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काल (Tense) à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वà¥à¤¯à¤¾à¤•रणिक ततà¥à¤µ है, जो यह बताता है कि कोई कारà¥à¤¯ कब हà¥à¤†, हो रहा है, या होगा। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के समय को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है और वाकà¥à¤¯ की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ में योगदान करता है। हिंदी à¤à¤¾à¤·à¤¾ में काल का सही जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संवाद की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।
Kal Kise Kahte Hai?
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके होने का समय का पता चलता है, उसे काल कहते हैं। काल की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया जा सकता है:
- कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के समय का बोध: काल यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है कि कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, अतीत में, या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में हो रही है।
- विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार: काल मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तीन पà¥à¤°à¤•ारों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होता है – वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल, à¤à¥‚तकाल, और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ काल। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¥€à¤¤à¤°, कारà¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उप-पà¥à¤°à¤•ार होते हैं।
- संवाद की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾: सही काल का चयन संवाद में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ लाता है। यह बताता है कि कारà¥à¤¯ कब हà¥à¤†, जिससे पाठक या शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾ को सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सही आà¤à¤¾à¤¸ होता है।
- à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤ˆ संरचना: काल à¤à¤¾à¤·à¤¾ की संरचना का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है, जो वाकà¥à¤¯ की अरà¥à¤¥à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।
- सामाजिक संदरà¥à¤: काल का सही उपयोग विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संदरà¥à¤à¥‹à¤‚ में विचारों को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने में मदद करता है, जैसे कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त अनà¥à¤à¤µ, घटनाà¤à¤, या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की योजनाà¤à¤à¥¤
काल के à¤à¥‡à¤¦
काल के तीन à¤à¥‡à¤¦ होते हैं-
- à¤à¥‚तकाल
- वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
- à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के हो जाने का पता चलता है, उसे à¤à¥‚तकाल कहते है हैं। जैसे- अमरेंदà¥à¤° चितà¥à¤¤à¥Œà¥œà¤—ॠगया था, यà¥à¤µà¤•ों ने गीत गाठथे।
à¤à¥‚तकाल के à¤à¥‡à¤¦Â
à¤à¥‚तकाल के छह à¤à¥‡à¤¦ होते हैं-
- (क)सामानà¥à¤¯ à¤à¥‚तकाल
- (ख) आसनà¥à¤¨ à¤à¥‚तकाल
- (ग) पूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल
- (घ)अपूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल
- (ड़) संदिगà¥à¤§ à¤à¥‚तकाल
- (च) हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ à¤à¥‚तकाल
(क)सामानà¥à¤¯ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के सामानà¥à¤¯ रूप में à¤à¥‚तकाल में होने का पता चलता हैं, उसे सामानà¥à¤¯ à¤à¥‚तकाल कहते हैं। जैसे- राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ ने साहितà¥à¤¯à¤•ारों को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत किया।,,महिलाओं ने लोकगीत गाà¤à¥¤,,कà¥à¤²à¥€ ने सामान उठाया।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ सामानà¥à¤¯ रूप में बीते हà¥à¤ समय में हà¥à¤ˆà¥¤ अतः ये सामानà¥à¤¯ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(ख) आसनà¥à¤¨ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके कà¥à¤› ही समय पहले पूरा होने का पता चलता है, उसे आसनà¥à¤¨ à¤à¥‚तकाल कहते हैं। ‘आसनà¥à¤¨â€™ का अरà¥à¤¥ निकट होता है। आसनà¥à¤¨ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में हà¤à¥‚, है, हैं और हो लगता है। जैसे- नीता à¤à¥‹à¤œà¤¨ करके आई है।,,मैं नहाकर आया हà¤à¥‚।,,हम बस से पहà¥à¤à¤šà¥‡ हैं।,,नकà¥à¤², कहाठसे आठहो?
