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सर्वनाम परिभाषा, भेद और उदाहरण Sarvnam Ki Paribhasha

सर्वनाम किसे कहते हैं?

परिभाषा : “संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।”

  • ये किसी भी संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जा सकते हैं, इसलिए हर भाषा में इनकी संख्या थोड़ी ही होती है; जैसे – मैं, हम, तू, आप, यह, वह, जो, कोई, कुछ, कौन, क्या आदि।
  • सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर होता है, इसलिए संज्ञा के समान ही कारक के कारण इनमें विकार या परिवर्तन होता है; जैसे – हमने, हमको, हमसे, मैंने, मुझको, मुझसे आदि। इसे भी संज्ञा की तरह एकवचन या बहुवचन का रूप दिया जा सकता है।
  • संज्ञा के समान इनके साथ संबोधन का प्रयोग नहीं किया जा सकता।

Kinds of Sarvanam

सर्वनाम परिभाषा, भेद और उदाहरण Sarvnam Ki Paribhasha_40.1
सर्वनाम

सर्वनाम के भेद

सर्वनाम के निम्नलिखित छह भेद हैं :

हिंदी में मूलतः सर्वनाम 11 प्रकार के होते है, मै, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ, आदि। यदि हम प्रयोग की दृष्टि से देखते है तो सर्वनाम के 6 प्रकार होते है। जैसे की हमने नीचे दिए है और ये आपकी परीक्षा के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है, यदि आप उत्तर प्रदेश टेट, सीटेट, या किसी भी अध्यापक परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आप सभी को सर्वनाम को जरूर पढ़ना चाहिए,

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम (Definite Pronoun)
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
  4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
  6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)

1) पुरुषवाचक सर्वनाम

(Personal Pronoun) – जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई बात कहता है तो मुख्य रूप से तीन वाचक प्रयुक्त होते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई बात कहता है तो मुख्य रूप से तीन वाचक प्रयुक्त होते हैं। जो सर्वनाम बोलने और सुनाने के लिए उपयोग किये जाते है उन्हें पुरुष वाचक सर्वनाम कहते है। इस सर्वनाम के बहुत से उदहारण है जैसे मई तू वह आदि, इसको हम उदाहरण में समझ सकते है, उसने मुझे बोला था कि तुम पढ़ रही हो,

अगर हम इस वाक्य की बात करें तो इसमें तीन तरह के सर्वनाम प्रयोग किये गए है, उसने मुझे और तुम, इससे ये पता चलता है कि पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकाश के होते है, उदहारण के तौर पे नीचे दिए गए है इसके सभी भेद,

  1. वक्ता (बोलने वाला)
  2. श्रोता (सुनने वाला)
  3. अन्य (जिसके बारे में कहा जाता है)। 

इसी के आधार पर :

“जो सर्वनाम कहने वाले, सुनने वाले या जिसके विषय में कहा जाए उनका बोध कराते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।” इसके मुख्य तीन भेद हैं :

  1. उत्तम पुरुष,
  2. मध्यम पुरुष,
  3. अन्य पुरुष
  1. उत्तम पुरुष (First Person) : बोलने वाला या लिखने वाला व्यक्ति अपने लिए जिन सर्वनामों का प्रयोग करता है, वे ‘उत्तम पुरुष सर्वनाम’ कहलाते हैं; जैसे – मैं, हम, हमसब, हमलोग आदि।
  2. मध्यम पुरुष (Second Person) : जिसे संबोधित करके कुछ कहा जाए या जिससे बातें की जाएँ या जिसके बारे में कुछ लिखा जाए, उनके नाम के बदले में प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम ‘मध्यम पुरुष सर्वनाम’ कहलाते हैं| जैसे – तू, तुम, आप, आपलोग, आपसब।
  3. अन्य पुरुष (Third Person) : जिसके बारे में बात की जाए या कुछ लिखा जाए उनके नाम के बदले में प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम अन्य पुरुष सर्वनाम कहलाते हैं; जैसे – वे, वे लोग, ये, यह, आप।

2) निश्चयवाचक सर्वनाम

 जो सर्वनाम पास की या दूर की वस्तु या व्यक्ति की ओर निश्चित संकेत करते हैं, वे ‘निश्चयवाचक सर्वनाम’ कहलाते हैं। निश्चयवाचक सर्वनाम को संकेतवाचक सर्वनाम भी कहा जाता है, इसके बहुत से उदाहरण है और हम इस सर्वनाम को अपने दैनिक जीवन में बहुत ही उपयोग करते है। यदि आप टीचिंग एग्जाम कि तैयारी कर रहे है तो सर्वनाम से सम्बंधित बहुत से प्रश्न पूछे जाते है, इसके मुख्य दो प्रयोग हैं :

