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काल- परिभाषा, भेद, उदाहरण Kaal Kise Kahte Hai?

काल (Tense) à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वà¥à¤¯à¤¾à¤•रणिक ततà¥à¤µ है, जो यह बताता है कि कोई कारà¥à¤¯ कब हà¥à¤†, हो रहा है, या होगा। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के समय को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है और वाकà¥à¤¯ की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ में योगदान करता है। हिंदी भाषा में काल का सही जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संवाद की पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।

Kal Kise Kahte Hai?

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके होने का समय का पता चलता है, उसे काल कहते हैं। काल की परिभाषा को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया जा सकता है:

  1. कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के समय का बोध: काल यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है कि कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, अतीत में, या भविषà¥à¤¯ में हो रही है।
  2. विभिनà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार: काल मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तीन पà¥à¤°à¤•ारों में विभाजित होता है – वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल, भूतकाल, और भविषà¥à¤¯ काल। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤•ार के भीतर, कारà¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विभिनà¥à¤¨ उप-पà¥à¤°à¤•ार होते हैं।
  3. संवाद की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾: सही काल का चयन संवाद में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ लाता है। यह बताता है कि कारà¥à¤¯ कब हà¥à¤†, जिससे पाठक या शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾ को सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सही आभास होता है।
  4. भाषाई संरचना: काल भाषा की संरचना का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है, जो वाकà¥à¤¯ की अरà¥à¤¥à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।
  5. सामाजिक संदरà¥à¤­: काल का सही उपयोग विभिनà¥à¤¨ संदरà¥à¤­à¥‹à¤‚ में विचारों को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने में मदद करता है, जैसे कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त अनà¥à¤­à¤µ, घटनाà¤à¤, या भविषà¥à¤¯ की योजनाà¤à¤à¥¤

काल के भेद

काल के तीन भेद होते हैं-

  1. भूतकाल
  2. वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
  3. भविषà¥à¤¯à¤¤ काल

भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के हो जाने का पता चलता है, उसे भूतकाल कहते है हैं। जैसे- अमरेंदà¥à¤° चितà¥à¤¤à¥Œà¥œà¤—ॠगया था, यà¥à¤µà¤•ों ने गीत गाठथे।

भूतकाल के भेद 

भूतकाल के छह भेद होते हैं-

  • (क)सामानà¥à¤¯ भूतकाल
  • (ख) आसनà¥à¤¨ भूतकाल
  • (ग) पूरà¥à¤£ भूतकाल
  • (घ)अपूरà¥à¤£ भूतकाल
  • (ड़) संदिगà¥à¤§ भूतकाल
  • (च) हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ भूतकाल

(क)सामानà¥à¤¯ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के सामानà¥à¤¯ रूप में भूतकाल में होने का पता चलता हैं, उसे सामानà¥à¤¯ भूतकाल कहते हैं। जैसे- राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ ने साहितà¥à¤¯à¤•ारों को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत किया।,,महिलाओं ने लोकगीत गाà¤à¥¤,,कà¥à¤²à¥€ ने सामान उठाया।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ सामानà¥à¤¯ रूप में बीते हà¥à¤ समय में हà¥à¤ˆà¥¤ अतः ये सामानà¥à¤¯ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(ख) आसनà¥à¤¨ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके कà¥à¤› ही समय पहले पूरा होने का पता चलता है, उसे आसनà¥à¤¨ भूतकाल कहते हैं। ‘आसनà¥à¤¨â€™ का अरà¥à¤¥ निकट होता है। आसनà¥à¤¨ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में हà¤à¥‚, है, हैं और हो लगता है। जैसे- नीता भोजन करके आई है।,,मैं नहाकर आया हà¤à¥‚।,,हम बस से पहà¥à¤à¤šà¥‡ हैं।,,नकà¥à¤², कहाठसे आठहो?

आई है, आया हà¥à¤, पहà¥à¤à¤šà¥‡ हैं और आठहो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ अभी अभी पूरà¥à¤£ हà¥à¤ˆ हैं। इसलिठये आसनà¥à¤¨ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं

