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विगत 15 संवैधानिक संशोधन

 

सिविल सेवा परीक्षा और ईपीएफओ प्रवर्तन अधिकारी सहित यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए नीचे दी गई सूची अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, यह विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं हेतु भी महत्वपूर्ण है।

 

संवैधानिक संशोधन प्रावधान
संविधान (90वां संशोधन) अधिनियम, 2003 बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र जिले से असम विधान सभा में अनुसूचित जनजातियों के पूर्ववर्ती प्रतिनिधित्व को बनाए रखने हेतु प्रावधानित किया गया (अनुच्छेद -332) (6) ।
संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2004 मंत्रिपरिषद (सीओएम) के आकार को 15 प्रतिशत विधायिका के सदस्यों तक सीमित कर दिया और दलबदल विरोधी कानूनों को सशक्तिकृत किया।
संविधान (92वां संशोधन) अधिनियम, 2004 बोडो, डोगरी, संथाली एवं मैथिली को संविधान की 8वीं अनुसूची में आधिकारिक भाषाओं के रूप में समाविष्ट किया गया।
संविधान (93वां संशोधन) अधिनियम, 2006 सार्वजनिक तथा निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी हेतु 27% आरक्षण।
संविधान (94वां संशोधन) अधिनियम, 2006 नवनिर्मित झारखंड, मध्य प्रदेश एवं उड़ीसा सहित छत्तीसगढ़ राज्यों में एक जनजाति कल्याण मंत्री हेतु प्रावधान किया गया।
संविधान (95वां संशोधन) अधिनियम, 2010 लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए स्थानों के आरक्षण का विस्तार 60 वर्ष से 70  वर्ष करना।
संविधान (96वां संशोधन) अधिनियम, 2011 8वीं अनुसूची में उड़िया शब्द को ओडिया से प्रतिस्थापित कर दिया।
संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम, 2012 अनुच्छेद 19(l)(सी) में ” अथवा संघ” शब्द के पश्चात ” अथवा सहकारी समितियां” शब्द समाविष्ट किया गया  तथा सहकारी समितियों की अभिवृद्धि से संबंधित अनुच्छेद 43 बी समाविष्ट किया गया  एवं भाग-IX बी: सहकारी समितियां समाविष्ट किया गया। .
संविधान (98वां संशोधन) अधिनियम, 2013 कर्नाटक के राज्यपाल को हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए कदम उठाने हेतु प्राधिकृत  किया।
संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 मेंप्रावधान है राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का प्रावधान किया गया। (जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने अमान्य घोषित कर दिया था)।
संविधान (100वां संशोधन) अधिनियम, 2015 भारत और बांग्लादेश के मध्य भूमि सीमा समझौता (एलबीए)।
संविधान (101वां संशोधन) अधिनियम, 2017 देश में वस्तु एवं सेवा कर का प्रारंभ। जीएसटी परिषद को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
संविधान (102वां संशोधन) अधिनियम, 2018 एक नया अनुच्छेद 338 बी समाविष्ट किया गया एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया
संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 इसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ( ईडब्ल्यूएस)  हेतु अधिकतम 10% आरक्षण का प्रावधान किया।
संविधान (104वां संशोधन) अधिनियम, 2020 इसने लोकसभा  एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति  तथा अनुसूचित जनजाति के लिए  स्थानों के आरक्षण का विस्तार किया।

 

 

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