Table of Contents
हिंदी भाषा में ‘पक्षी’ का अर्थ होता है वह जीव जो पंखों से युक्त होता है और उड़ सकता है। पक्षी जीवों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी है जो पर्यावरण के संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। ‘पक्षी’ शब्द का प्रयोग न केवल उड़ने वाले जीवों के लिए होता है, बल्कि इसका प्रयोग कई साहित्यिक और सांस्कृतिक संदर्भों में भी होता है। इस लेख में हम ‘पक्षी’ के पर्यायवाची शब्दों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
पक्षी के पर्यायवाची शब्द
हिंदी भाषा में ‘पक्षी’ के कई पर्यायवाची शब्द होते हैं, जो विभिन्न संदर्भों में उपयोग किए जा सकते हैं। कुछ प्रमुख पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित हैं:
- खग
‘खग’ शब्द का उपयोग पक्षियों के लिए एक पर्यायवाची के रूप में किया जाता है। यह शब्द संस्कृत से उत्पन्न हुआ है और भारतीय साहित्य में प्राचीन काल से ही प्रयुक्त होता आ रहा है। - विहंग
‘विहंग’ भी संस्कृत से लिया गया एक शब्द है, जिसका अर्थ है आकाश में उड़ने वाला। इसका प्रयोग विशेषकर कविताओं और साहित्यिक रचनाओं में होता है। - द्विज
‘द्विज’ शब्द का अर्थ होता है ‘दूसरी बार जन्मा हुआ’। पक्षी अंडे से निकलते हैं, इसलिए उन्हें द्विज कहा जाता है। यह शब्द विशेषकर संस्कृत साहित्य में मिलता है। - चिर
‘चिर’ शब्द का प्रयोग पक्षी के लिए किया जाता है, हालांकि यह शब्द आम बोलचाल में कम ही सुनाई देता है। यह शब्द प्राचीन हिंदी साहित्य में पाया जाता है। -
पटंगी
‘पटंगी’ शब्द का अर्थ है वह जीव जो पंखों के सहारे उड़ता है। यह शब्द भी पक्षी का एक पर्यायवाची है और इसे कविताओं में अक्सर इस्तेमाल किया जाता है।
पक्षी के पर्यायवाची शब्द का वाक्यों में प्रयोग
नीचे दिए गए वाक्यों में ‘पक्षी’ के विभिन्न पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग किया गया है:
- खग: खग आकाश में ऊंची उड़ान भरते हुए दिख रहे थे।
- विहंग: सुबह-सुबह विहंग की चहचहाहट से वातावरण खुशनुमा हो गया।
- द्विज: द्विज को अपने घोंसले में वापस लौटते देखना बहुत आनंददायक था।
- चिर: जंगल में कई तरह के चिर विचरण कर रहे थे।
- पंखी: पंखी अपने पंखों को फैला कर उड़ान भर रहा था।
- पटंगी: पटंगी आकाश में स्वतंत्रता से उड़ती है।
- पक्षिण: वृक्ष पर बैठे पक्षिण गीत गा रहे थे।
- विहग: विहग अपने घोंसले के पास मंडरा रहे थे।
- नभचर: नभचर पूरे दिन आकाश में मँडराते रहते हैं।
- अंडज: अंडज अपने अंडों को सुरक्षित रखने के लिए घोंसले बनाते हैं।
- गगनचारी: पर्वत की ऊंचाई पर गगनचारी पक्षियों का झुंड देखा गया।
- वायस: वायस का कर्कश स्वर अक्सर सुनाई देता है।
- फड़फड़िया: फड़फड़िया अपने पंखों को फड़फड़ाकर पेड़ की शाखा से उड़ गया।
- गरुड: गरुड को भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है।
- ताराचर: ताराचर आकाश में सितारों के बीच उड़ते दिखाई दिए।









UP TGT Syllabus 2026 Subject Wise (Offic...
Haryana HTET Exam 2026 Postponed Once Ag...
EMRS Guest Teacher Recruitment Rules 202...