(ग) पूरà¥à¤£ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके बहà¥à¤¤ पहले पूरà¥à¤£ हो जाने का पता चलता है, उसे पूरà¥à¤£ भूतकाल कहते है। जैसे- राम ने रावण को मारा था।, दà¥à¤•ान बंद हो चà¥à¤•ी थी।, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• ने कविता पà¥à¤¾à¤ˆ थी।, गांधी जी ने सतà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ आंदोलन चलाया था।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं- मारा था, पà¥à¤¾à¤ˆ थी, हो चà¥à¤•ी थी और चलाया था से उनके भूतकाल में पूरà¥à¤£ हो जाने का पता चलता है। ये पूरà¥à¤£ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(घ) अपूरà¥à¤£ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ के जिस रूप से उसके बीत चà¥à¤•े समय में आरंभ होकर अभी पूरा न होने का पता चलता है, उसे अपूरà¥à¤£ भूतकाल कहते हैं। जैसेै- सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ बिक रही थीं।, धà¥à¤°à¥à¤µ नाच रहा था।, परीकà¥à¤·à¤¾ चल रही थीं।

बिक रही थीं, चल रही थी, नाच रहा था, डूब रहा था- इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से कारà¥à¤¯ के अतीत में आरंभ होकर अभी पूरा न होने का पता चलता है। ये अपूरà¥à¤£ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(ड़) संदिगà¥à¤§ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके भूतकाल में पूरा होने में संदेह होता है, उसे संदिगà¥à¤§ भूतकाल कहते हैं जैसे- भैया मंà¥à¤—ेर पहà¥à¤à¤šà¥‡à¤¯ चà¥à¤•े होंगे।, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¿à¤•ाà¤à¤ पà¥à¤¾ चà¥à¤•ी होंगी।, छातà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ में छातà¥à¤° सो गठहोंगे।, कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ बरतन माà¤à¤œ चà¥à¤•ी होगी।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं-पहà¥à¤à¤š चà¥à¤•े होंगे, सो गठहोंगे, पà¥à¤¾ चà¥à¤•ी होंगी, माà¤à¤œ चà¥à¤•ी होगी से भूतकाल में काम के पूरा होने में संदेह है। अतः ये संदिगà¥à¤§ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(च) हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ भूतकाल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके भूतकाल में किसी कारणवश पूरा न हो सकने का पता चलता है, उसे हेतà¥-हेतà¥à¤®à¤¦Â  भूतकाल कहते हैं। जैसे- यदि रà¥à¤ªà¤ होते तो मैं कंपà¥à¤¯à¥‚टर खरीद लेती।, यदि तैयारी की होती तो वह अचà¥à¤›à¥‡ अंक पा लेता।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूसरी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर निरà¥à¤­à¤° है। यदि पहली कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ भूतकाल में होतीं तो दूसरी भी हो जातीं। ये हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ भूतकाल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में होने का पता चलता है, उसे वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- पंडित अयोधà¥à¤¯à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ पूजा करा रहे हैं, जानकीदास जनकपà¥à¤°à¥€ में रहते है।

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के भेद

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के तीन भेद होते हैं:

  • (क) सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
  • (ख) अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
  • (ग) संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

(क) सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

जो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ से सामानà¥à¤¯ रूप से होती है, उसे सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- देवेंदà¥à¤° मिठाई खाता है।,,माली घास काटता है।,नानी पूरा करती हैं।,,गाय दूध  देती है।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ खाता है, काटता है, करती हैं, देती हैं सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(ख) अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

जो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में हो रही होती है, यानी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संपनà¥à¤¨ नहीं हà¥à¤ˆ है, उसे अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- तोता अमरूद खा रहा है।,बचà¥à¤šà¤¾ रो रहा है।, सिपाही मोटरसाइकिल चला रहा है।, मदन पान बेच रहा है।

खा रहा है, चला रहा है, रो रहा है, बेच रहा है,- ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल में हो रही है। ये अभी पूरà¥à¤£ यनहीं हà¥à¤ˆ, इसलिठये अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कि कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ है।

(ग) संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

जिस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में होने में संदेह होता है, उसे संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल कहते हैं। जैसे- नारायण नाशà¥à¤¤à¤¾ कर रहा होगा।, मोनिका कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में बैठी होगी।, बकà¥à¤¶à¥€ पतà¥à¤° लिख रहा होगा।, बचà¥à¤šà¥‡ पतंग उड़ा रहे होंगे।

कर रहा होगा, लिख रहा होगा, बैठी होगी, और उड़ा रहे होंगे- इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के होने में संदेह हैं अतः ये संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

भविषà¥à¤¯à¤¤ काल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से कारà¥à¤¯ के भविषà¥à¤¯ में होने का पता चलता हैं, उसे भविषà¥à¤¯à¤¤ काल कहते हैं। जैसे- हम सब à¤à¤• साथ चलेंगे।, लड़के फà¥à¤Ÿà¤¬à¤¾à¤² खेलेंगे।