  1. निकट की वस्तुओं के लिए – यह, ये।
  2. दूर की वस्तुओं के लिए – वह, वे।

कुछ शब्द ऐसे होते हैं, जो निश्चयवाचक सर्वनाम तथा पुरुषवाचक सर्वनाम दोनों प्रकार से प्रयुक्त किए जा सकते हैं। इसलिए इनके प्रयोग में सावधानी बरतनी आवश्यक है; 

जैसे : रोहन कक्षा में प्रथम आया है, इसलिए उसे पुरस्कृत किया जाएगा।             (पुरुषवाचक सर्वनाम)

इस वर्ष भी उसी को पुरस्कृत किया जाएगा।                                                       (निश्चयवाचक सर्वनाम)

तुम कहाँ जा रहे हो?                                                                                           (पुरुषवाचक सर्वनाम)

तुम्हीं से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने की आशा की जा रही है।                               (निश्चयवाचक सर्वनाम)

3) अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम के प्रयोग से किसी निश्चित प्राणी या वस्तु का बोध न हो, वे ‘अनिश्चयवाचक सर्वनाम’ कहलाते हैं; जैसे – कोई, कुछ। ‘कोई’ सर्वनाम का प्रयोग प्रायः प्राणीवाचक सर्वनाम के लिए होता है; जैसे – कोई तुम्हें बुला रहा है, और ‘कुछ’ सर्वनाम का प्रयोग वस्तु या अप्राणीवाचक के लिए होता है; जैसे – कुछ सेब यहाँ पड़े हैं। कहीं, किसी, कुछ आदि अनिश्चयवाचक सर्वनाम शब्द हैं।

अनिश्चितवाचक सर्वनाम के प्रमुख उदाहरण निम्न है,

  • आपको कोई बुला रहा है
  • उसकी कुछ समस्या है
  • कोई आ रहा है
  • कुछ सेब यहाँ पड़े हैं।

4) संबंधवाचक सर्वनाम

वाक्य में प्रयुक्त दूसरे संज्ञा या सर्वनाम शब्दों से संबंध दिखाने वाले सर्वनाम ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ कहलाते हैं। जैसे – जो, सो, जिसने, उसने, जहाँ, वहाँ आदि भी संबंधवाचक सर्वनाम शब्द हैं। अन्य शब्दों में

जो सर्वनाम किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से सम्बन्ध दिखाने के लिए उपयोग किये जाते है उन्हें सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते है, उदाहरण के तौर पर जो करेगा सो भरेगा इस वाक्य में जो शब्द सम्बन्ध वाचक सर्वनाम है,

  • जो सोएगा, सो खोएगा।
  • जो करेगा, सो भरेगा।
  • जिसकी लाठी, उसकी भैंस
  • जो सत्य बोलता है, वह नहीं डरता।
  • जो आया है, सो जाएगा।

इस तरह से आप सम्बन्धवाचक सर्वनाम को आसानी से समझ सकते है,

5) प्रश्नवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए होता है, उसे ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’ कहते हैं; जैसे – कौन, किन्हें, किस आदि प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं। कौन, क्या, कैसे और कहा आदि शब्द प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते है?

  • वहाँ सीढ़ियों में कौन खड़ा है?
  • आज तुमने क्या खाया?
  • कल तुम किससे बातें कर रहे थे?
  • आप कहा जा रहे हो?
  • क्या आपके पास कोई किताब है?
  • तुम कौन सा खाना पसंद करते हो?
  • इस काम को किसने किया है?