आई है, आया हà¥à¤, पहà¥à¤à¤šà¥‡ हैं और आठहो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ अà¤à¥€ अà¤à¥€ पूरà¥à¤£ हà¥à¤ˆ हैं। इसलिठये आसनà¥à¤¨ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं
(ग) पूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके बहà¥à¤¤ पहले पूरà¥à¤£ हो जाने का पता चलता है, उसे पूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल कहते है। जैसे- राम ने रावण को मारा था।, दà¥à¤•ान बंद हो चà¥à¤•ी थी।, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• ने कविता पà¥à¤¾à¤ˆ थी।, गांधी जी ने सतà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ आंदोलन चलाया था।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं- मारा था, पà¥à¤¾à¤ˆ थी, हो चà¥à¤•ी थी और चलाया था से उनके à¤à¥‚तकाल में पूरà¥à¤£ हो जाने का पता चलता है। ये पूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(घ) अपूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ के जिस रूप से उसके बीत चà¥à¤•े समय में आरंठहोकर अà¤à¥€ पूरा न होने का पता चलता है, उसे अपूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल कहते हैं। जैसेै- सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ बिक रही थीं।, धà¥à¤°à¥à¤µ नाच रहा था।, परीकà¥à¤·à¤¾ चल रही थीं।
बिक रही थीं, चल रही थी, नाच रहा था, डूब रहा था- इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से कारà¥à¤¯ के अतीत में आरंठहोकर अà¤à¥€ पूरा न होने का पता चलता है। ये अपूरà¥à¤£ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(ड़) संदिगà¥à¤§ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके à¤à¥‚तकाल में पूरा होने में संदेह होता है, उसे संदिगà¥à¤§ à¤à¥‚तकाल कहते हैं जैसे- à¤à¥ˆà¤¯à¤¾ मंà¥à¤—ेर पहà¥à¤à¤šà¥‡à¤¯ चà¥à¤•े होंगे।, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¿à¤•ाà¤à¤ पà¥à¤¾ चà¥à¤•ी होंगी।, छातà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ में छातà¥à¤° सो गठहोंगे।, कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ बरतन माà¤à¤œ चà¥à¤•ी होगी।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं-पहà¥à¤à¤š चà¥à¤•े होंगे, सो गठहोंगे, पà¥à¤¾ चà¥à¤•ी होंगी, माà¤à¤œ चà¥à¤•ी होगी से à¤à¥‚तकाल में काम के पूरा होने में संदेह है। अतः ये संदिगà¥à¤§ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(च) हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ à¤à¥‚तकाल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके à¤à¥‚तकाल में किसी कारणवश पूरा न हो सकने का पता चलता है, उसे हेतà¥-हेतà¥à¤®à¤¦Â à¤à¥‚तकाल कहते हैं। जैसे- यदि रà¥à¤ªà¤ होते तो मैं कंपà¥à¤¯à¥‚टर खरीद लेती।, यदि तैयारी की होती तो वह अचà¥à¤›à¥‡ अंक पा लेता।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूसरी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° है। यदि पहली कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ à¤à¥‚तकाल में होतीं तो दूसरी à¤à¥€ हो जातीं। ये हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ à¤à¥‚तकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में होने का पता चलता है, उसे वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- पंडित अयोधà¥à¤¯à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ पूजा करा रहे हैं, जानकीदास जनकपà¥à¤°à¥€ में रहते है।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के à¤à¥‡à¤¦
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के तीन à¤à¥‡à¤¦ होते हैं:
- (क) सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
- (ख) अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
- (ग) संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
(क) सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
जो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ से सामानà¥à¤¯ रूप से होती है, उसे सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- देवेंदà¥à¤° मिठाई खाता है।,,माली घास काटता है।,नानी पूरा करती हैं।,,गाय दूध देती है।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ खाता है, काटता है, करती हैं, देती हैं सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(ख) अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
जो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में हो रही होती है, यानी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संपनà¥à¤¨ नहीं हà¥à¤ˆ है, उसे अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- तोता अमरूद खा रहा है।,बचà¥à¤šà¤¾ रो रहा है।, सिपाही मोटरसाइकिल चला रहा है।, मदन पान बेच रहा है।
खा रहा है, चला रहा है, रो रहा है, बेच रहा है,- ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल में हो रही है। ये अà¤à¥€ पूरà¥à¤£ यनहीं हà¥à¤ˆ, इसलिठये अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कि कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ है।
(ग) संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
जिस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में होने में संदेह होता है, उसे संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- नारायण नाशà¥à¤¤à¤¾ कर रहा होगा।, मोनिका कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में बैठी होगी।, बकà¥à¤¶à¥€ पतà¥à¤° लिख रहा होगा।, बचà¥à¤šà¥‡ पतंग उड़ा रहे होंगे।
कर रहा होगा, लिख रहा होगा, बैठी होगी, और उड़ा रहे होंगे- इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के होने में संदेह हैं अतः ये संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में होने का पता चलता हैं, उसे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल कहते हैं। जैसे- हम सब à¤à¤• साथ चलेंगे।, लड़के फà¥à¤Ÿà¤¬à¤¾à¤² खेलेंगे।
चलेंगे और खेलेंगे कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में होंगी। अतः ये à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ है।
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल के à¤à¥‡à¤¦
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल के दो à¤à¥‡à¤¦ होते हैं-
- (क) सामानà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
- (ख) संà¤à¤¾à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
(क) सामानà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में सामानà¥à¤¯ ढंग से होने का पता चलता है, उसे सामानà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल कहते है। जैसे- वैà¤à¤µ दादी जी के साथ जाà¤à¤—ा।, जीवन हिंदी में निबंध लिखेगा।, महिलाà¤à¤ कà¥à¤à¤ से पानी à¤à¤°à¥‡à¤‚गी।, दीपू जूते पाॅलिश करेगा।
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में आठशबà¥à¤¦ जाà¤à¤—ा, लिखेगा, à¤à¤°à¤‚ेगी, तथा करेगा à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में सामानà¥à¤¯ रूप से कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के होने की सूचना देते हैं। यें सामानà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
(ख) संà¤à¤¾à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾Â का पता चलता है, उसे संà¤à¤¾à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल कहते है।  जैसे- मौसी शायद खिलौने लाà¤à¥¤, संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ सूरज निकल आà¤à¥¤, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• शायद कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤à¥¤, शायद पड़ोसी से समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हो जाà¤à¥¤
इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं- लाà¤, सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤ निकल आà¤, हो जाà¤- के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इनके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से होंगी, à¤à¤¸à¤¾ नहीं कहा जा सकता। इसलिठये संà¤à¤¾à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।
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