चलेंगे और खेलेंगे कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ भविषà¥à¤¯ में होंगी। अतः ये भविषà¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ है।

भविषà¥à¤¯à¤¤ काल के भेद

भविषà¥à¤¯à¤¤ काल के दो भेद होते हैं-

  • (क) सामानà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल
  • (ख) संभावà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल

(क) सामानà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके भविषà¥à¤¯ में सामानà¥à¤¯ ढंग से होने का पता चलता है, उसे सामानà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल कहते है। जैसे- वैभव दादी जी के साथ जाà¤à¤—ा।, जीवन हिंदी में निबंध लिखेगा।, महिलाà¤à¤ कà¥à¤à¤ से पानी भरेंगी।, दीपू जूते पाॅलिश करेगा।

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में आठशबà¥à¤¦ जाà¤à¤—ा, लिखेगा, भरंेगी, तथा करेगा भविषà¥à¤¯ में सामानà¥à¤¯ रूप से कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के होने की सूचना देते हैं। यें सामानà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

(ख) संभावà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल

कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस रूप से उसके भविषà¥à¤¯ में होने की संभावना  का पता चलता है, उसे संभावà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल कहते है।  जैसे- मौसी शायद खिलौने लाà¤à¥¤, संभवतः सूरज निकल आà¤à¥¤, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• शायद कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤à¥¤, शायद पड़ोसी से समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हो जाà¤à¥¤

इन वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं- लाà¤, सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤ निकल आà¤, हो जाà¤- के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इनके भविषà¥à¤¯ में होने की संभावना है। ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से होंगी, à¤à¤¸à¤¾ नहीं कहा जा सकता। इसलिठये संभावà¥à¤¯ भविषà¥à¤¯à¤¤ काल की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ हैं।

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काल

काल किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं उदाहरण सहित?

काल की परिभाषा
काल से तातà¥à¤ªà¤°à¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के समय से है। यह बताता है कि कारà¥à¤¯ भूतकाल, वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨à¤•ाल या भविषà¥à¤¯à¤•ाल में हो रहा है।

काल के भेद
भूतकाल: जब कारà¥à¤¯ पहले हो चà¥à¤•ा हो।

उदाहरण: मैंने खाना खाया।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨à¤•ाल: जब कारà¥à¤¯ अभी हो रहा हो।

उदाहरण: मैं खाना खा रहा हूà¤à¥¤
भविषà¥à¤¯à¤•ाल: जब कारà¥à¤¯ आगे होगा।

उदाहरण: मैं खाना खाऊà¤à¤—ा।

काल की परिभाषा कà¥à¤¯à¤¾ है?

काल का अरà¥à¤¥ समय होता है। वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण में, काल वह शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ है जो यह बताती है कि कोई कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ किस समय घटित हà¥à¤ˆ है - भूतकाल (पिछला समय), वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨à¤•ाल (अब का समय), या भविषà¥à¤¯à¤•ाल (आने वाला समय)। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के घटित होने के समय को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¨à¥‡ का साधन है।

भूतकाल के कितने भेद हैं उदाहरण सहित लिखि�

भूतकाल के छह भेद होते हैं-

(क)सामानà¥à¤¯ भूतकाल
(ख) आसनà¥à¤¨ भूतकाल
(ग) पूरà¥à¤£ भूतकाल
(घ)अपूरà¥à¤£ भूतकाल
(ड़) संदिगà¥à¤§ भूतकाल
(च) हेतà¥à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤®à¤¦ भूतकाल

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के कितने भेद होते हैं?

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल के तीन भेद होते हैं:

(क) सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
(ख) अपूरà¥à¤£ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल
(ग) संदिगà¥à¤§ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ काल

अपूरà¥à¤£ काल का उदाहरण कà¥à¤¯à¤¾ है?

अपूरà¥à¤£ भूतकाल में कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अतीत में हो रही थी, लेकिन यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं होता कि वह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी हà¥à¤ˆ या नहीं।

उदाहरण:

जब मैं पहà¥à¤à¤šà¤¾, वह पढ़ रहा था।
बारिश हो रही थी।

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As a Team Leader at Adda247, I lead content creation efforts tailored to National and State-level government exams, with a specialized focus on the Teaching-UGC domain. Every article I develop is designed to inform, engage, and motivate aspirants on their path to success. At the heart of my role lies a commitment to ensuring our work reflects Adda247’s passion for educational excellence and serves as a stepping stone for students chasing their dreams.

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