी, उसे सामान्य भविष्यत् कहते हैं; जैसे –खिलौना नहीं मिलने पर बच्चा रोएगा |
  1. संभाव्य भविष्यत् काल आने वाले समय में किसी क्रिया के होने की संभावना होने पर संभाव्य भविष्यत् काल होता है; जैसे–शायद प्रधानमंत्री राजस्थान आएँगे |
  1. हेतु हेतुमद् भविष्यत् काल आने वाले समय में जब कोई एक क्रिया दूसरी पर निर्भर होकर संपन्न होगी तो उसे हेतु हेतुमद् भविष्यत् काल कहते हैं; जैसे–यदि तुम मेहनत करोगे तो सफलता प्राप्त करोगे |

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