इन सर्वनामों में ‘कौन’ तथा ‘किससे’ प्राणीवाचक के लिए प्रयुक्त हुए हैं तथा ‘क्या’ अप्राणीवाचक के लिए।

6) निजवाचक सर्वनाम

इसके अंतर्गत वे सर्वनाम आते हैं, जिनका प्रयोग वक्ता या लेखक स्वयं अपने लिए करते हैं। इस प्रकार – ”वक्ता या लेखक जिन सर्वनाम शब्दों का बोध कराता है और अपने लिए जिनका प्रयोग करता है, उन्हें ‘निजवाचक सर्वनाम’ कहते हैं; जैसे: आप, अपने – आप, खुद, निज, स्वतः, स्वयं।

  • हमें अपना काम अपने – आप करना चाहिए।
  • स्वयं के लिए जीना व्यर्थ है।
  • वह स्वतः ही जान जाएगा।
  • मैं अपने – आप चला जाऊँगा।

सर्वनाम शब्दों की रूप रचना

मैं ( उत्तम पुरुष) पुरुषवाचक सर्वनाम

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता मैं, मैंने हम, हमने, हम लोग, हम लोगों ने
कर्म मुझे, मुझको हमें, हमको, हम लोगों को
करण मुझसे, मेरे द्वारा हमसे, हमारे द्वारा, हम लोगों से
संप्रदान मुझे, मुझको, मेरे लिए, हमको, हमारे लिए, हमें, हम लोगों के लिए
अपादान मुझसे हमसे, हम लोगों से
संबंध मेरा, मेरी, मेरे हमारा, हमारी, हमारे
अधिकरण मुझमें, मुझ पर हममें, हम पर

तू (मध्यम पुरुष) पुरुषवाचक सर्वनाम

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता तू, तूने तुम, तुमने, तुम लोग, तुम लोगों ने
कर्म तुझे, तुझको तुम्हें, तुमको, तुम लोगों को
करण तुझसे, तेरे द्वारा तुमसे, तुम्हारे द्वारा, तुम लोगों से
संप्रदान तुझे, तेरे लिए तुम्हें, तुम्हारे लिए, तुम लोगों के लिए
अपादान तुझसे तुमसे, तुम लोगों से
संबंध तेरा, तेरी, तेरे तुम्हारा, तुम्हारी, तुम्हारे
अधिकरण तुझमें, तुझ पर तुम में, तुम पर

वह (अन्य पुरुष) पुरुषवाचक सर्वनाम

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता वह, उसने वे, उन्होंने, वे लोग, उन लोगों ने
कर्म उसे, उसको उन्हें, उनको, उन लोगों को
करण उससे, उसके द्वारा उनसे, उनके द्वारा, उन लोगों के द्वारा
संप्रदान उसे, उसके लिए उन्हें, उनके लिए
अपादान उससे उनसे, उन लोगों से
संबंध उसका, उसकी, उसके उनका, उनकी, उनके, उन लोगों का, की, के
अधिकरण उसमें, उस पर उनमें, उन पर, उन लोगों में, उन लोगों पर

यह (निश्चयवाचक सर्वनाम)

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता यह, इसने ये, इन्होंने, इन लोगों ने
कर्म इसे, इसको इन्हें, इनको, इन लोगों को
करण इससे, इसके द्वारा इनसे, इनके द्वारा, इन लोगों से, इन लोगों द्वारा
संप्रदान इसको, इसके लिए इन्हें, इनके लिए, इन लोगों के लिए
अपादान इससे इनसे, इन लोगों से
संबंध इसका, इसकी, इसके इनका, इनकी, इनके, इन लोगों का, की, के
अधिकरण इसमें, इस पर इनमें, इन पर, इन लोगों में, इन लोगों पर

कोई (अनिश्चयवाचक सर्वनाम)

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कोई, किसी ने किन्हीं ने
कर्म किसी को किन्हीं को
करण किसी से, किसी के द्वारा किन्हीं से, किन्हीं के द्वारा
संप्रदान किसी को, किसी के लिए किन्हीं को, किन्हीं के लिए
अपादान किसी से किन्हीं से
संबंध किसी का, की, के किन्हीं का, की, के
अधिकरण किसी में, किसी पर किन्हीं में, किन्हीं पर

कौन (प्रश्नवाचक सर्वनाम)

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कौन, किसने किन्होंने, किन लोगों ने
कर्म किसे, किसको किन्हें, किनको, किन लोगों को
करण किससे, किसके द्वारा किनसे, किनके द्वारा, किन लोगों से, किन लोगों द्वारा
संप्रदान किसको, किसके लिए किनको, किनके लिए, किन लोगों के लिए
अपादान किससे किनसे, किन लोगों से
संबंध किसका, किसकी, किसके किनका, किनकी, किनके, किन लोगों का, की, के
अधिकरण किसमें, किस पर किनमें, किन पर, किन लोगों में, किन लोगों पर

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